शरणागत (वृंदावनलाल वर्मा): ठाकुर का शरण-धर्म और उसके चरित्र की जटिलता
Updated 18 October 2026 · Fact-checked
'शरणागत' में गरीब ठाकुर दाऊजू, जो चोरी-छिपे डाके डलवाता है, कसाई रज्जब को रात भर शरण देता है और बाद में रास्ते में अपने ही साथियों से उसकी रक्षा करता है: 'बुंदेला शरणागत के साथ घात नहीं करता।' इस प्रकार कहानी मनुष्य के चरित्र की जटिलता और शरणागत-रक्षा के धर्म को दिखाती है।
ठाकुर में घृणा और लोकभय हैं, पर अंत में शरण-धर्म जीतता है: बुंदेला शरणागत के साथ घात नहीं करता।
Illustration drawn for QuestionBuddy.
Understand ठाकुर का शरण-धर्म और चरित्र की जटिलता (शरणागत)
शरण की खोज। ललितपुर का कसाई रज्जब पत्नी के साथ मड़पुरा गाँव में रात बिताना चाहता है; पत्नी को बुखार है। गाँव के लोग बदनामी के डर से उसे ठहरने नहीं देते।
ठाकुर की शरण। अंत में वह एक गरीब ठाकुर के द्वार पहुँचता है, जिसे लोग डर से 'राजा' कहते हैं। कसाई सुनकर ठाकुर कठोर हो जाता है, पर जब रज्जब कहता है 'यह राजा का घर है, इसलिए शरण में आया हुआ है', तो वह नरम पड़ जाता है और उसे पौर के कोने में रात भर ठहरने देता है।
रात में। ठाकुर के साथी बताते हैं कि वे कसाई को कल लूटेंगे। ठाकुर कहता है 'कसाई का पैसा न छुएँगे' और उन्हें टाल देता है।
सुबह। पत्नी चल नहीं पाती, तो ठाकुर लोकमत के डर से रज्जब को बाहर कर देता है।
लूट और रक्षा। अँधेरे में लठैत गाड़ी रोकते हैं। एक रज्जब की छाती पर लाठी अड़ाकर रुपये माँगता है। तब नीचे खड़ा वही ठाकुर कड़ककर कहता है 'खबरदार, जो उसे छुआ', और बताता है कि वह उसकी शरण आया था। वह सबको घर भेज देता है और कहता है 'परंतु बुंदेला शरणागत के साथ घात नहीं करता, इस बात को गाँठ बाँध लेना।'
चरित्र की जटिलता। ठाकुर किसानों से पेशगी लगान वसूलता और डाके डलवाता है, पर वचन और धर्म का पक्का है। उसमें घृणा, लोकमत का भय और शरण-धर्म साथ-साथ हैं.
Key quotations
Short lines worth knowing by heart: who says them, when, and why they matter.
यह राजा का घर है, इसलिए शरण में आया हुआ है।
रज्जब: ठाकुर के कठोर प्रश्न के उत्तर में।
इसी वाक्य से ठाकुर का शरण-धर्म जाग उठता है।
कसाई का पैसा न छुएँगे।
ठाकुर: रात में साथियों से।
घृणा भी और अपना नियम भी।
खबरदार, जो उसे छुआ।
ठाकुर: रज्जब को लूटने पर अड़े साथी से।
शरणागत की रक्षा के लिए अपने साथियों के विरुद्ध खड़ा होना।
परंतु बुंदेला शरणागत के साथ घात नहीं करता, इस बात को गाँठ बाँध लेना।
ठाकुर (दाऊजू): कहानी की अंतिम पंक्ति।
केंद्रीय संदेश।
ठाकुर का शरण-धर्म और चरित्र की जटिलता (शरणागत): key facts
- ठाकुर के कार्य
- घृणा, पर शरण
- साथियों को टालना
- सुबह निकालना
- रास्ते में रक्षा
- क्रम से लिखें।
- चरित्र के विरोधी पक्ष
- डाके डलवाता है
- शरण-धर्म निभाता है
- लोकमत से डरता है
- साथियों से भिड़ता है
- जटिलता सिद्ध करने के लिए।
- संदेश
- शरणागत-रक्षा धर्म
- मानवता
- भेदभाव का विरोध
- निष्कर्ष में।
How to answer ठाकुर का शरण-धर्म और चरित्र की जटिलता (शरणागत) questions
ठाकुर के चरित्र या संदेश वाले प्रश्न में यह क्रम अपनाएँ।
- 1रज्जब की स्थिति लिखें।
- 2शरण देने का प्रसंग बताएँ।
- 3रात का संवाद और सुबह निकालना लिखें।
- 4अंतिम रक्षा का दृश्य बताएँ।
- 5चरित्र की जटिलता और संदेश से निष्कर्ष दें।
ठाकुर का शरण-धर्म और चरित्र की जटिलता (शरणागत) in real life
The idea, met in an everyday situation. Answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.
नियम निभाने वाला व्यक्ति और उसके विरोध
मान लीजिए गाँव का एक दबंग व्यक्ति कई गलत काम करता है, पर जब कोई अजनबी उससे शरण माँगता है तो वह उसे बचाने के लिए अपने साथियों से भी टकरा जाता है।
यह व्यक्ति ठाकुर से कैसे मिलता है?
Try it first, then show the solutionSolution
- गलत काम करता है।
- शरण-धर्म निभाता है।
- साथियों का विरोध सहता है।
Answer: ठाकुर की तरह उसके चरित्र में अच्छाई और बुराई साथ-साथ हैं, इसलिए उसे केवल बुरा या केवल अच्छा नहीं कहा जा सकता।
Memory hook: एक ही मनुष्य में दोनों रंग।
Tricks to remember ठाकुर का शरण-धर्म और चरित्र की जटिलता (शरणागत)
Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.
श-सा-नि-र
शरण, साथियों को टालना, निकालना, रक्षा।
Use it when: ठाकुर के कार्यों का क्रम।
गाँठ बाँध लेना
अंतिम पंक्ति में संदेश का सूत्र।
Use it when: केंद्रीय कथन की याद।
ठाकुर का शरण-धर्म और चरित्र की जटिलता (शरणागत): solved examples
Ordered from board level to HOTS. Try each one before you open the solution.
Example 1: शरण का कारण · 1 mark · MCQBoard level
ठाकुर रज्जब को शरण देने के लिए नरम कब पड़ता है? (क) पैसे देखकर (ख) जब रज्जब कहता है कि यह राजा का घर है (ग) पत्नी की बीमारी सुनकर (घ) गाँव वालों के कहने पर
Try it first, then show the solutionSolution
- कहानी में रज्जब के यह कहने पर कि यह राजा का घर है, ठाकुर नरम पड़ जाता है।
Answer: (ख)
Example 2: लोग ठाकुर को क्या कहते हैं · 1 mark · Very short answerBoard level
गाँव के लोग डर से ठाकुर को किस नाम से पुकारते हैं?
Try it first, then show the solutionSolution
- कहानी में गाँव के लोग डर से ठाकुर को 'राजा' कहते हैं।
Answer: राजा।
Example 3: रात का संवाद · 2 marks · Short answerHarder board level
रात में ठाकुर साथियों को लूट से कैसे रोकता है? (लगभग 40 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- साथी लूटने की योजना बताते हैं।
- ठाकुर कसाई का पैसा न छूने की बात कहता है।
Answer: साथी बताते हैं कि वे कसाई को अगले दिन लूटेंगे। ठाकुर कहता है कि कसाई का पैसा नहीं छुएँगे और इस तरह उन्हें टाल देता है।
Example 4: चरित्र-चित्रण · 5 marks · Long answerHarder board level
ठाकुर का चरित्र-चित्रण कीजिए। (लगभग 100 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- शरण-धर्म।
- डाके और लोकमत का भय।
- अंत में रक्षा।
Answer: ठाकुर गाँव का गरीब पर दबदबे वाला व्यक्ति है, जिसे लोग डर से 'राजा' कहते हैं। वह चोरी-छिपे डाके डलवाता है और लोकमत से डरकर सुबह रज्जब को निकाल देता है, पर शरण में आए को रात भर आश्रय देता है और अंत में अपने ही साथियों से उसकी रक्षा करता है। इस प्रकार वह रोबीला, निर्भीक और शरण-धर्म का पक्का है, पर उसके चरित्र में अच्छाई और बुराई साथ हैं।
Example 5: विरोधाभास · 5 marks · Long answerHOTS / competency
'ठाकुर डाके डलवाता है, फिर भी धर्म का रक्षक है।' इस विरोधाभास का कहानी में क्या प्रभाव है? (लगभग 100 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- जटिल चरित्र।
- पाठक को सोचने पर विवश।
- नैतिकता की जटिलता।
Answer: यह विरोधाभास ठाकुर को किसी एक साँचे में नहीं बैठने देता। पाठक को लगता है कि जो मनुष्य गलत काम करता है, वह भी अपने धर्म या वचन का पक्का हो सकता है। इससे कहानी नैतिकता की जटिलता दिखाती है और अंत में 'बुंदेला शरणागत के साथ घात नहीं करता' वाला कथन अधिक प्रभावी बनता है।
Where students lose marks in ठाकुर का शरण-धर्म और चरित्र की जटिलता (शरणागत)
The slips examiners see most often, and what to write instead.
Mistake: ठाकुर को केवल अच्छा या केवल बुरा बताना
उसका चरित्र जटिल है।
Wrong working
ठाकुर नेक है।
Right working
डाके भी, शरण-धर्म भी।
Do this: दोनों पक्ष लिखें।
Usually costs: 2 अंक
Mistake: अंतिम कथन गलत उद्धृत करना
केंद्रीय संदेश है।
Wrong working
ठाकुर शरणागत को नहीं मारता।
Right working
बुंदेला शरणागत के साथ घात नहीं करता।
Do this: सही पंक्ति याद करें।
Usually costs: 1 अंक
Mistake: सुबह निकालने का प्रसंग छोड़ना
चरित्र का दूसरा पक्ष है।
Wrong working
केवल रक्षा।
Right working
निकालना भी, रक्षा भी।
Do this: क्रम पूरा लिखें।
Usually costs: 1 से 2 अंक
Exam tips
- ठाकुर के दोनों पक्ष लिखें।
- अंतिम पंक्ति सही उद्धृत करें।
- रज्जब का वाक्य 'यह राजा का घर है' याद रखें।
- भेदभाव के संकेत जोड़ें।
- संदेश से उत्तर पूरा करें।
Practice questions on ठाकुर का शरण-धर्म और चरित्र की जटिलता (शरणागत)
Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.
Q1 · 1 mark · MCQBoard level
रज्जब कहाँ का कसाई है? (क) झाँसी (ख) ललितपुर (ग) मड़पुरा (घ) ओरछा
Hint
कहानी के आरंभ में रज्जब का परिचय।
Answer
(ख) ललितपुर।
Q2 · 1 mark · Very short answerBoard level
रज्जब ठहरने के लिए किस गाँव में जाता है?
Hint
मड़पुरा।
Answer
मड़पुरा गाँव।
Q3 · 2 marks · Short answerHarder board level
गाड़ीवान लुटेरों के सामने क्या कर देता है? (लगभग 40 शब्द)
Hint
डरपोक।
Answer
गाड़ीवान डर के कारण लुटेरों को बता देता है कि यह ललितपुर का कसाई है, जिससे रज्जब की मुसीबत बढ़ जाती है।
Q4 · 5 marks · Long answerHarder board level
रज्जब के साथ गाँव वालों के व्यवहार में किस सामाजिक बुराई का संकेत मिलता है? (लगभग 100 शब्द)
Hint
पेशे पर आधारित भेदभाव।
Answer
गाँव के लोग रज्जब को कसाई होने के कारण ठहरने नहीं देते, ठाकुर भी उसके पैसे को छूने लायक नहीं मानता और सुबह लोकमत के डर से उसे निकाल देता है। यह पेशे (कसाई होने) के कारण होने वाला भेदभाव और तिरस्कार है, जिस पर कहानी चोट करती है।
Q5 · 5 marks · Long answerHOTS / competency
'शरणागत की रक्षा ही कहानी का केंद्रीय मूल्य है।' इस कथन की समीक्षा कीजिए। (लगभग 100 शब्द)
Hint
अंतिम पंक्ति और रक्षा का दृश्य।
Answer
कहानी की अंतिम पंक्ति और रक्षा का दृश्य इसी मूल्य पर टिके हैं। पर कहानी भेदभाव और मानवता जैसे विषय भी उठाती है, इसलिए शरणागत-रक्षा केंद्र में है, पर अकेला मूल्य नहीं।
Test your recall
Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.
1.कहानी के लेखक कौन हैं?Show answer
वृंदावनलाल वर्मा।
2.कसाई का नाम क्या है?Show answer
रज्जब।
3.ठाकुर को क्या कहा जाता है?Show answer
राजा।
4.गाँव का नाम क्या है?Show answer
मड़पुरा।
5.ठाकुर को दूसरा नाम क्या मिला है?Show answer
दाऊजू।
ठाकुर का शरण-धर्म और चरित्र की जटिलता (शरणागत): frequently asked questions
परीक्षा की दृष्टि से शरणागत क्यों महत्त्वपूर्ण है?
शरणागत चरित्र-चित्रण और संदेश वाले प्रश्नों के लिए एक महत्त्वपूर्ण कहानी है।
कहानी किस संकलन में है?
गद्य संकलन में।
मुख्य संदेश क्या है?
शरणागत-रक्षा और मानवता।