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HindiISC Class 11 · एक फूल की चाह – सियारामशरण गुप्त

एक फूल की चाह (सियारामशरण गुप्त): मंदिर का दृश्य और अछूत पिता का अपमान

Updated 18 October 2026 · Fact-checked

कविता के मंदिर-दृश्य में सुखिया का अछूत पिता स्नान करके देवी के मंदिर जाता है, 'पतित-तारिणी' की जय बोलता है और प्रसाद पाता है। पर 'कैसे यह अछूत भीतर आया?' कहकर भक्त उसे मारते हैं और न्यायालय ले जाते हैं, जिससे अस्पृश्यता की क्रूरता और धर्म के पाखंड पर तीखा व्यंग्य उभरता है।

Understand मंदिर का दृश्य और अछूत पिता का अपमान (एक फूल की चाह)

दृश्य से पहले। महामारी में सुखिया ज्वर में बार-बार माँगती है कि देवी के प्रसाद का एक फूल लाकर दो। पिता असमंजस में है, क्योंकि वह अछूत है।

मंदिर की ओर। कविता के अनुसार सुबह वह निश्चय करता है कि कुछ भी हो, फूल लाएगा। स्नान करके, साफ़ कपड़े पहनकर, पूजा की थाली सजाकर वह पहाड़ी के विशाल मंदिर में जाता है। भक्तों के साथ वह भी 'पतित-तारिणी' देवी की जय बोलता है। पुजारी उसके दीप-फूल चढ़ाकर उसे प्रसाद देता है।

अपमान। आँगन से निकलने से पहले कोई चिल्लाता है 'कैसे यह अछूत भीतर आया?'। भक्त उसे घेरकर मारते-पीटते हैं और प्रसाद बिखर जाता है। वह कहता है कि मुझे जो दंड दो, पर कोई यह एक फूल बच्ची तक पहुँचा दे। उसे न्यायालय ले जाया जाता है और सात दिन का दंड मिलता है।

व्यंग्य। भक्त 'पतित-तारिणी' की जय बोलते हैं और उसी क्षण 'पतित' मानकर पिता को मारते हैं। यह धर्म के पाखंड पर चोट है।

परिणाम। सज़ा के बाद वह घर लौटता है तो सुखिया को जलाया जा चुका है और वह राख की ढेरी बन चुकी है।

भाव और कला। छुआछूत का विरोध, पिता का वात्सल्य, करुण रस, प्रथम पुरुष की कथात्मक शैली और टेक की आवृत्ति।

Key quotations

Short lines worth knowing by heart: who says them, when, and why they matter.

  • मैं अछूत हूँ, मुझे कौन हा! मन्दिर में जाने देगा

    पिता: बेटी की इच्छा सुनकर असमंजस।

    भेदभाव का पहला संकेत।

  • कैसे यह अछूत भीतर आया?

    मंदिर के भक्त: प्रसाद लेकर लौटते पिता को पहचानकर।

    अस्पृश्यता की क्रूरता; पिता की विपत्ति की शुरुआत।

  • अंतिम बार गोद में बेटी, तुझको ले न सका मैं हा

    पिता: चिता के सामने।

    करुण रस का चरम।

मंदिर का दृश्य और अछूत पिता का अपमान (एक फूल की चाह): key facts

मंदिर-दृश्य का क्रम
  • स्नान और थाली
  • जय-जयकार
  • प्रसाद
  • भक्तों की पहचान
  • पिटाई
  • न्यायालय
  • सात दिन का दंड
क्रम से लिखें।
व्यंग्य
  • पतित-तारिणी की जय
  • पतित मानकर पिटाई
  • धर्म का पाखंड
विरोधाभास स्पष्ट करें।
परिणाम
  • प्रसाद बिखरा
  • दंड
  • सुखिया की मृत्यु
  • राख की ढेरी
करुणा बढ़ाने वाला क्रम।

How to answer मंदिर का दृश्य और अछूत पिता का अपमान (एक फूल की चाह) questions

मंदिर-दृश्य पर प्रश्न में यह क्रम अपनाएँ।

  1. 1पिता के निश्चय और तैयारी को लिखें।
  2. 2मंदिर के भीतर की घटना बताएँ।
  3. 3भक्तों की प्रतिक्रिया का उद्धरण दें।
  4. 4व्यंग्य और पाखंड समझाएँ।
  5. 5परिणाम और करुणा से निष्कर्ष दें।

मंदिर का दृश्य और अछूत पिता का अपमान (एक फूल की चाह) in real life

The idea, met in an everyday situation. Answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.

सबके लिए खुले दरवाज़े का प्रश्न

मान लीजिए किसी गाँव में सार्वजनिक कुएँ से एक परिवार को केवल उसकी जाति के कारण पानी नहीं भरने दिया जाता, जबकि उनका बच्चा प्यास से बीमार है।

यह स्थिति कविता के किस प्रसंग से मिलती है?

Try it first, then show the solutionSolution
  1. ज़रूरत सच्ची है।
  2. जन्म के आधार पर रोक है।
  3. निर्दोष को कष्ट भोगना पड़ता है।

Answer: पिता की तरह यह परिवार भी जन्म के कारण भेदभाव का शिकार है, जिसकी क्रूरता कविता दिखाती है।

Memory hook: जन्म से अपराधी नहीं बनता कोई।

Tricks to remember मंदिर का दृश्य और अछूत पिता का अपमान (एक फूल की चाह)

Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.

  • त-ज-प-प-न

    तैयारी, जय, प्रसाद, पिटाई, न्यायालय।

    Use it when: मंदिर-दृश्य का क्रम।

  • पतित-तारिणी बनाम पतित

    जिसकी जय, उसी के भक्त पतित कहें।

    Use it when: व्यंग्य की पहचान।

मंदिर का दृश्य और अछूत पिता का अपमान (एक फूल की चाह): solved examples

Ordered from board level to HOTS. Try each one before you open the solution.

Example 1: भक्तों की पुकार · 1 mark · MCQBoard level

भक्तों ने पिता को देखकर क्या कहा? (क) कैसे यह अछूत भीतर आया (ख) देवी की जय (ग) प्रसाद ले जाओ (घ) पुजारी को बुलाओ

Try it first, then show the solutionSolution
  1. कविता में यही उद्धरण है।

Answer: (क)

Example 2: दंड · 1 mark · Very short answerBoard level

न्यायालय ने पिता को कितने दिन का दंड दिया?

Try it first, then show the solutionSolution
  1. कविता में सात दिन का उल्लेख है।

Answer: सात दिन का।

Example 3: व्यंग्य की पहचान · 2 marks · Short answerHarder board level

मंदिर-दृश्य में धर्म के पाखंड पर व्यंग्य कैसे प्रकट होता है? (लगभग 40 शब्द)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. पतित-तारिणी की जय।
  2. पतित मानकर पिटाई।

Answer: भक्त देवी को 'पतित-तारिणी' कहकर उसकी जय बोलते हैं, पर उसी समय एक दुखी पिता को अछूत मानकर पीटते हैं। यह विरोधाभास धार्मिक पाखंड पर तीखा व्यंग्य है।

Example 4: मंदिर-दृश्य का वर्णन · 5 marks · Long answerHarder board level

पिता के मंदिर जाने से लेकर न्यायालय पहुँचने तक की घटनाएँ अपने शब्दों में लिखिए। (लगभग 100 शब्द)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. निश्चय और तैयारी।
  2. प्रसाद और पहचान।
  3. पिटाई और न्यायालय।

Answer: पिता ने निश्चय किया कि बेटी के लिए देवी के प्रसाद का फूल लाएगा। वह स्नान करके, पूजा की थाली सजाकर पहाड़ी के मंदिर गया, भक्तों के साथ जय बोली और पुजारी से प्रसाद पाया। आँगन से निकलते समय किसी ने चिल्लाकर कहा कि अछूत भीतर कैसे आया। भक्तों ने उसे पीटा, प्रसाद बिखर गया और उसे न्यायालय ले जाया गया, जहाँ सात दिन का दंड मिला।

Example 5: पिता की विनती · 5 marks · Long answerHOTS / competency

मार खाते समय पिता की विनती के आधार पर उसके चरित्र की विशेषताएँ बताइए। (लगभग 100 शब्द)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. अपने दंड की चिंता नहीं।
  2. फूल बच्ची तक पहुँचाने की प्रार्थना।
  3. वात्सल्य और निश्छलता।

Answer: पिता कहता है कि उसे जो दंड दिया जाए, पर कोई यह एक फूल बच्ची तक पहुँचा दे। इससे पता चलता है कि उसे अपनी पीड़ा की चिंता नहीं, केवल बेटी की इच्छा की है। वह वात्सल्य से भरा, निश्छल, साहसी और सच्चा भक्त है, जो अपमान सहकर भी विनम्र बना रहता है, इसीलिए पाठक की सहानुभूति उसके साथ रहती है।

Where students lose marks in मंदिर का दृश्य और अछूत पिता का अपमान (एक फूल की चाह)

The slips examiners see most often, and what to write instead.

  • Mistake: केवल घटनाएँ लिखना

    प्रश्न भाव और व्यंग्य भी माँगता है।

    Wrong working

    पिता मंदिर गया और पीटा गया।

    Right working

    घटना के साथ पाखंड का व्यंग्य।

    Do this: अंत में व्यंग्य लिखें।

    Usually costs: 2 अंक

  • Mistake: उद्धरण का वक्ता गलत लिखना

    भक्त और पिता के कथन भिन्न हैं।

    Wrong working

    पिता ने कहा कि अछूत कैसे आया।

    Right working

    भक्तों ने कहा।

    Do this: वक्ता लिखें।

    Usually costs: 1 अंक

  • Mistake: दंड की अवधि गलत लिखना

    कविता में सात दिन है।

    Wrong working

    एक महीने का दंड।

    Right working

    सात दिन का।

    Do this: तथ्य याद करें।

    Usually costs: 1 अंक

Exam tips

  • घटनाक्रम क्रम से लिखें।
  • उद्धरण के साथ वक्ता लिखें।
  • पतित-तारिणी के व्यंग्य को समझाएँ।
  • करुण रस का नाम लें।
  • अंत में अस्पृश्यता के विरोध से निष्कर्ष दें।

Practice questions on मंदिर का दृश्य और अछूत पिता का अपमान (एक फूल की चाह)

Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.

  1. Q1 · 1 mark · MCQBoard level

    देवी को भक्त किस नाम से पुकारते हैं? (क) दुर्गा (ख) पतित-तारिणी (ग) शक्ति (घ) काली

    Hint

    कविता का शब्द।

    Answer

    (ख) पतित-तारिणी।

  2. Q2 · 1 mark · Very short answerBoard level

    पिता मंदिर जाने से पहले क्या तैयारी करता है?

    Hint

    स्नान और थाली।

    Answer

    स्नान करता, साफ़ कपड़े पहनता और पूजा की थाली सजाता है।

  3. Q3 · 2 marks · Short answerHarder board level

    पिता मंदिर क्यों गया, इसका कारण बताइए। (लगभग 40 शब्द)

    Hint

    सुखिया की माँग।

    Answer

    ज्वर में बेचैन सुखिया देवी के प्रसाद का एक फूल माँग रही थी। बेटी की यही इच्छा पूरी करने के लिए पिता सब बाधाएँ जानते हुए भी मंदिर गया।

  4. Q4 · 5 marks · Long answerHarder board level

    'कैसे यह अछूत भीतर आया' के संदर्भ में समाज की मानसिकता पर टिप्पणी कीजिए। (लगभग 100 शब्द)

    Hint

    जन्म के आधार पर भेद।

    Answer

    यह प्रश्न बताता है कि भक्त मनुष्य को उसके कर्म से नहीं, जन्म से परखते हैं। पिता भक्ति से आया था, पर अछूत होने के कारण अपराधी बना दिया गया। समाज की यह मानसिकता अमानवीय है और कवि इसे ही कविता में उजागर करता है।

  5. Q5 · 5 marks · Long answerHOTS / competency

    'कविता का मंदिर-दृश्य ही उसकी मूल वेदना है।' इस कथन की समीक्षा कीजिए। (लगभग 100 शब्द)

    Hint

    पूर्वार्ध और उत्तरार्ध।

    Answer

    मंदिर-दृश्य में पिता की भक्ति, भक्तों का पाखंड और दंड तीनों हैं, जिनके कारण वह मृत बेटी को देख भी नहीं पाता। इसलिए यही दृश्य अस्पृश्यता की क्रूरता और करुणा का केंद्र है, और बाद का विलाप इसी की परिणति है।

Test your recall

Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.

  1. 1.कविता किसकी है?Show answer

    सियारामशरण गुप्त की।

  2. 2.सुखिया क्या माँगती है?Show answer

    देवी के प्रसाद का एक फूल।

  3. 3.पिता को कितने दिन का दंड मिला?Show answer

    सात दिन का।

  4. 4.देवी को क्या कहा गया?Show answer

    पतित-तारिणी।

  5. 5.कविता का प्रधान रस कौन-सा है?Show answer

    करुण रस।

मंदिर का दृश्य और अछूत पिता का अपमान (एक फूल की चाह): frequently asked questions

इस कविता से किस प्रकार के प्रश्न पूछे जाते हैं?

घटनाक्रम, व्यंग्य, चरित्र-चित्रण और करुण रस पर।

कविता किसके मुख से कही गई है?

सुखिया के पिता के।

मुख्य संदेश क्या है?

छुआछूत का विरोध और मानवीय समानता।