पुत्र प्रेम (प्रेमचंद): इटली का प्रस्ताव, चैतन्यदास का हिसाब और घाट पर पश्चात्ताप
Updated 18 October 2026 · Fact-checked
'पुत्र प्रेम' में डॉक्टर प्रभुदास को इटली के आरोग्य-निवास भेजने के लिए लगभग तीन हज़ार रुपये की सलाह देते हैं, पर अर्थशास्त्र के सिद्धांतों पर चलने वाले चैतन्यदास 'अनिश्चित हित' पर जायदाद बलिदान नहीं करना चाहते। प्रभुदास की मृत्यु के बाद घाट पर एक ग्रामीण युवक की बातें, 'रुपया पैसा हाथ का मैल है', उन्हें पश्चात्ताप से भर देती हैं।
Understand इटली का प्रस्ताव और चैतन्यदास का पश्चात्ताप (पुत्र प्रेम)
पात्र और स्थिति। बाबू चैतन्यदास वकील और ज़मींदार हैं; उनके बड़े पुत्र प्रभुदास को तपेदिक है। कहानी के अनुसार जाड़े में डॉक्टर बताते हैं कि अब एकमात्र उपाय इटली के किसी आरोग्य-निवास में भेजना है, जिसमें लगभग तीन हज़ार रुपये लगेंगे, पर अच्छे होने का निश्चय नहीं।
घर की बहस। रात भर बहस होती है। माँ तपेश्वरी दृढ़ता से समर्थन करती है और शिवदास भी माँ के पक्ष में आ जाता है। चैतन्यदास कहते हैं कि पूर्वजों की संचित जायदाद को 'अनिश्चित हित की आशा' पर बलिदान नहीं कर सकते।
परिणाम। छह महीने बाद वे ज़मींदारी का कुछ भाग गिरवी रखकर शिवदास को कानून पढ़ने इंग्लैंड भेज देते हैं। चैतन्यदास शिवदास को इंग्लैंड के लिए विदा करके लौटते हैं; उसके एक सप्ताह बाद प्रभुदास की मृत्यु हो जाती है।
घाट पर बोध। मणिकर्णिका घाट पर चिता के पास चैतन्यदास को ग्लानि होती है कि शायद इटली जाकर वह बच जाता। एक ग्रामीण युवक बताता है कि उसने पिता के इलाज में घर की सारी पूँजी लगा दी और ज़मीन बेच दी, क्योंकि 'रुपया पैसा हाथ का मैल है'। उसकी बातें चैतन्यदास को बाण-सी चुभती हैं। वे अंत्येष्टि पर हज़ारों रुपये खर्च कर देते हैं, जो उनके पश्चात्ताप का प्रमाण है।
उद्देश्य। धन बनाम मानवीय संवेदना, स्वार्थ से जुड़ा पितृ-प्रेम और पश्चात्ताप जो देर से आता है.
Key quotations
Short lines worth knowing by heart: who says them, when, and why they matter.
अर्थशास्त्र के सिद्धन्त उनके जीवन-स्तम्भ हो गये थे।
लेखक: चैतन्यदास का परिचय।
हर निर्णय पर धन का हिसाब।
रुपया पैसा हाथ का मैल है।
ग्रामीण युवक: घाट पर चैतन्यदास से बात।
चैतन्यदास के सिद्धांत का उलटा।
मैने तीन हजार का मुंह देखा और पुत्र रत्न को हाथ से खो दिया
चैतन्यदास (मन में): प्रभुदास की चिता के पास।
पश्चात्ताप।
इटली का प्रस्ताव और चैतन्यदास का पश्चात्ताप (पुत्र प्रेम): key facts
- घटनाक्रम
- तपेदिक
- डॉक्टर की सलाह
- इटली का प्रस्ताव
- अस्वीकार
- शिवदास इंग्लैंड
- प्रभुदास की मृत्यु
- घाट पर बोध
- क्रम से लिखें।
- दो दृष्टियाँ
- चैतन्यदास: अनिश्चित हित, हिसाब | युवक: रुपया हाथ का मैल, सब कुछ पिता पर
- तुलना के प्रश्नों में।
- विषय
- धन बनाम संवेदना
- पश्चात्ताप
- स्वार्थ से जुड़ा प्रेम
- निष्कर्ष में।
How to answer इटली का प्रस्ताव और चैतन्यदास का पश्चात्ताप (पुत्र प्रेम) questions
इस कहानी के चरित्र या उद्देश्य वाले प्रश्न में यह क्रम अपनाएँ।
- 1इटली के प्रस्ताव का तथ्य लिखें।
- 2चैतन्यदास का तर्क बताएँ।
- 3घर के अन्य सदस्यों की राय लिखें।
- 4घाट के युवक से तुलना करें।
- 5पश्चात्ताप और संदेश से निष्कर्ष दें।
इटली का प्रस्ताव और चैतन्यदास का पश्चात्ताप (पुत्र प्रेम) in real life
The idea, met in an everyday situation. Answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.
खर्च के हिसाब बनाम अपनों की जान
मान लीजिए एक परिवार के मुखिया से डॉक्टर कहते हैं कि बीमार बेटे के इलाज में काफ़ी खर्च होगा और ठीक होने की गारंटी नहीं है, और मुखिया हिसाब लगाकर इलाज टाल देता है।
यह स्थिति चैतन्यदास की स्थिति से कैसे मिलती है?
Try it first, then show the solutionSolution
- फल अनिश्चित है।
- खर्च बड़ा है।
- हिसाब की जीत होती है।
Answer: चैतन्यदास की तरह यह मुखिया भी अनिश्चित फल पर धन खर्च नहीं करना चाहता, और बाद में पश्चात्ताप का खतरा रहता है।
Memory hook: हिसाब से जीवन नहीं तौला जाता।
Tricks to remember इटली का प्रस्ताव और चैतन्यदास का पश्चात्ताप (पुत्र प्रेम)
Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.
ती-ह-इ-अ
तीन हज़ार, हिसाब, इटली, अनिश्चित।
Use it when: प्रस्ताव के तथ्य।
मैल बनाम पूँजी
युवक के लिए पैसा मैल, चैतन्यदास के लिए पूँजी।
Use it when: तुलना।
इटली का प्रस्ताव और चैतन्यदास का पश्चात्ताप (पुत्र प्रेम): solved examples
Ordered from board level to HOTS. Try each one before you open the solution.
Example 1: प्रस्ताव · 1 mark · MCQBoard level
डॉक्टर प्रभुदास को कहाँ भेजने की सलाह देते हैं? (क) शिमला (ख) इटली के आरोग्य-निवास (ग) इंग्लैंड (घ) काशी
Try it first, then show the solutionSolution
- कहानी के अनुसार डॉक्टर ने इटली के आरोग्य-निवास (सेनेटोरियम) की सलाह दी।
Answer: (ख)
Example 2: खर्च · 1 mark · Very short answerBoard level
इटली भेजने में लगभग कितना खर्च बताया गया?
Try it first, then show the solutionSolution
- कहानी के अनुसार इटली भेजने में लगभग तीन हज़ार रुपये लगते।
Answer: लगभग तीन हज़ार रुपये।
Example 3: चैतन्यदास का तर्क · 2 marks · Short answerHarder board level
चैतन्यदास इटली भेजने का विरोध क्यों करते हैं? (लगभग 40 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- अनिश्चित हित।
- संचित जायदाद।
Answer: चैतन्यदास कहते हैं कि अच्छे होने का निश्चय नहीं है, इसलिए पूर्वजों की संचित जायदाद को 'अनिश्चित हित की आशा' पर बलिदान नहीं किया जा सकता। वे अर्थशास्त्र के हिसाब से सोचते हैं।
Example 4: तुलना · 5 marks · Long answerHarder board level
चैतन्यदास और ग्रामीण युवक के दृष्टिकोण की तुलना कीजिए। (लगभग 100 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- चैतन्यदास: हिसाब।
- युवक: सब कुछ पिता पर।
- कहानी का संदेश।
Answer: चैतन्यदास संपन्न होकर भी हर खर्च का हिसाब लगाते हैं और अनिश्चित फल पर धन खर्च करना अबुद्धिमानी मानते हैं। इसके विपरीत ग्रामीण युवक ने पिता के इलाज में घर की सारी पूँजी और ज़मीन तक लगा दी, क्योंकि उसके लिए 'रुपया पैसा हाथ का मैल है'। तुलना से कहानी धन पर मानवीय संवेदना की श्रेष्ठता बताती है।
Example 5: पश्चात्ताप · 5 marks · Long answerHOTS / competency
घाट पर चैतन्यदास के पश्चात्ताप का वर्णन कीजिए और बताइए कि यह देर से क्यों आया। (लगभग 100 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- चिता के पास ग्लानि।
- युवक की बातें।
- अंत्येष्टि पर खर्च।
Answer: चिता के पास चैतन्यदास को ग्लानि होती है कि इटली जाकर प्रभुदास शायद बच जाता। युवक की बातें उन्हें बाण-सी चुभती हैं और अपनी हृदयहीनता दिखती है। वे अंत्येष्टि पर हज़ारों रुपये खर्च कर देते हैं। बोध देर से इसलिए आया कि जीवन भर वे धन के हिसाब में रमे रहे; तब तक पुत्र जा चुका था।
Where students lose marks in इटली का प्रस्ताव और चैतन्यदास का पश्चात्ताप (पुत्र प्रेम)
The slips examiners see most often, and what to write instead.
Mistake: प्रस्ताव का तथ्य गलत लिखना
प्रश्न का आधार है।
Wrong working
विदेश के अस्पताल में भेजना।
Right working
इटली के आरोग्य-निवास में।
Do this: कहानी के अनुसार तथ्य लिखें: इटली का आरोग्य-निवास।
Usually costs: 1 अंक
Mistake: केवल चैतन्यदास को दोषी बताना
तर्क सहित निष्कर्ष चाहिए।
Wrong working
वह बुरा पिता था।
Right working
हिसाबी सोच ने उसे हृदयहीन बनाया।
Do this: कारण लिखें।
Usually costs: 2 अंक
Mistake: युवक का प्रसंग छोड़ना
कहानी का केंद्रीय संदेश वहीं है।
Wrong working
केवल प्रभुदास की मृत्यु।
Right working
घाट पर युवक की बातें भी।
Do this: तुलना जोड़ें।
Usually costs: 2 अंक
Exam tips
- इटली के प्रस्ताव का तथ्य ठीक लिखें।
- चैतन्यदास का तर्क उद्धृत करें।
- ग्रामीण युवक से तुलना करें।
- पश्चात्ताप को अंत्येष्टि के खर्च से जोड़ें।
- संदेश से उत्तर पूरा करें।
Practice questions on इटली का प्रस्ताव और चैतन्यदास का पश्चात्ताप (पुत्र प्रेम)
Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.
Q1 · 1 mark · MCQBoard level
इटली भेजने के प्रस्ताव का सबसे अधिक समर्थन किसने किया? (क) शिवदास (ख) तपेश्वरी (ग) डॉक्टर (घ) प्रभुदास
Hint
माँ।
Answer
(ख) तपेश्वरी।
Q2 · 1 mark · Very short answerBoard level
घाट का स्थान कौन-सा है?
Hint
काशी का प्रसिद्ध घाट।
Answer
मणिकर्णिका घाट।
Q3 · 2 marks · Short answerHarder board level
छह महीने बाद चैतन्यदास ने क्या किया? (लगभग 40 शब्द)
Hint
ज़मींदारी, शिवदास।
Answer
उन्होंने ज़मींदारी का कुछ भाग गिरवी रखकर शिवदास को कानून पढ़ने इंग्लैंड भेज दिया।
Q4 · 5 marks · Long answerHarder board level
तपेश्वरी के तर्कों का वर्णन कीजिए। (लगभग 100 शब्द)
Hint
आधा हिस्सा प्रभुदास का।
Answer
तपेश्वरी दृढ़ता से इटली भेजने का समर्थन करती है। वह तर्क, लोकोक्तियाँ और आँसू सब काम में लाती है और कहती है कि जायदाद में आधा हिस्सा प्रभुदास का भी है। उसकी ममता और दृढ़ता कहानी में चैतन्यदास के हिसाब से टकराती है।
Q5 · 5 marks · Long answerHOTS / competency
'कहानी का शीर्षक पुत्र प्रेम व्यंग्यात्मक है।' इस कथन की समीक्षा कीजिए। (लगभग 100 शब्द)
Hint
प्रेम और हिसाब।
Answer
शीर्षक में प्रेम की बात है, पर चैतन्यदास का प्रेम अपेक्षाओं और धन के हिसाब से बँधा है। वे पुत्र के इलाज में खर्च से बचते हैं और मृत्यु के बाद अंत्येष्टि पर हज़ारों खर्च करते हैं। इस विरोधाभास से शीर्षक पर व्यंग्य उभरता है, और सच्चा पुत्र-प्रेम ग्रामीण युवक में दिखता है।
Test your recall
Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.
1.कहानी के लेखक कौन हैं?Show answer
मुंशी प्रेमचंद।
2.प्रभुदास को क्या रोग है?Show answer
तपेदिक।
3.इटली में कितना खर्च बताया गया?Show answer
लगभग तीन हज़ार रुपये।
4.चिता के पास कौन मिलता है?Show answer
एक ग्रामीण युवक।
5.माँ का नाम क्या है?Show answer
तपेश्वरी।
इटली का प्रस्ताव और चैतन्यदास का पश्चात्ताप (पुत्र प्रेम): frequently asked questions
कहानी किस पुस्तक में है?
यह प्रेमचंद की कहानी 'पुत्र प्रेम' है, जो ISC कक्षा 11 हिंदी के पाठ्यक्रम में पढ़ाई जाती है।
मुख्य संदेश क्या है?
धन से ऊपर मानवीय संवेदना।
चैतन्यदास का पेशा क्या है?
वकील और ज़मींदार।