अप्रत्याशित विषय पर 120 शब्द का लेख: चरण, नियम और नमूने (कक्षा 12)
Updated 17 October 2026 · Fact-checked
बोर्ड में तीन अप्रत्याशित विषयों में से एक पर लगभग 120 शब्दों का रचनात्मक लेख 6 अंक का होता है। लिखने से पहले दो-तीन मिनट ठहरकर एक कोण चुनें, आकर्षक और निर्वाह-योग्य शुरुआत सोचें, रूपरेखा बनाएँ, और ध्यान रखें कि बातें आपस में जुड़ी हों (सुसंबद्धता) और एक-दूसरे का खंडन न करें (सुसंगति)। 'मैं' शैली की छूट है। शीर्षक दें, दो-तीन छोटे अनुच्छेद लिखें और अंत में एक-दो वाक्यों में निचोड़ दें।
तीर के क्रम में देखें: पहले ठहरकर कोण चुनें, फिर रूपरेखा, जुड़ाव और तालमेल रखें, और अंत में निचोड़ देकर लगभग 120 शब्दों में पूरा करें।
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Understand अप्रत्याशित विषय पर 120 शब्द का लेख लिखने की विधि
अप्रत्याशित विषय वे हैं जिन पर लिखने के लिए पहले से तैयार सामग्री नहीं होती: जैसे सामने की दीवार, उस पर टँगी घड़ी, या 'टी.वी. धारावाहिकों में स्त्री' जैसा थोड़ा केंद्रित विषय। पाठ के अनुसार ज़्यादातर लोग 'रटंत' पर निर्भर रहते हैं, यानी दूसरों की तैयार सामग्री को याद करके ज्यों-का-त्यों लिख देते हैं। इससे असली अभ्यास नहीं होता। लेखन यांत्रिक हस्तकौशल नहीं, भाषा के सहारे किसी चीज़ पर विचार करना और उसे शुद्ध व सुसंगठित रूप में व्यक्त करना है; भाषा विचार का माध्यम ही नहीं, विचार करने का साधन भी है।
विषय की प्रकृति। खुला विषय 'खुला मैदान' है: सैकड़ों कोणों से सोचा जा सकता है, जैसे 'दीवाल घड़ी'। केंद्रित विषय में विचार-प्रवाह थोड़ा नियंत्रित रखना पड़ता है और विषय में व्यक्त वस्तुस्थिति की उपेक्षा नहीं की जा सकती, जैसे 'दीवाल घड़ी की उपयोगिता'। पहले विषय की प्रकृति पहचानें।
चरण। (1) दो-तीन मिनट ठहरें और मन में आए कई कोणों में से वह कोण चुनें जिसे आप विस्तार दे सकें। (2) आकर्षक शुरुआत सोचें, जो निर्वाह-योग्य भी हो, यानी आगे की बातें उससे जुड़ सकें। (3) मन में रूपरेखा बनाएँ कि बात सिलसिलेवार कैसे बढ़ेगी। (4) सुसंबद्धता: बातें आपस में जुड़ी हों; बिना कारण विषय न बदलें (मौसम की बात करते-करते अचानक राजनीति नहीं)। (5) सुसंगति: बातों में तालमेल हो और वे एक-दूसरे का खंडन न करें (एक ही दिन का मौसम एक बार खुशगवार, दूसरी बार उबाऊ नहीं)। (6) 'मैं' शैली: सामान्य निबंधों में वर्जित, पर यहाँ आत्मनिष्ठता और व्यक्तित्व की छाप स्वाभाविक है। (7) अंत में एक-दो वाक्यों में निचोड़, जो किसी सामान्य सत्य की ओर इशारा करे।
परीक्षा के लिए जोड़ें: विषय के अनुरूप शीर्षक, लगभग 120 शब्द, दो-तीन छोटे अनुच्छेद और शुद्ध वर्तनी। पाठ कहता है कि लिखने का कोई फ़ॉर्मूला नहीं बना; ये सुझाव मार्गदर्शन भर हैं।
अप्रत्याशित विषय पर 120 शब्द का लेख लिखने की विधि: key facts
- लेख के सात चरण
- कोण चुनना
- आकर्षक व निर्वाह-योग्य शुरुआत
- रूपरेखा
- सुसंबद्धता
- सुसंगति
- 'मैं' शैली की छूट
- अंत में निचोड़
- 6 अंक के लिए शीर्षक, लगभग 120 शब्द और दो-तीन अनुच्छेद भी जोड़ें।
- सुसंबद्धता बनाम सुसंगति
- सुसंबद्धता: बातें आपस में जुड़ी हों | सुसंगति: बातें एक-दूसरे का खंडन न करें
- दोनों का उदाहरण: मौसम से राजनीति पर कूदना (असंबद्ध); एक ही दिन का मौसम सुखद और उबाऊ (असंगत)।
- विषय के दो रूप
- खुला विषय: अनेक कोण, 'खुला मैदान' | केंद्रित विषय: नियंत्रित विचार-प्रवाह, दिए गए पक्ष की उपेक्षा नहीं
- शैली चुनने से पहले विषय की प्रकृति पहचानें।
अप्रत्याशित विषय पर 120 शब्द का लेख लिखने की विधि in real life
The idea, met in an everyday situation. Answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.
कोण चुनना
मान लीजिए परीक्षा में विषय मिला 'खाली बेंच'। आपके मन में तीन कोण आते हैं: (क) स्कूल की पुरानी स्मृति, (ख) पार्क की बेंच पर अकेलापन, (ग) कक्षा की बेंच और अनुपस्थित दोस्त।
किस कोण को चुनें और क्यों?
Try it first, then show the solutionSolution
- वही कोण चुनें जिस पर 120 शब्द तक निर्वाह हो सके।
- जिसमें आपके पास ठोस अनुभव या दृश्य हों।
- ऐसे कोण की शुरुआत भी आकर्षक बन सके।
Answer: जिस कोण के बारे में आपके पास सबसे ठोस अनुभव हो, जैसे कक्षा की बेंच और अनुपस्थित दोस्त; उसमें शुरुआत, विस्तार और निचोड़ तीनों आसानी से बनेंगे।
Memory hook: कोण वही, जिस पर टिक सकें।
असंबद्ध लेख की पहचान
मान लीजिए एक विद्यार्थी 'सावन की पहली बारिश' पर लिखते-लिखते अचानक चुनाव-प्रचार पर चार वाक्य लिख देता है और फिर पुनः बारिश पर लौट आता है।
यह किस नियम का उल्लंघन है और क्यों?
Try it first, then show the solutionSolution
- बारिश से चुनाव पर बिना कारण कूदना: सुसंबद्धता का उल्लंघन।
- लेख का केंद्र बिखर जाता है।
Answer: सुसंबद्धता का, क्योंकि बातें आपस में जुड़ी नहीं रहीं और विषय बिना कारण बदल गया।
Memory hook: बारिश की बात, बारिश पर ही टिकें।
Tricks to remember अप्रत्याशित विषय पर 120 शब्द का लेख लिखने की विधि
Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.
को-आ-रू-सं-नि
कोण, आकर्षक शुरुआत, रूपरेखा, सुसंबद्धता-सुसंगति, निचोड़: पाँच शब्दों में पूरी विधि।
Use it when: 4 अंक के प्रक्रिया-प्रश्न में।
जुड़ाव और तालमेल
सुसंबद्ध = जुड़ी हुई; सुसंगत = आपस में मेल खाती हुई।
Use it when: 2 अंक की परिभाषा में।
अप्रत्याशित विषय पर 120 शब्द का लेख लिखने की विधि: solved examples
Ordered from board level to HOTS. Try each one before you open the solution.
Example 1: सुसंबद्धता और सुसंगति · 2 marks · Short answerBoard level
लेख में सुसंबद्धता और सुसंगति का अर्थ एक-एक उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए। (लगभग 40 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- सुसंबद्धता: बातों का आपस में जुड़ाव।
- सुसंगति: बातों का आपसी तालमेल।
Answer: सुसंबद्धता का अर्थ है कि लेख की बातें आपस में जुड़ी हों, जैसे मौसम की बात करते हुए अचानक राजनीति पर न कूदना। सुसंगति का अर्थ है कि बातें एक-दूसरे का खंडन न करें, जैसे एक ही दिन का मौसम पहले सुहावना और फिर उबाऊ न बताना।
Example 2: रटंत · 2 marks · Short answerHarder board level
'रटंत' किसे कहते हैं और अप्रत्याशित विषयों पर लिखने के लिए यह हानिकारक क्यों है? (लगभग 40 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- परिभाषा।
- हानि: विचार और भाषा का अभ्यास नहीं।
Answer: दूसरों द्वारा तैयार सामग्री को याद करके ज्यों-का-त्यों लिख देने की आदत रटंत है। अप्रत्याशित विषय पर तैयार सामग्री नहीं होती, इसलिए रटंत वहाँ काम नहीं आती और इससे अपने विचारों को संगठित करने तथा भाषा के सहारे सोचने का अभ्यास भी नहीं बनता।
Example 3: लिखते समय ध्यान रखने की बातें · 4 marks · Long answerHarder board level
अप्रत्याशित विषय पर लेख लिखते समय किन चार बातों का ध्यान रखना चाहिए? (लगभग 80 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- कोण का चुनाव।
- आकर्षक शुरुआत और रूपरेखा।
- सुसंबद्धता और सुसंगति।
- अंत में निचोड़।
Answer: सबसे पहले दो-तीन मिनट ठहरकर मन में आए कोणों में से वह कोण चुनना चाहिए जिसे विस्तार दिया जा सके। फिर आकर्षक और निर्वाह-योग्य शुरुआत सोचकर मन में रूपरेखा बना लेनी चाहिए। लिखते समय बातें आपस में जुड़ी (सुसंबद्ध) और परस्पर संगत रहें। अंत में एक-दो वाक्यों में ऐसा निचोड़ दें जो किसी सामान्य सत्य की ओर इशारा करे। 'मैं' शैली की छूट भी ली जा सकती है।
Example 4: नमूना लेख: खाली बेंच · 6 marks · Long answerHarder board level
'खाली बेंच' विषय पर लगभग 120 शब्दों में एक लेख लिखिए।
Try it first, then show the solutionSolution
- कोण: कक्षा की बेंच और अनुपस्थित दोस्त।
- आकर्षक शुरुआत: दृश्य से।
- दो अनुच्छेद और अंत में निचोड़।
Answer: खाली बेंच
कक्षा में घुसते ही मेरी नज़र पीछे की उस बेंच पर अटक गई, जहाँ कल तक मेरा दोस्त रोहन बैठता था। आज वह खाली थी और उस पर पड़ी धूल के ऊपर किसी की बनाई छोटी-सी लकीर साफ़ दिख रही थी। शायद वह बीमार था, या शायद उसके पिता का तबादला हो गया था।
मैंने अनायास अपना बस्ता उसकी बगल की जगह पर रख दिया, मानो वह अभी आकर बैठने ही वाला हो। तब समझ आया कि खाली बेंच केवल लकड़ी का ढाँचा नहीं होती; वह किसी के होने की आदत होती है। इंसान की अहमियत अक्सर उसके चले जाने पर ही समझ आती है।
Example 5: नमूना लेख: रात की आख़िरी बस · 6 marks · Long answerHOTS / competency
'रात की आख़िरी बस' विषय पर लगभग 120 शब्दों में एक लेख लिखिए। (मनोवैज्ञानिक या अवलोकन-आधारित कोण चुन सकते हैं।)
Try it first, then show the solutionSolution
- कोण: प्रतीक्षा और उम्मीद।
- शुरुआत: दृश्य या संवाद से।
- अंत: जीवन की व्यापक सीख।
Answer: रात की आख़िरी बस
घड़ी ने ग्यारह बजाए तो अड्डे पर बैठे आठ-दस चेहरों में हलचल हुई। सबकी आँखें एक ही दिशा में थीं, जहाँ से अंतिम बस के आने की उम्मीद थी। कोई चाय की आख़िरी घूँट भर रहा था, कोई बार-बार फ़ोन देख रहा था।
मैंने सोचा, यह बस केवल सवारियों को घर नहीं पहुँचाती, वह उम्मीद भी ढोती है कि आज की थकान के बाद एक ठिकाना है। उसके हॉर्न की आवाज़ आते ही सबके चेहरे पर एक साथ सुकून उतर आया। जीवन भी ऐसी ही अंतिम बस की प्रतीक्षा है, जिसमें भरोसा हो तो अँधेरा भी सह लिया जाता है।
Where students lose marks in अप्रत्याशित विषय पर 120 शब्द का लेख लिखने की विधि
The slips examiners see most often, and what to write instead.
Mistake: विषय से भटक जाना
केंद्रित विषय में दिए गए पक्ष की उपेक्षा नहीं की जा सकती।
Wrong working
'बहुत ज़रूरी है शिक्षा' पर केवल नौकरी की समस्या पर लिख देना।
Right working
शिक्षा के महत्त्व पर केंद्रित रहकर आत्मनिर्भरता, अधिकार और विवेक पर लिखना।
Do this: हर अनुच्छेद का संबंध विषय से जाँचें।
Usually costs: 1-2 अंक
Mistake: शीर्षक और अंतिम निचोड़ भूल जाना
लेख की पूर्णता और प्रभाव के लिए दोनों अपेक्षित हैं।
Do this: शीर्षक पहले लिखें और अंतिम वाक्य में सामान्य सत्य रखें।
Usually costs: 1 अंक
Mistake: शब्द-सीमा का उल्लंघन
लगभग 120 शब्द चाहिए; बहुत छोटा या बहुत लंबा लेख संतुलन खो देता है।
Do this: लिखकर शब्द गिनें; दो-तीन अनुच्छेद रखें।
Usually costs: 1 अंक
Mistake: बातों का आपसी विरोध
सुसंगति का उल्लंघन लेख को अविश्वसनीय बनाता है।
Do this: अंत में एक बार पूरा लेख पढ़ें।
Usually costs: 1 अंक
Exam tips
- तीन विषयों में से वह चुनें जिस पर आपके पास ठोस अनुभव या दृश्य हों।
- लिखने से पहले दो-तीन मिनट सोचकर कोण और रूपरेखा तय करें।
- शीर्षक, दो-तीन छोटे अनुच्छेद और अंतिम निचोड़ का ढाँचा रखें।
- वर्तनी और वाक्य-रचना पर ध्यान दें; लगभग 120 शब्द का पालन करें।
- रटे हुए निबंध की जगह अपना विचार और अपना उदाहरण दें।
Practice questions on अप्रत्याशित विषय पर 120 शब्द का लेख लिखने की विधि
Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.
Q1 · 1 mark · MCQBoard level
अप्रत्याशित विषयों पर लेखन बोर्ड में कितने अंक का होता है और कितने शब्दों में लिखना होता है? सही विकल्प चुनिए।
(क) 4 अंक; लगभग 80 शब्द
(ख) 6 अंक; लगभग 120 शब्द
(ग) 2 अंक; लगभग 40 शब्द
(घ) 5 अंक; लगभग 100 शब्दHint
तीन विषयों में से एक।
Answer
(ख) 6 अंक; लगभग 120 शब्द।
Q2 · 2 marks · Short answerBoard level
अप्रत्याशित विषय पर लिखे जाने वाले लेख में 'मैं' शैली क्यों स्वीकार्य है? (लगभग 40 शब्द)
Hint
आत्मनिष्ठता और व्यक्तित्व की छाप।
Answer
सामान्य निबंधों में 'मैं' शैली वर्जित मानी जाती है, पर अप्रत्याशित विषयों पर लेख में विचारों की आत्मनिष्ठता और लेखक के व्यक्तित्व की छाप स्वाभाविक है। इसलिए यहाँ 'मैं' शैली की छूट मिलती है।
Q3 · 6 marks · Long answerHarder board level
'सावन की पहली झड़ी' विषय पर लगभग 120 शब्दों में लेख लिखिए। (खुला विषय: अनुभव या अवलोकन का कोई कोण चुनें।)
Hint
आकर्षक शुरुआत, दो अनुच्छेद, निचोड़।
Answer
सावन की पहली झड़ी
दोपहर तक आसमान साफ़ था, पर शाम होते ही पश्चिम से काले बादल घिर आए। कुछ ही देर में पहली फुहार खिड़की के काँच पर सुनाई दी तो माँ ने रसोई से झाँककर मुस्कुराते हुए कहा, 'आखिर आ ही गई।'
मैं छत पर पहुँचा तो मिट्टी की सोंधी महक चारों ओर फैल चुकी थी। पड़ोस के बच्चे गली में भीगते हुए चिल्ला रहे थे और सूखी पत्तियाँ अचानक हरी दिखाई देने लगी थीं। उस पल लगा कि प्रतीक्षा का अपना ही सुख है। पहली झड़ी केवल पानी नहीं लाती, वह राहत, उमंग और नई शुरुआत की आश्वस्ति भी लाती है।
Q4 · 6 marks · Long answerHarder board level
'बहुत ज़रूरी है शिक्षा' (केंद्रित विषय) पर लगभग 120 शब्दों में लेख लिखिए। ध्यान रखें कि विषय में दिए गए पक्ष की उपेक्षा न हो।
Hint
शिक्षा के महत्त्व पर केंद्रित; सुसंबद्ध बिंदु।
Answer
बहुत ज़रूरी है शिक्षा
मेरे गाँव में एक बुज़ुर्ग हैं, जो अनपढ़ होने के कारण बैंक की पर्ची भरने के लिए भी दूसरों का मुँह देखते हैं। उन्हें देखकर समझ आता है कि शिक्षा सिर्फ़ नौकरी का साधन नहीं, आत्मनिर्भरता की कुंजी है।
शिक्षा हमें सही-गलत में अंतर करना सिखाती है और अवसरों के दरवाज़े खोलती है। पढ़ा-लिखा व्यक्ति अपने अधिकार जानता है और ठगी से भी बचता है। इसलिए हर बच्चे को शिक्षा मिलना समाज की ज़िम्मेदारी है। पैसे हम खो सकते हैं, पर जो हमने सीखा है वह जीवन भर साथ रहता है।
Q5 · 4 marks · Long answerHOTS / competency
एक विद्यार्थी कहता है, 'अप्रत्याशित विषयों के लिए पहले से कुछ तैयारी नहीं की जा सकती, इसलिए अभ्यास बेकार है।' पाठ के आधार पर इस विचार की समीक्षा कीजिए। (लगभग 80 शब्द)
Hint
तैयार सामग्री बनाम सोचने का अभ्यास।
Answer
यह विचार सही नहीं है। पाठ के अनुसार अप्रत्याशित विषयों पर तैयार सामग्री रटना संभव नहीं, पर भाषा के सहारे सोचने और विचार संगठित करने की क्षमता अभ्यास से विकसित होती है। कोण चुनना, रूपरेखा बनाना, सुसंबद्धता और सुसंगति साधना और अंत में निचोड़ देना, ये सब अभ्यास से सुधरते हैं। इसलिए तैयारी विषय की नहीं, लेखन-कौशल की होती है।
Test your recall
Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.
1.यह पाठ अभिव्यक्ति और माध्यम का कौन-सा पाठ है?Show answer
पाठ 13।
2.बोर्ड में इस विषय का लेख कितने अंक का होता है?Show answer
6 अंक, लगभग 120 शब्द, तीन में से एक विषय।
3.रटंत क्या है?Show answer
दूसरों की तैयार सामग्री को याद करके ज्यों-का-त्यों लिखने की आदत।
4.सुसंबद्धता का अर्थ क्या है?Show answer
लेख की बातों का आपस में जुड़ा होना।
5.अंत में लेख में क्या होना चाहिए?Show answer
एक-दो वाक्यों का निचोड़ जो किसी सामान्य सत्य की ओर इशारा करे।
अप्रत्याशित विषय पर 120 शब्द का लेख लिखने की विधि: frequently asked questions
क्या अप्रत्याशित विषय पर निबंध की तरह लिखना चाहिए?
इसे सामान्य नाम 'लेख' दिया गया है; यह निबंध, संस्मरण, रेखाचित्र या यात्रा-वृत्तांत जैसा भी बन सकता है।
क्या 'मैं' शैली में लिख सकते हैं?
हाँ, इस प्रकार के लेख में 'मैं' शैली की छूट है।
विषय खुला है या केंद्रित, यह कैसे पहचानें?
खुले विषय में कई कोण संभव हैं (जैसे दीवाल घड़ी); केंद्रित विषय में दिए गए पक्ष पर रहना पड़ता है (जैसे दीवाल घड़ी की उपयोगिता)।
इस पाठ से बोर्ड में और क्या पूछा जा सकता है?
2 अंक (लगभग 40 शब्द) और 4 अंक (लगभग 80 शब्द) में रटंत, सुसंबद्धता-सुसंगति, 'मैं' शैली और लेखन-प्रक्रिया के प्रश्न।