मैं और मेरा देश (गंगा, कक्षा 9): व्यक्ति और देश का संबंध तथा प्रेरक प्रसंग
Updated 17 October 2026 · Fact-checked
कन्हैयालाल मिश्र "प्रभाकर" का निबंध बताता है कि व्यक्ति का सम्मान देश के सम्मान से अटूट जुड़ा है। लाला लाजपत राय के अनुभव, जापानी युवक और विदेशी छात्र की घटनाओं, कमालपाशा और किसान के शहद के प्रसंग से लेखक समझाता है कि साधारण नागरिक भी छोटे कामों और सही भावना से देश का गौरव बढ़ा सकता है।
Notice the two-way link: a citizen's deeds raise the country's honour, and the country's honour returns to the citizen; feeling matters more than size.
Illustration drawn for QuestionBuddy.
Understand मैं और मेरा देश: व्यक्ति और देश का संबंध तथा प्रेरक प्रसंग
निबंध की शैली। निबंध प्रश्नोत्तर शैली में लिखा गया है और उसमें कई प्रेरक प्रसंग हैं। यह गंगा के गद्य खंड का सातवाँ पाठ है।
पूर्णता का भ्रम। लेखक अपने घर में जन्मा, पड़ोस में खेला और नगर के समाज से जुड़कर बड़ा हुआ। उसे लगता था कि उसके पास सब कुछ है। फिर उसके "आनंद की दीवार" में दरार पड़ गई, यह भूकंप धरती का नहीं, मन का था।
लाला लाजपत राय का अनुभव। लालाजी अमेरिका, इंग्लैंड, फ़्रांस आदि देशों में घूमे, पर जहाँ भी गए, भारत की गुलामी का कलंक उनके माथे पर लगा रहा। इससे लेखक समझता है कि देश यदि गुलाम या हीन हो, तो किसी व्यक्ति के पास स्वर्ग के भी साधन हों, वे उसे गौरव नहीं दे सकते।
जापान के दो प्रसंग। स्वामी रामतीर्थ को जापान में फल न मिलने पर उन्होंने कहा कि शायद जापान में अच्छे फल नहीं मिलते। एक जापानी युवक दौड़कर ताज़े फल लाया और मूल्य के रूप में केवल यह माँगा कि वे अपने देश में यह न कहें। इसके विपरीत, एक विदेशी छात्र ने जापान के सरकारी पुस्तकालय की पुस्तक से दुर्लभ चित्र निकाल लिए, तो उसे देश से निकाल दिया गया। निष्कर्ष है कि नागरिक की हीनता और गौरव का फल देश को भी मिलता है।
भावना का महत्त्व। कमालपाशा ने तीस मील पैदल चलकर आए बूढ़े किसान का मिट्टी की हँडिया में लाया शहद स्वयं खाया और उसे शाही कार में घर भिजवाया। पं. नेहरू ने एक किसान की बुनी खाट स्वीकार करके उसे अपना हस्ताक्षरित फ़ोटो दिया। काम का महत्त्व उसके आकार में नहीं, उसके पीछे की भावना में है।
साधारण आदमी की भूमिका। लेखक कहता है कि "अकेला चना क्या भाड़ फोड़े" कहावत अपने अनुभव के आधार पर सौ फ़ीसदी झूठ है। युद्ध में जय बोलने वालों और रसद पहुँचाने वालों का भी महत्त्व है। देश को सबसे पहले शक्ति-बोध और सौंदर्य-बोध चाहिए।
केंद्रीय भाव। "मैं और मेरा देश दो अलग चीज़ें तो हैं ही नहीं।" नागरिक के अधिकार और कर्तव्य देश के सम्मान से जुड़े हैं।
मैं और मेरा देश: व्यक्ति और देश का संबंध तथा प्रेरक प्रसंग: key facts
- प्रसंग और संदेश
लाला लाजपत राय गुलाम देश का कलंक जापानी युवक देश की प्रतिष्ठा विदेशी छात्र चोरी से देश का अपमान कमालपाशा भावना का सम्मान - प्रसंग को संदेश से जोड़ें।
- नागरिक की भूमिका
- छोटे काम
- सही भावना
- शक्ति-बोध
- सौंदर्य-बोध
- निबंध के अंत से।
- पात्र
- लाला लाजपत राय
- स्वामी रामतीर्थ
- कमालपाशा
- पं. नेहरू
- नाम सही लिखें।
- केंद्रीय सूत्र
- मैं और मेरा देश अलग नहीं
- अधिकार और कर्तव्य
- भावना का महत्त्व
- भाव-प्रश्नों के लिए।
How to answer मैं और मेरा देश: व्यक्ति और देश का संबंध तथा प्रेरक प्रसंग questions
निबंध के प्रसंग या संदेश पर प्रश्न का उत्तर इस क्रम से लिखें।
- 1प्रसंग का नाम बताइए।
- 2घटना संक्षेप में लिखिए।
- 3उससे मिला निष्कर्ष बताइए।
- 4नागरिक के कर्तव्य का उल्लेख कीजिए।
- 5अंत में व्यक्ति और देश का संबंध लिखिए।
मैं और मेरा देश: व्यक्ति और देश का संबंध तथा प्रेरक प्रसंग in real life
The idea, met in an everyday situation. Answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.
देश का गौरव
मान लीजिए विदेश में पढ़ने गए एक भारतीय छात्र का काम इतना अच्छा है कि वहाँ के शिक्षक भारत के प्रति सम्मान से बात करने लगते हैं।
यह निबंध के किस विचार से मिलता है? (2-3 पंक्तियाँ)
Try it first, then show the solutionSolution
- व्यक्ति का आचरण।
- देश की प्रतिष्ठा।
Answer: यह इस विचार से मिलता है कि नागरिक के गौरव का फल देश को भी मिलता है, जैसे जापानी युवक के आचरण से जापान का मान बढ़ा।
Memory hook: मेरा काम मेरे देश का मान।
Tricks to remember मैं और मेरा देश: व्यक्ति और देश का संबंध तथा प्रेरक प्रसंग
Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.
ल-जा-क-ने
लाला जी, जापानी युवक, कमालपाशा, नेहरू।
Use it when: प्रसंगों का क्रम।
चना भाड़ फोड़ सकता है
"अकेला चना क्या भाड़ फोड़े" कहावत झूठ।
Use it when: लेखक का तर्क।
श-सौ
शक्ति-बोध और सौंदर्य-बोध।
Use it when: देश की आवश्यकता।
मैं और मेरा देश: व्यक्ति और देश का संबंध तथा प्रेरक प्रसंग: solved examples
Ordered from board level to HOTS. Try each one before you open the solution.
Example 1: लेखक का मत · 1 mark · MCQBoard level
"अकेला चना क्या भाड़ फोड़े" कहावत के बारे में लेखक का क्या मत है?
(क) पूरी तरह सत्य (ख) आधा सत्य (ग) अपने अनुभव के आधार पर सौ फ़ीसदी झूठ (घ) केवल मज़ाक
Try it first, then show the solutionSolution
- लेखक अपने अनुभव का उल्लेख करता है।
Answer: (ग) अपने अनुभव के आधार पर सौ फ़ीसदी झूठ।
Example 2: लाला जी का अनुभव · 2 marks · Short answerBoard level
लाला लाजपत राय के अनुभव से लेखक के मन में क्या परिवर्तन आया? (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- गुलामी का कलंक।
- आनंद की दीवार में दरार।
Answer: लाला जी जहाँ भी गए, भारत की गुलामी का कलंक उनके माथे पर रहा। यह जानकर लेखक के आनंद की दीवार में दरार पड़ गई और उसे देश-सम्मान का महत्त्व समझ आया।
Example 3: जापानी युवक · 2 marks · Short answerHarder board level
जापानी युवक ने स्वामी रामतीर्थ से मूल्य के रूप में क्या माँगा और क्यों? (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- केवल यह कि वे देश में न कहें।
- देश की प्रतिष्ठा।
Answer: युवक ने फल लाकर केवल यह माँगा कि स्वामी जी अपने देश में न कहें कि जापान में अच्छे फल नहीं मिलते। उसे अपने देश की प्रतिष्ठा की चिंता थी।
Example 4: कमालपाशा का प्रसंग · 2 marks · Short answerHarder board level
कमालपाशा के प्रसंग से लेखक क्या सिद्ध करता है? (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- किसान का शहद।
- भावना का महत्त्व।
Answer: कमालपाशा ने तीस मील चलकर आए किसान का शहद स्वयं खाया और उसे कार में घर भिजवाया। लेखक सिद्ध करता है कि काम का महत्त्व उसके आकार में नहीं, भावना में है।
Example 5: नागरिक का कर्तव्य · 4 marks · Long answerHOTS / competency
इस निबंध के आधार पर लिखिए कि एक साधारण नागरिक देश का गौरव कैसे बढ़ा सकता है। (50-60 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- व्यक्ति-देश संबंध (1)।
- उदाहरण (1)।
- कर्तव्य और भावना (1)।
- भाषा (1)।
Answer: निबंध के अनुसार व्यक्ति और देश अलग नहीं हैं, इसलिए नागरिक का हर आचरण देश की प्रतिष्ठा से जुड़ा है। जापानी युवक की तरह वह देश का मान रख सकता है और विदेशी छात्र की तरह चोरी जैसे काम से बच सकता है। साधारण कामों में भी सही भावना रखकर, और देश का शक्ति-बोध व सौंदर्य-बोध जगाकर वह देश का गौरव बढ़ा सकता है।
Where students lose marks in मैं और मेरा देश: व्यक्ति और देश का संबंध तथा प्रेरक प्रसंग
The slips examiners see most often, and what to write instead.
Mistake: लेखक का नाम गलत लिखना
लेखक कन्हैयालाल मिश्र "प्रभाकर" हैं।
Wrong working
प्रेमचंद।
Right working
कन्हैयालाल मिश्र "प्रभाकर"।
Do this: लेखक-पाठ मिलान करें।
Usually costs: 1 अंक
Mistake: प्रसंग के पात्र या देश गलत लिखना
कमालपाशा तुर्की के राष्ट्रपति थे।
Wrong working
कमालपाशा जापानी थे।
Right working
कमालपाशा तुर्की के राष्ट्रपति थे।
Do this: प्रसंगों का देश याद रखें।
Usually costs: 1 अंक
Mistake: कहावत पर मत उलटा लिखना
लेखक कहावत को झूठ बताता है।
Wrong working
लेखक कहावत से सहमत है।
Right working
लेखक अपने अनुभव से कहावत को सौ फ़ीसदी झूठ मानता है।
Do this: मत ध्यान से पढ़ें।
Usually costs: 1 अंक
Mistake: प्रसंग का निष्कर्ष न लिखना
प्रसंग से सीख चाहिए।
Wrong working
केवल घटना लिखना।
Right working
घटना के बाद देश-सम्मान की सीख लिखना।
Do this: अंत में निष्कर्ष दें।
Usually costs: 1-2 अंक
Exam tips
- प्रसंग का नाम, घटना और सीख, इस क्रम से लिखिए।
- लाला लाजपत राय, रामतीर्थ, कमालपाशा और नेहरू के नाम सही लिखिए।
- "मैं और मेरा देश दो अलग चीज़ें नहीं" उद्धृत कीजिए।
- भावना के महत्त्व पर बल दीजिए।
- अंत में अधिकार और कर्तव्य का उल्लेख करें।
Practice questions on मैं और मेरा देश: व्यक्ति और देश का संबंध तथा प्रेरक प्रसंग
Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.
Q1 · 1 mark · MCQBoard level
"मैं और मेरा देश" निबंध के लेखक कौन हैं?
(क) जगदीशचंद्र माथुर (ख) कन्हैयालाल मिश्र "प्रभाकर" (ग) प्रेमचंद (घ) शेखर जोशीHint
पाठ-परिचय देखिए।
Answer
(ख) कन्हैयालाल मिश्र "प्रभाकर"।
Q2 · 2 marks · Short answerHarder board level
विदेशी छात्र के प्रसंग से लेखक क्या शिक्षा देता है? (25-30 शब्द)
Hint
पुस्तकालय की घटना।
Answer
विदेशी छात्र ने जापानी पुस्तकालय की पुस्तक से दुर्लभ चित्र निकाले, तो उसे देश से निकाल दिया गया। सीख यह कि नागरिक के गलत आचरण से देश का अपमान होता है।
Q3 · 2 marks · Short answerHarder board level
नेहरू और किसान की खाट का प्रसंग किस मूल्य को दर्शाता है? (25-30 शब्द)
Hint
किसान की भावना।
Answer
पं. नेहरू ने किसान की बुनी खाट स्वीकार करके उसे अपना हस्ताक्षरित फ़ोटो दिया। यह प्रसंग उपहार की कीमत से अधिक देने वाले की भावना के सम्मान का मूल्य दर्शाता है।
Q4 · 2 marks · Short answerHarder board level
"शक्ति-बोध" और "सौंदर्य-बोध" से लेखक का क्या तात्पर्य है और वे क्यों आवश्यक हैं? (25-30 शब्द)
Hint
देश को हीन बताने वाले और गंदगी करने व धक्का-मुक्की करने वाले लोग।
Answer
शक्ति-बोध देश की शक्ति पर विश्वास है; देश को हीन बताने वाले इसे चोट पहुँचाते हैं। सौंदर्य-बोध स्वच्छता का भाव है; गंदगी और धक्का-मुक्की करने वाले इसे चोट पहुँचाते हैं।
Q5 · 4 marks · Long answerHOTS / competency
मान लीजिए आप किसी विदेशी अतिथि को अपने शहर की कोई विशेषता दिखाते हैं। निबंध के विचार का प्रयोग करते हुए अपने आचरण की योजना लिखिए। (50-60 शब्द)
Hint
जापानी युवक के आचरण से सीखिए।
Answer
मैं जापानी युवक की तरह अतिथि की सहायता सेवा-भाव से करूँगा और अपने शहर की सच्ची विशेषताएँ गर्व से बताऊँगा। मैं देश को हीन बताने की बात नहीं करूँगा और न किसी की सहायता के बदले अपेक्षा रखूँगा। साथ ही मैं स्वच्छता और ईमानदारी का ध्यान रखूँगा, क्योंकि निबंध के अनुसार मेरे आचरण का फल मेरे देश को मिलता है।
Test your recall
Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.
1.निबंध के लेखक कौन हैं?Show answer
कन्हैयालाल मिश्र "प्रभाकर"।
2.किस घटना ने लेखक के मन में दरार डाली?Show answer
लाला लाजपत राय का अनुभव।
3.जापान में फल कौन लाया?Show answer
एक जापानी युवक।
4.कमालपाशा कहाँ के राष्ट्रपति थे?Show answer
तुर्की के।
5.पाठ की शैली कौन-सी है?Show answer
प्रश्नोत्तर शैली।
6.यह गंगा का कौन-सा पाठ है?Show answer
सातवाँ पाठ।
मैं और मेरा देश: व्यक्ति और देश का संबंध तथा प्रेरक प्रसंग: frequently asked questions
निबंध का मुख्य संदेश क्या है?
व्यक्ति और देश अलग नहीं हैं; नागरिक का आचरण देश का गौरव बढ़ाता या घटाता है।
भावना का महत्त्व किस प्रसंग से सिद्ध होता है?
कमालपाशा और किसान के शहद के प्रसंग से।
देश को सबसे पहले किन दो बातों की आवश्यकता है?
शक्ति-बोध और सौंदर्य-बोध की।
परीक्षा में कैसे प्रश्न आते हैं?
गद्यांश पर बहुविकल्पी प्रश्न और 25-30 शब्दों के 2 अंक वाले उत्तर।