रुबाइयाँ (फ़िराक़ गोरखपुरी): वात्सल्य, त्योहार और भाषा (कक्षा 12)
Updated 17 October 2026 · Fact-checked
फ़िराक़ की रुबाइयों में पाँच चित्र हैं: माँ का बच्चे को हवा में उछालना, नहलाना और कपड़े पहनाना, दीवाली पर घरौंदे में दीया जलाना, चाँद की ज़िद पर दर्पण में चाँद दिखाना और रक्षाबंधन की राखी। इनमें वात्सल्य रस है। रुबाई चार पंक्तियों का छंद है जिसकी पहली, दूसरी और चौथी पंक्ति में तुक होती है। भाषा हिंदी, उर्दू और लोकभाषा का मेल है। 2026-27 में ग़ज़ल पाठ्यक्रम से हटी है, केवल रुबाइयाँ पढ़नी हैं।
Understand रुबाइयाँ: वात्सल्य और त्योहारों के चित्र
रुबाई उर्दू-फ़ारसी का चार पंक्तियों का छंद है; पहली, दूसरी और चौथी पंक्ति में तुक मिलती है, तीसरी स्वच्छंद होती है। फ़िराक़ ने इस छंद में घर-परिवार के आत्मीय चित्र उतारे हैं।
पहली रुबाई: माँ आँगन में अपने 'चाँद के टुकड़े' को लिए खड़ी है, उसे हाथों पर झुलाती है और बार-बार हवा में हल्का-सा उछालती (लोका देती) है। हर बार बच्चे की खिलखिलाती हँसी गूँज उठती है। यहाँ 'चाँद का टुकड़ा' रूपक है और 'रह-रह के' में पुनरुक्ति है।
दूसरी रुबाई: माँ बच्चे को साफ़, छलकते जल से नहलाती है, उलझे बालों में कंघी करती है और घुटनों में दबाकर कपड़े पहनाती है। बच्चा प्यार से माँ का मुँह देखता रहता है। दोनों ओर का स्नेह इसका केंद्र है।
तीसरी रुबाई: दीवाली की शाम है। घर पुते-सजे हैं, चीनी-मिट्टी के खिलौने जगमगा रहे हैं। माँ के मुखड़े पर कोमल चमक है और वह बच्चे के बनाए छोटे घरौंदे में दीये जलाती है ताकि उसकी खुशी पूरी हो।
चौथी रुबाई: बच्चा आँगन में ठुनक रहा है, उसका मन चाँद पर ललचा गया है। माँ उसे दर्पण देकर कहती है कि देखो, आईने में चाँद उतर आया है। यह बाल-मनोविज्ञान की सूझ-भरी समझ है।
पाँचवीं रुबाई: रक्षाबंधन की सुबह है। बहन 'रस की पुतली' है, आकाश में हल्की घटा है, राखी के लच्छे बिजली की तरह चमकते हैं और बहन भाई की कलाई पर राखी बाँधती है। यहाँ उपमा है और सावन की घटा तथा बिजली का बिंब भाई-बहन के पवित्र स्नेह की खुशी के साथ जुड़ जाता है।
भाषा: 'लोका देना', 'घुटनियों', 'पिन्हाती', 'ज़िदयाया', 'रस की पुतली' जैसे प्रयोग हिंदी, उर्दू और लोकभाषा का मेल हैं, जो साझी संस्कृति का संकेत भी हैं।
रुबाइयाँ: वात्सल्य और त्योहारों के चित्र: key facts
- पाँच रुबाइयाँ, पाँच दृश्य
- उछालना और हँसी
- नहलाना-कपड़े पहनाना
- दीवाली का घरौंदा
- दर्पण में चाँद
- रक्षाबंधन की राखी
- हर दृश्य के साथ एक पंक्ति याद रखें।
- रुबाई छंद
- चार पंक्तियाँ
- तुक: पहली, दूसरी और चौथी पंक्ति
- तीसरी पंक्ति स्वतंत्र
- भाषा-छंद के प्रश्नों में यही विशेषता लिखें।
- अलंकार और भाषा
- चाँद के टुकड़े = रूपक
- रस की पुतली = रूपक
- बिजली की तरह = उपमा
- रह-रह के, छलके-छलके = पुनरुक्ति
- लोका, गेसू, पिन्हाती = मिली-जुली भाषा
- उदाहरण देते समय पंक्ति का अंश लिखें।
रुबाइयाँ: वात्सल्य और त्योहारों के चित्र in real life
The idea, met in an everyday situation. Answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.
बच्चे की ज़िद को चतुराई से सँभालना
मान लीजिए एक छोटा बच्चा रात में खिड़की के पास रोता है कि उसे चाँद चाहिए, और पिता उसे एक चमकती थाली में चाँद का प्रतिबिंब दिखाकर कहते हैं, 'देखो, चाँद यहाँ आ गया।'
यह स्थिति रुबाइयों की किस रुबाई से मेल खाती है और माँ के किस गुण को प्रकट करती है?
Try it first, then show the solutionSolution
- ज़िद पर बहलाना चौथी रुबाई से मेल खाता है।
- प्रतिबिंब दिखाना 'आईने में चाँद उतर आया' जैसा है।
- गुण: चतुराई और धैर्य।
Answer: चौथी रुबाई; माँ की चतुराई, धैर्य और बाल-मनोविज्ञान की समझ।
Memory hook: ज़िद पर डाँट नहीं, दर्पण।
त्योहार और घर की रौनक
मान लीजिए दीवाली पर एक माँ अपने छोटे बेटे द्वारा मिट्टी से बनाए छोटे घर के भीतर भी एक नन्हा दीया रख देती है, ताकि बच्चे को लगे कि उसका घर भी रोशन है।
यह किस रुबाई के भाव को दर्शाता है?
Try it first, then show the solutionSolution
- बच्चे का बनाया घरौंदा = छोटा घर।
- उसमें दीया जलाना = बच्चे की खुशी पूरी करना।
Answer: तीसरी रुबाई: 'बच्चे के घरौंदे में जलाती है दिए'।
Memory hook: बड़े घर में दीये, तो बच्चे के घरौंदे में भी।
Tricks to remember रुबाइयाँ: वात्सल्य और त्योहारों के चित्र
Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.
उ-न-दी-च-रा
उछालना, नहलाना, दीवाली, चाँद, राखी: पाँचों रुबाइयों के पहले अक्षर।
Use it when: रुबाइयों का क्रम और विषय याद रखने के लिए।
रुबाई = 4 पंक्तियाँ, तुक 1-2-4
तीसरी पंक्ति ढीली, बाकी तीन बँधी।
Use it when: छंद की विशेषता वाले प्रश्न।
रुबाइयाँ: वात्सल्य और त्योहारों के चित्र: solved examples
Ordered from board level to HOTS. Try each one before you open the solution.
Example 1: शब्दार्थ · 1 mark · MCQBoard level
रुबाई में 'लोका देना' का अर्थ है—
(क) बच्चे को डाँटना
(ख) बच्चे को हवा में उछालकर फिर पकड़ लेना
(ग) बच्चे को सुलाना
(घ) बच्चे को नहलाना
Try it first, then show the solutionSolution
- पहली रुबाई में माँ हाथों पर झुलाती और हवा में उछालती है।
- इसी क्रिया को 'लोका देना' कहा गया है।
Answer: (ख) बच्चे को हवा में उछालकर फिर पकड़ लेना।
Example 2: दर्पण में चाँद · 2 marks · Short answerHarder board level
चौथी रुबाई में माँ बच्चे की ज़िद कैसे पूरी करती है? इस प्रसंग से माँ और बच्चे के बारे में क्या पता चलता है? (लगभग 40 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- ज़िद: बच्चे का मन चाँद पर ललचाया है।
- उपाय: दर्पण में चाँद का प्रतिबिंब।
- निष्कर्ष: माँ की चतुराई, बच्चे की मासूमियत।
Answer: बच्चा चाँद के लिए ठुनकता है तो माँ उसे दर्पण देकर कहती है कि देखो, आईने में चाँद उतर आया है। इससे माँ की चतुराई और धैर्य तथा बच्चे की मासूम ज़िद का पता चलता है; माँ बाल-मन को समझकर उसे बहला लेती है।
Example 3: वात्सल्य के चित्र · 3 marks · Long answerHarder board level
रुबाइयों में माँ-बच्चे के संबंध के कौन-से चित्र हैं? तीन चित्र प्रमाण सहित लिखिए (लगभग 60 शब्द)।
Try it first, then show the solutionSolution
- पहला चित्र: उछालना और हँसी।
- दूसरा: नहलाना, कंघी, कपड़े पहनाना।
- तीसरा: दर्पण में चाँद या घरौंदे का दीया।
Answer: पहले चित्र में माँ चाँद के टुकड़े जैसे बच्चे को हवा में उछालती है और उसकी खिलखिलाती हँसी गूँजती है। दूसरे में वह छलकते जल से नहलाती, उलझे बालों में कंघी करती और घुटनों में दबाकर कपड़े पहनाती है, और बच्चा प्यार से उसका मुँह देखता है। तीसरे में वह ज़िद पर अड़े बच्चे को दर्पण में चाँद दिखाकर बहलाती है।
Example 4: रक्षाबंधन की रुबाई · 3 marks · Long answerHarder board level
रक्षाबंधन वाली रुबाई में प्रकृति और राखी का संबंध किस प्रकार दिखाया गया है? अलंकार बताइए (लगभग 60 शब्द)।
Try it first, then show the solutionSolution
- सावन की हल्की घटा।
- राखी के लच्छे बिजली की तरह चमकते हैं: उपमा।
- बहन 'रस की पुतली' है: रूपक।
Answer: रक्षाबंधन की सुबह आकाश में हल्की घटा छाई है और राखी के चमकते लच्छे बिजली की तरह चमकते हैं; यहाँ 'तरह' वाचक के कारण उपमा है। बहन को 'रस की पुतली' कहना रूपक है, जिससे उसकी मिठास और स्नेह झलकता है। सावन की घटा-बिजली का बिंब भाई-बहन के पवित्र रिश्ते की खुशी से जुड़ जाता है।
Example 5: भाषा का मेल · 3 marks · Long answerHOTS / competency
फ़िराक़ की रुबाइयों की भाषा को 'साझी संस्कृति' का प्रतीक क्यों कहा जा सकता है? पाठ के शब्दों के उदाहरण देते हुए अपना मत लिखिए (लगभग 60 शब्द)।
Try it first, then show the solutionSolution
- उदाहरण छाँटें: लोका, घुटनियों, पिन्हाती, ज़िदयाया, रस की पुतली, गेसू।
- कौन-सा शब्द किस स्रोत का है, यह बताएँ: लोकभाषा, उर्दू।
- सहज मेल से साझी विरासत का संकेत।
Answer: रुबाइयों में 'लोका', 'घुटनियों' और 'पिन्हाती' जैसे लोकभाषा के शब्द हैं और 'गेसुओं' तथा 'रुबाई' जैसे उर्दू के; 'रस की पुतली' में हिंदी का रस-बोध है। ये सब बिना किसी खिंचाव के एक साथ चलते हैं। भाषा का यह सहज मेल दिखाता है कि हिंदी और उर्दू की साझी विरासत लोक-जीवन में घुली-मिली है।
Where students lose marks in रुबाइयाँ: वात्सल्य और त्योहारों के चित्र
The slips examiners see most often, and what to write instead.
Mistake: रुबाई और ग़ज़ल को मिला देना
2026-27 में ग़ज़ल पाठ्यक्रम से हटी है; रुबाई चार पंक्तियों की है।
Do this: प्रश्न में केवल रुबाइयों के उदाहरण दें।
Usually costs: 1 अंक
Mistake: वात्सल्य के चित्र बिना प्रमाण के लिखना
चित्रों के साथ पंक्ति या क्रिया का उल्लेख आवश्यक है।
Wrong working
माँ बच्चे से प्यार करती है।
Right working
माँ बच्चे को हवा में उछालती है और उसकी खिलखिलाती हँसी गूँज उठती है।
Do this: क्रिया + परिणाम लिखें।
Usually costs: 1 अंक
Mistake: रूपक और उपमा का भेद भूलना
'चाँद के टुकड़े' रूपक है; 'बिजली की तरह' उपमा है।
Do this: वाचक शब्द खोजें।
Usually costs: 1 अंक
Mistake: रुबाई की तुक-योजना गलत बताना
तुक पहली, दूसरी और चौथी पंक्ति में होती है।
Do this: '1-2-4' याद रखें।
Usually costs: 1 अंक
Exam tips
- हर रुबाई के लिए एक मुख्य क्रिया याद रखें: उछालना, नहलाना, दीया जलाना, दर्पण देना, राखी बाँधना।
- भाषा-शैली के प्रश्न में लोकभाषा और उर्दू के शब्दों के उदाहरण पंक्ति से दें।
- रस पूछे जाने पर 'वात्सल्य' लिखें और कारण में माँ का शिशु के प्रति स्नेह बताएँ।
- रूपक-उपमा के उत्तर में वाचक शब्द का उल्लेख करें।
- ग़ज़ल पाठ्यक्रम से हटी है, इसलिए उसकी तैयारी में समय न लगाएँ।
Practice questions on रुबाइयाँ: वात्सल्य और त्योहारों के चित्र
Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.
Q1 · 1 mark · MCQBoard level
'आँगन में लिए चाँद के टुकड़े को खड़ी' में 'चाँद के टुकड़े' में कौन-सा अलंकार है?
(क) उपमा
(ख) रूपक
(ग) यमक
(घ) श्लेषHint
बच्चे को चाँद का टुकड़ा मान लिया गया है।
Answer
(ख) रूपक; बच्चे और चाँद के टुकड़े में अभेद है।
Q2 · 2 marks · Short answerBoard level
रुबाई की दीवाली वाली पंक्तियों में घर का चित्र किस प्रकार खींचा गया है? (लगभग 40 शब्द)
Hint
पुते-सजे घर, चीनी के खिलौने, घरौंदे का दीया।
Answer
दीवाली की शाम घर पुते-सजे हैं और चीनी-मिट्टी के खिलौने जगमगा रहे हैं। माँ के मुखड़े पर कोमल चमक है और वह बच्चे के बनाए छोटे घरौंदे में भी दीया जलाती है।
Q3 · 3 marks · Long answerHarder board level
'किस प्यार से देखता है बच्चा मुँह को' पंक्ति में किसके स्नेह की अभिव्यक्ति है? नहलाने के पूरे दृश्य का प्रभाव समझाइए (लगभग 60 शब्द)।
Hint
दोनों ओर का स्नेह; माँ की क्रियाएँ।
Answer
इस पंक्ति में बच्चे के माँ के प्रति स्नेह की अभिव्यक्ति है। माँ छलकते जल से नहलाती, बालों में कंघी करती और घुटनों में दबाकर कपड़े पहनाती है, और बच्चा शांत होकर प्यार से उसे देखता रहता है। इससे माँ-बच्चे के आत्मीय संबंध का दो-तरफ़ा चित्र बनता है।
Q4 · 3 marks · Long answerHarder board level
रुबाइयों में पुनरुक्ति प्रकाश के दो उदाहरण छाँटकर उनका सौंदर्य स्पष्ट कीजिए (लगभग 60 शब्द)।
Hint
रह-रह के, छलके-छलके, हलकी-हलकी।
Answer
'रह-रह के' में क्रिया के बार-बार होने का भाव है, जिससे माँ के बार-बार उछालने और बच्चे की बार-बार गूँजती हँसी का चित्र बनता है। 'छलके-छलके' जल की बहुलता और ताज़गी तथा 'हलकी-हलकी' घटा की कोमलता प्रकट करते हैं। इस प्रकार पुनरुक्ति से लय, कोमलता और दृश्य की सजीवता बढ़ती है।
Q5 · 3 marks · Long answerHOTS / competency
यदि चौथी रुबाई में माँ बच्चे को दर्पण न देकर डाँट देती, तो कविता के भाव में क्या अंतर आ जाता? अपना मत तर्क सहित लिखिए (लगभग 60 शब्द)।
Hint
वात्सल्य रस और माँ की भूमिका।
Answer
डाँटने पर कविता का वात्सल्य रस और माँ की कोमलता कमज़ोर पड़ जाती। दर्पण दिखाकर बहलाना माँ की चतुराई, धैर्य और बाल-मनोविज्ञान की समझ प्रकट करता है और रुबाई को सूझ-भरा, मनोहर चित्र बनाता है। डाँट से बच्चे की ज़िद तो रुक सकती थी, पर तब रुबाई का अनोखा सौंदर्य नहीं बनता।
Test your recall
Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.
1.रुबाई कितनी पंक्तियों का छंद है?Show answer
चार पंक्तियों का।
2.रुबाई में तुक किन पंक्तियों में मिलती है?Show answer
पहली, दूसरी और चौथी पंक्ति में।
3.चौथी रुबाई में माँ बच्चे को क्या देती है?Show answer
दर्पण, यह कहते हुए कि आईने में चाँद उतर आया है।
4.बहन को कवि ने क्या कहा है?Show answer
रस की पुतली।
5.रुबाइयों में कौन-सा रस प्रमुख है?Show answer
वात्सल्य।
रुबाइयाँ: वात्सल्य और त्योहारों के चित्र: frequently asked questions
फ़िराक़ गोरखपुरी का असली नाम क्या था?
रघुपति सहाय।
क्या ग़ज़ल भी परीक्षा में पूछी जाएगी?
नहीं, 2026-27 के CBSE पाठ्यक्रम से ग़ज़ल हटा दी गई है।
रुबाइयों में कौन-से त्योहार आए हैं?
दीवाली और रक्षाबंधन।
रुबाइयों से बोर्ड में क्या पूछा जाता है?
काव्यांश पर 5 MCQ, वात्सल्य के चित्र, अलंकार, भाषा-छंद और पंक्तियों के आशय पर 2-3 अंक के प्रश्न।