स्वदेश कविता, कक्षा 8: देश-प्रेम की पहचान और कर्तव्य का संदेश
Updated 17 October 2026 · Fact-checked
गयाप्रसाद शुक्ल 'सनेही' की कविता 'स्वदेश' कहती है कि जिस हृदय में अपने देश के लिए प्यार नहीं, वह हृदय नहीं, पत्थर है। कवि बताते हैं कि जिस देश की मिट्टी में हम पले-बढ़े, उसके लिए जोश, साहस, संवेदना और त्याग रखना ही सच्चा जीवन है। जीवन-मरण के भय से मुक्त होकर कर्तव्य निभाना ही देश-प्रेम की सच्ची पहचान है।
Notice how the repeated refrain leads to three ideas: life without love is stone-like, we owe our land thanks, and duty must be done without fear.
Illustration drawn for QuestionBuddy.
Understand स्वदेश कविता: देश-प्रेम की पहचान और कर्तव्य का संदेश
कविता की टेक। कविता की आरंभ और अंत की पंक्ति एक ही है: 'वह हृदय नहीं है पत्थर है, जिसमें स्वदेश का प्यार नहीं।' इस पंक्ति को टेक कहते हैं। यह बार-बार लौटकर मुख्य बात को याद दिलाती है।
पहला भाव: देश-प्रेम के बिना जीवन खोखला। कवि अनेक उदाहरणों से बताते हैं कि जो जीवन जोश और साहस नहीं जगाता, वह निस्सार है। जो व्यक्ति दुनिया के साथ कदम मिलाकर नहीं चलता, दुनिया भी उसकी नहीं होती। जिसने साहस छोड़ दिया, वह अपने लक्ष्य को पार नहीं कर सकता। जिसने अपने समाज और राष्ट्र की भलाई के लिए कुछ नहीं किया, उसकी भी भलाई नहीं होती। जिस मन में भावनाओं का रस नहीं बहता, वह भी पत्थर-सा है। यहाँ 'पत्थर' का अर्थ भावनाहीन और संवेदनाहीन है।
दूसरा भाव: देश के प्रति कृतज्ञता। हम इसी देश की मिट्टी में उगे और बढ़े, इसी में हमें दाना-पानी मिला। यहीं हमारे माता-पिता और भाई-बंधु हैं। कवि कहते हैं कि हम इस देश के राजा-रानी हैं, यानी यह देश हमारा है और हम उसके मालिक भी हैं और उसकी ज़िम्मेदारी भी हमारी है। इसने लासानी (बेजोड़) नौ रत्न दिए हैं, इस पर ज्ञानी मुग्ध हैं और दुनिया दीवानी है। ऐसे देश के लिए जिसका मन नहीं पिघलता, वह पृथ्वी का बोझ है।
तीसरा भाव: निडर होकर कर्तव्य। कवि कहते हैं कि एक दिन सबको जाना है। काल का दीपक हमेशा जलता रहता है और परवानों को उसमें जलना ही है। इसलिए डर की कोई बात नहीं; साधनों, यानी तोप और तलवार, की कमी नहीं है और सब कुछ हमारे हाथ में है।
काव्य-सौंदर्य। टेक की आवृत्ति कविता को गेयता देती है। 'काल-दीप' में रूपक अलंकार है, क्योंकि काल पर दीपक का आरोप है। 'क्या है वह भू का भार नहीं' जैसी पंक्तियों में प्रश्न-शैली है। 'दाना-पानी' और 'राजा-रानी' में अंत्यानुप्रास है।
उत्तर लिखने का ढंग। पंक्ति उद्धृत करें, अर्थ लिखें, फिर बताएँ कि इससे देश-प्रेम के बारे में क्या सीख मिलती है।
स्वदेश कविता: देश-प्रेम की पहचान और कर्तव्य का संदेश: key facts
- तीन भाव
- देश-प्रेम के बिना जीवन खोखला
- देश के प्रति कृतज्ञता
- निडर होकर कर्तव्य
- कविता के तीन भागों के लिए।
- शब्दार्थ
लासानी बेजोड़ निस्संशय संदेह-रहित परवाना पतंगा काल समय या मृत्यु भू धरती - अर्थ-प्रश्न में सीधे अंक।
- काव्य-सौंदर्य
टेक पंक्ति की आवृत्ति रूपक काल-दीप प्रश्न-शैली अंत्यानुप्रास दाना-पानी, राजा-रानी - उदाहरण के साथ लिखें।
- केंद्रीय भाव
- देश-प्रेम केवल भावना नहीं
- जोश, साहस और संवेदना
- निडरता और कर्तव्य
- अंतिम अनुच्छेद के लिए।
स्वदेश कविता: देश-प्रेम की पहचान और कर्तव्य का संदेश in real life
The idea, met in an everyday situation. Answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.
अपने स्थान के प्रति ज़िम्मेदारी
मान लीजिए कक्षा 8 की रिया को अपने मोहल्ले का पार्क बहुत पसंद है। एक दिन वह देखती है कि लोग वहाँ कूड़ा फेंक रहे हैं। वह केवल शिकायत नहीं करती; वह अपने दोस्तों के साथ हर रविवार सफ़ाई का अभियान चलाती है।
रिया का व्यवहार कविता की किस सीख से मिलता है?
Try it first, then show the solutionSolution
- पार्क उसका अपना स्थान है, इसलिए उसकी ज़िम्मेदारी भी उसकी है।
- वह भावना को काम में बदलती है।
- कविता भी कहती है कि प्रेम का अर्थ जोश और कर्तव्य है।
Answer: यह कविता की उस सीख से मिलता है कि अपने देश या स्थान के लिए संवेदना के साथ साहस और कर्तव्य ज़रूरी है।
Memory hook: प्रेम बोलने से नहीं, करने से सिद्ध होता है।
Tricks to remember स्वदेश कविता: देश-प्रेम की पहचान और कर्तव्य का संदेश
Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.
जोश-जन्मभूमि-जिम्मेदारी
पहले जोश, फिर जन्मभूमि का ऋण, फिर ज़िम्मेदारी।
Use it when: कविता के तीन भागों का क्रम।
पत्थर = भावहीन
पत्थर में न दिल है, न रस।
Use it when: पत्थर शब्द का भाव।
टेक = बार-बार आने वाली पंक्ति
पहली पंक्ति ही अंतिम पंक्ति है।
Use it when: टेक पर प्रश्न।
स्वदेश कविता: देश-प्रेम की पहचान और कर्तव्य का संदेश: solved examples
Ordered from board level to HOTS. Try each one before you open the solution.
Example 1: पत्थर किसे कहा गया · 1 mark · MCQBoard level
कविता में 'पत्थर' किस हृदय को कहा गया है?
(क) जो कठोर परिश्रम करता है (ख) जिसमें स्वदेश का प्यार नहीं (ग) जो दुखी रहता है (घ) जो बहुत धनी है
Try it first, then show the solutionSolution
- कवि के अनुसार जिसमें स्वदेश का प्यार नहीं, वह हृदय नहीं, पत्थर है (1 अंक)।
Answer: (ख)
Example 2: टेक का अर्थ · 2 marks · Short answerBoard level
कविता की टेक क्या है और वह बार-बार क्यों आती है? (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- टेक का नाम और पंक्ति (1)।
- बार-बार आने का कारण: मुख्य भाव पर बल (1)।
Answer: कविता की टेक है: 'वह हृदय नहीं है पत्थर है, जिसमें स्वदेश का प्यार नहीं।' यह पंक्ति बार-बार आकर देश-प्रेम के मुख्य भाव को याद दिलाती है और कविता में गेयता लाती है।
Example 3: कृतज्ञता का भाव · 3 marks · Short answerHarder board level
कवि 'जिसकी मिट्टी में उगे बढ़े, पाया जिसमें दाना-पानी' कहकर क्या याद दिलाते हैं? (40-50 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- हमारा जन्म और पालन-पोषण इसी देश में हुआ (1)।
- माता-पिता और भाई-बंधु भी यहीं हैं (1)।
- इसलिए देश का ऋण और कर्तव्य हमारा है (1)।
Answer: कवि याद दिलाते हैं कि हमारा जन्म और पालन-पोषण इसी देश की मिट्टी में हुआ है, इसी से हमें अन्न-जल मिला है और यहीं हमारे माता-पिता तथा भाई-बंधु हैं। इसलिए देश के प्रति कृतज्ञ रहना और उसके लिए कर्तव्य निभाना हमारा दायित्व है।
Example 4: काल-दीप और परवाने · 4 marks · Short answerHarder board level
'है काल-दीप जलता हरदम, जल जाना है परवानों को' पंक्ति में कौन-सा अलंकार है? इसका आशय स्पष्ट कीजिए और बताइए कि कवि इससे क्या संदेश देते हैं। (60-70 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- रूपक अलंकार: काल पर दीपक का आरोप (1.5)।
- आशय: समय या मृत्यु का दीप जलता है और सबको जाना है (1.5)।
- संदेश: भय छोड़ो और कर्तव्य निभाओ (1)।
Answer: इस पंक्ति में रूपक अलंकार है, क्योंकि काल (समय) पर दीपक का आरोप किया गया है। आशय यह है कि समय का दीप सदा जलता है और परवाने जैसे हम सब को एक दिन इसमें जलना ही है। इसलिए मृत्यु से डरने की ज़रूरत नहीं। कवि संदेश देते हैं कि निडर होकर देश के प्रति अपना कर्तव्य निभाना चाहिए।
Example 5: देश-प्रेम केवल शब्द नहीं · 5 marks · Long answerHOTS / competency
क्या आप मानते हैं कि कविता के अनुसार देश-प्रेम केवल भावना का नाम नहीं, कर्म का भी नाम है? कविता की पंक्तियों के आधार पर अपना मत दीजिए। (80-100 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- अपना मत (1)।
- साहस, जोश और समाज-भलाई की पंक्तियाँ (1.5)।
- निडर कर्तव्य की पंक्तियाँ (1.5)।
- भाषा और निष्कर्ष (1)।
Answer: हाँ, मैं सहमत हूँ। कविता में कवि केवल भावुक होने की बात नहीं करते। वे कहते हैं कि जिसने साहस छोड़ दिया, वह पार नहीं पहुँच सकता, और जिसने समाज की भलाई के लिए कुछ नहीं किया, उसकी भी भलाई नहीं होती। अंत में वे कहते हैं कि डरने की ज़रूरत नहीं, क्योंकि साधन हमारे पास हैं। इन बातों से स्पष्ट है कि देश-प्रेम जोश, संवेदना और कर्तव्य का मेल है। केवल भाषण देना या भावना रखना पर्याप्त नहीं; देश के लिए काम करना भी ज़रूरी है।
Where students lose marks in स्वदेश कविता: देश-प्रेम की पहचान और कर्तव्य का संदेश
The slips examiners see most often, and what to write instead.
Mistake: 'पत्थर' का शाब्दिक अर्थ लिखना
यहाँ पत्थर का भाव है भावनाहीन और संवेदनाहीन।
Wrong working
पत्थर का अर्थ है कठोर चट्टान।
Right working
पत्थर का अर्थ है ऐसा हृदय जिसमें देश के प्रति प्रेम और संवेदना नहीं है।
Do this: लाक्षणिक अर्थ लिखें।
Usually costs: 1 अंक।
Mistake: काल-दीप में उपमा लिखना
यहाँ उपमा-वाचक शब्द नहीं है।
Wrong working
काल-दीप में उपमा अलंकार है।
Right working
काल-दीप में रूपक अलंकार है, क्योंकि काल पर दीपक का आरोप है।
Do this: वाचक शब्द (सा, जैसे) खोजें।
Usually costs: 1 अंक।
Mistake: टेक का अर्थ न लिखना
प्रश्न में टेक की परिभाषा चाहिए।
Wrong working
टेक कविता की सबसे अच्छी पंक्ति है।
Right working
टेक वह पंक्ति है जो कविता में बार-बार आती है।
Do this: परिभाषा और उदाहरण दोनों लिखें।
Usually costs: 1 अंक।
Exam tips
- टेक की पंक्ति को ज्यों-का-त्यों उद्धृत करें और उसका अर्थ अपने शब्दों में लिखें।
- पत्थर, काल-दीप और परवाने जैसे शब्दों का लाक्षणिक अर्थ लिखें।
- अलंकार के उत्तर में उदाहरण, अलंकार का नाम और कारण तीनों लिखें।
- कविता के तीन भागों का क्रम याद रखें: प्रेम, कृतज्ञता, कर्तव्य।
- अंत में केंद्रीय भाव एक पंक्ति में लिखें।
Practice questions on स्वदेश कविता: देश-प्रेम की पहचान और कर्तव्य का संदेश
Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.
Q1 · 1 mark · MCQBoard level
'स्वदेश' कविता के कवि कौन हैं?
(क) महादेवी वर्मा (ख) गयाप्रसाद शुक्ल 'सनेही' (ग) दुष्यंत कुमार (घ) कबीरHint
पाठ 1 के कवि।
Answer
(ख)
Q2 · 2 marks · Short answerBoard level
'काल-दीप' शब्द में कौन-सा अलंकार है? कारण भी लिखिए। (20-25 शब्द)
Hint
आरोप का नाम।
Answer
'काल-दीप' में रूपक अलंकार है, क्योंकि काल (समय) पर दीपक का आरोप किया गया है। यहाँ काल को दीपक के रूप में दिखाया गया है, जिसमें परवाने जलते हैं।
Q3 · 1 mark · Assertion-reasonHarder board level
अभिकथन (A): कवि के अनुसार जिसके मन में भावनाओं का रस नहीं बहता, वह भी पत्थर के समान है।
कारण (R): कवि देश-प्रेम को संवेदना और जोश से जोड़कर देखते हैं।
(क) A और R दोनों सही हैं और R, A की व्याख्या करता है
(ख) A और R दोनों सही हैं, पर R, A की व्याख्या नहीं करता
(ग) A सही है, R गलत है
(घ) A गलत है, R सही हैHint
R, A का कारण बताता है या नहीं?
Answer
(क)
Q4 · 3 marks · Short answerHarder board level
'क्या है वह भू का भार नहीं' पंक्ति में प्रश्न का रूप क्यों अपनाया गया है? इसका प्रभाव बताइए। (40-50 शब्द)
Hint
उत्तर पाठक स्वयं सोच ले।
Answer
कवि ने यह बात प्रश्न के रूप में कही है ताकि पाठक स्वयं सोचे और उत्तर दे कि जिसका मन देश के लिए नहीं पिघलता, वह धरती का बोझ ही है। प्रश्न-शैली से कथन में दृढ़ता आती है और पाठक के मन पर गहरा प्रभाव पड़ता है।
Q5 · 5 marks · Long answerHOTS / competency
अपने विद्यालय की प्रातःकालीन सभा के लिए 'देश-प्रेम और हमारा कर्तव्य' विषय पर एक छोटा भाषण (80-100 शब्द) लिखिए, जिसमें कविता की कम से कम दो बातों का उल्लेख हो।
Hint
संबोधन, दो बातें, संदेश, धन्यवाद।
Answer
आदरणीय प्रधानाचार्य जी, शिक्षकगण और मेरे प्यारे साथियो, सुप्रभात। आज मैं देश-प्रेम पर कुछ कहना चाहता हूँ। 'स्वदेश' कविता के कवि कहते हैं कि जिस हृदय में देश का प्यार नहीं, वह पत्थर है। वे यह भी याद दिलाते हैं कि इसी देश की मिट्टी में हम पले-बढ़े और यहीं से हमें दाना-पानी मिला। इसलिए देश के प्रति हमारा कर्तव्य है। हम स्वच्छता रखें, ईमानदारी से पढ़ाई करें और दूसरों की मदद करें। यही सच्चा देश-प्रेम है। धन्यवाद।
Test your recall
Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.
1.'स्वदेश' कविता के कवि कौन हैं?Show answer
गयाप्रसाद शुक्ल 'सनेही'।
2.कविता की टेक क्या है?Show answer
वह हृदय नहीं है पत्थर है, जिसमें स्वदेश का प्यार नहीं।
3.'लासानी' का क्या अर्थ है?Show answer
बेजोड़।
4.काल-दीप में कौन-सा अलंकार है?Show answer
रूपक अलंकार।
5.कवि के अनुसार देश ने कितने रत्न दिए?Show answer
नौ रत्न।
6.कविता का केंद्रीय भाव क्या है?Show answer
देश-प्रेम जोश, साहस, संवेदना और कर्तव्य का नाम है।
स्वदेश कविता: देश-प्रेम की पहचान और कर्तव्य का संदेश: frequently asked questions
'स्वदेश' कविता का मुख्य संदेश क्या है?
देश के लिए प्रेम, कृतज्ञता और निडर होकर कर्तव्य निभाना ही सच्चा जीवन है।
कवि ने किस हृदय को पत्थर कहा है?
जिसमें स्वदेश का प्यार नहीं है।
यह कविता मल्हार के किस पाठ में है?
कक्षा 8 की मल्हार के पाठ 1 में।
परीक्षा में कैसे प्रश्न आते हैं?
भावार्थ, अलंकार, शब्दार्थ, काव्यांश पर आधारित प्रश्न और भाषण या अनुच्छेद।