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HindiCBSE Class 12 · ओम थानवी – अतीत में दबे पाँव

अतीत में दबे पाँव (ओम थानवी): मुअनजो-दड़ो का नगर-नियोजन और जल-संस्कृति (कक्षा 12)

Updated 17 October 2026 · Fact-checked

पाठ के अनुसार मुअनजो-दड़ो ग्रिड प्लान की सीधी-आड़ी सड़कों, कृत्रिम टीलों पर बसावट, सड़क पर न खुलने वाले घरों, पकी ईंटों, ढकी नालियों, लगभग सात सौ कुओं, महाकुंड और हर घर के स्नानघर वाला नियोजित शहर था। इसी आधार पर लेखक पूछते हैं कि क्या इसे जल-संस्कृति कहा जा सकता है। वितान भाग 2 के प्रश्न 5-5 अंक के होते हैं, इसलिए उत्तर में तीन-चार प्रमाण और निष्कर्ष लिखें।

Understand मुअनजो-दड़ो: नगर-नियोजन और जल-संस्कृति

'अतीत में दबे पाँव' वितान भाग 2 का यात्रा-वृत्तांत है। लेखक ओम थानवी सिंध (पाकिस्तान) में स्थित मुअनजो-दड़ो (अर्थ: मुर्दों का टीला) घूमते हुए पुरातत्त्व के तथ्यों के साथ अपनी अनुभूतियाँ भी बताते हैं। शीर्षक का अर्थ है कि वे दबे पाँव अतीत में प्रवेश करते हैं, और अतीत स्वयं धरती में दबा है।

नगर-नियोजन के प्रमाण। (1) मुअनजो-दड़ो ताम्र काल के शहरों में सबसे बड़ा और उत्कृष्ट था; वह लगभग दो सौ हैक्टर में फैला था और उसकी आबादी लगभग पचासी हज़ार थी। (2) सिंधु के पानी से बचने के लिए पूरा शहर ईंटों से बनाए कृत्रिम टीलों पर बसा था। (3) सड़कें ग्रिड प्लान में सीधी या आड़ी हैं। 'डीके' हलके की मुख्य सड़क 33 फुट चौड़ी है; उस पर कोई घर नहीं खुलता, दरवाज़े भीतर की गलियों में हैं। (4) सब घर लगभग 1:2:4 अनुपात की पकी ईंटों के हैं। (5) बस्तियों का बँटवारा साफ़ है: गढ़ में प्रशासनिक इमारतें, सभा-भवन, ज्ञानशाला, कोठार और महाकुंड; पूरब में रईसों की बस्ती; कामगारों की बस्ती में दो-दो कमरों के छोटे घर।

जल-संस्कृति के प्रमाण। महाकुंड लगभग 40 फुट लंबा, 25 फुट चौड़ा और 7 फुट गहरा है, जिसमें पक्की ईंटों, चूने-चिरोड़ी के गारे और डामर का प्रयोग है ताकि पानी न रिसे। पास में दोहरे घेरे वाला कुआँ है। शहर में लगभग सात सौ कुएँ थे, हर घर में स्नानघर था और नालियाँ ढकी थीं। इसी आधार पर लेखक पूछते हैं: क्या सिंधु घाटी सभ्यता को हम जल-संस्कृति कह सकते हैं?

तुलना और निष्कर्ष। लेखक चंडीगढ़ की ओर संकेत करते हैं, जहाँ कार्बूजिए ने ऐसी योजना बनाई जिसमें मुख्य सड़कों पर घर नहीं खुलते, और प्रश्न उठाते हैं कि क्या यह सीख मुअनजो-दड़ो से ली गई। अजायबघर में औज़ार, बर्तन, मुहरें, खिलौने और गहने हैं, पर कोई हथियार नहीं; भव्य महल-मंदिर नहीं, मुकुट भी छोटा। इसलिए सभ्यता साधन-संपन्न होकर भी आडंबरहीन और 'ताकत से नहीं, समझ से अनुशासित' थी।

मुअनजो-दड़ो: नगर-नियोजन और जल-संस्कृति: key facts

आँकड़े जो पाठ में आए हैं
  • लगभग दो सौ हैक्टर
  • आबादी लगभग पचासी हज़ार
  • मुख्य सड़क 33 फुट चौड़ी
  • महाकुंड लगभग 40 फुट लंबा, 25 फुट चौड़ा, 7 फुट गहरा
  • कुएँ लगभग सात सौ
  • ईंट अनुपात 1:2:4
संख्याएँ पाठ के अनुसार ही लिखें; 'लगभग' शब्द साथ रखें।
नगर-नियोजन के पाँच प्रमाण
  • ग्रिड प्लान की सड़कें
  • कृत्रिम टीलों पर बसावट
  • सड़क पर न खुलने वाले घर
  • एक अनुपात की पकी ईंटें
  • ढकी नालियाँ और बस्तियों का बँटवारा
5 अंक के उत्तर में चार प्रमाण पर्याप्त हैं।
जल-संस्कृति के प्रमाण
  • सिंधु नदी
  • लगभग सात सौ कुएँ
  • महाकुंड
  • हर घर में स्नानघर
  • ढकी नालियाँ
प्रश्न: क्या इसे जल-संस्कृति कह सकते हैं? उत्तर इन्हीं से बनता है।

मुअनजो-दड़ो: नगर-नियोजन और जल-संस्कृति in real life

The idea, met in an everyday situation. Answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.

नियोजित कॉलोनी बनाम अनियोजित बस्ती

मान लीजिए एक नई कॉलोनी में चौड़ी सड़कें, हर गली में ढकी नालियाँ, अलग-अलग क्षेत्र (आवासीय, बाज़ार, पार्क) और पानी की पर्याप्त व्यवस्था है, जबकि पास की दूसरी बस्ती में नालियाँ खुली हैं और गलियाँ टेढ़ी-मेढ़ी हैं।

पाठ के आधार पर कॉलोनी की किन विशेषताओं की तुलना मुअनजो-दड़ो से की जा सकती है?

Try it first, then show the solutionSolution
  1. चौड़ी, सीधी सड़कें = ग्रिड प्लान।
  2. ढकी नालियाँ = मुअनजो-दड़ो की ढकी नालियाँ।
  3. अलग क्षेत्र = गढ़, रईसों की और कामगारों की बस्ती।

Answer: ग्रिड प्लान जैसी सड़कें, ढकी नालियाँ और क्षेत्रों का बँटवारा, तीनों मुअनजो-दड़ो के नगर-नियोजन से मिलते हैं।

Memory hook: सीधी सड़क, ढकी नाली, बँटे हुए मोहल्ले।

जल-संरक्षण की चिंता

मान लीजिए एक गाँव में हर घर में हाथ धोने का स्थान, मोहल्ले में साझा कुआँ और सभा का एक स्नान-कुंड बनाया गया है, जिसकी दीवारों में पानी रोकने के लिए विशेष गारा लगाया गया है।

यह मुअनजो-दड़ो की किन बातों की याद दिलाता है?

Try it first, then show the solutionSolution
  1. हर घर का स्नानघर।
  2. साझा कुआँ।
  3. महाकुंड की दीवारों में पानी रोकने की व्यवस्था।

Answer: घरों के स्नानघर, कुओं और महाकुंड की जलरोधी बनावट की; जल-संस्कृति के लक्षण।

Memory hook: घर में स्नानघर, गाँव में कुआँ, नगर में महाकुंड।

Tricks to remember मुअनजो-दड़ो: नगर-नियोजन और जल-संस्कृति

Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.

  • सड़क-ईंट-नाली-कुआँ

    चार शब्द: सड़क (ग्रिड), ईंट (1:2:4), नाली (ढकी), कुआँ (सात सौ): नियोजन के चार प्रमाण।

    Use it when: 5 अंक के उत्तर के चार बिंदु याद रखने के लिए।

  • हथियार नहीं, महल नहीं

    अजायबघर में औज़ार-बर्तन-मुहरें-खिलौने-गहने हैं, हथियार नहीं; इसलिए ताकत से नहीं, समझ से अनुशासन।

    Use it when: 'आडंबरहीन सभ्यता' वाले प्रश्न में।

मुअनजो-दड़ो: नगर-नियोजन और जल-संस्कृति: solved examples

Ordered from board level to HOTS. Try each one before you open the solution.

Example 1: महाकुंड की बनावट · 1 mark · MCQBoard level

महाकुंड में पानी रिसने से रोकने के लिए किन सामग्रियों का प्रयोग हुआ था?
(क) कच्ची ईंटें और मिट्टी
(ख) पक्की ईंटें, चूने-चिरोड़ी का गारा और डामर
(ग) पत्थर और लोहा
(घ) लकड़ी और रेत

Try it first, then show the solutionSolution
  1. पाठ में महाकुंड की दीवारों में पक्की ईंटों का प्रयोग बताया गया है।
  2. पानी रोकने के लिए चूने-चिरोड़ी का गारा और डामर लगाया गया।

Answer: (ख) पक्की ईंटें, चूने-चिरोड़ी का गारा और डामर।

Example 2: कृत्रिम टीले · 2 marks · Short answerHarder board level

मुअनजो-दड़ो के कृत्रिम टीलों पर बसाए जाने का कारण और इस निर्णय से नगर-नियोजन का कौन-सा गुण प्रकट होता है? (लगभग 40 शब्द)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. कारण: सिंधु के पानी से बचाव।
  2. गुण: दूरदर्शिता और योजनाबद्धता।

Answer: सिंधु नदी के पानी से बचाव के लिए पूरा शहर ईंटों से बनाए गए कृत्रिम टीलों पर बसाया गया था। इससे नगर-नियोजन की दूरदर्शिता और योजनाबद्धता प्रकट होती है, क्योंकि निर्माताओं ने बाढ़ के जोखिम को पहले से समझकर उसका उपाय किया।

Example 3: नगर-नियोजन के प्रमाण · 5 marks · Long answerHarder board level

पाठ के आधार पर मुअनजो-दड़ो के नगर-नियोजन की विशेषताएँ लिखिए (लगभग 100 शब्द)।

Try it first, then show the solutionSolution
  1. ग्रिड प्लान और 33 फुट चौड़ी मुख्य सड़क।
  2. सड़क पर घर न खुलना।
  3. एकरूप पकी ईंटें (1:2:4) और ढकी नालियाँ।
  4. गढ़, रईसों और कामगारों की बस्तियों का बँटवारा।

Answer: मुअनजो-दड़ो में सड़कें ग्रिड प्लान में सीधी या आड़ी थीं। डीके हलके की मुख्य सड़क 33 फुट चौड़ी है और उस पर कोई घर नहीं खुलता; दरवाज़े भीतर की गलियों में हैं। घर लगभग 1:2:4 अनुपात की पकी ईंटों के बने थे और नालियाँ ढकी हुई थीं। शहर कृत्रिम टीलों पर बसा था ताकि सिंधु के पानी से बचा जा सके। बस्तियाँ भी बँटी थीं: गढ़ में प्रशासनिक इमारतें, महाकुंड और कोठार; पूरब में रईसों की बस्ती; और कामगारों के छोटे घर। इससे स्पष्ट है कि शहर सुनियोजित था।

Example 4: क्या जल-संस्कृति कह सकते हैं · 5 marks · Long answerHarder board level

लेखक पूछते हैं कि क्या सिंधु घाटी सभ्यता को जल-संस्कृति कह सकते हैं। पाठ के प्रमाणों के साथ अपना मत लिखिए (लगभग 100 शब्द)।

Try it first, then show the solutionSolution
  1. मत: हाँ, कह सकते हैं।
  2. प्रमाण: सिंधु, सात सौ कुएँ, महाकुंड, हर घर में स्नानघर, ढकी नालियाँ।
  3. निष्कर्ष: पानी के प्रति सजगता।

Answer: मेरे विचार से इसे जल-संस्कृति कहना उचित है। मुअनजो-दड़ो सिंधु नदी के किनारे बसा था और शहर में लगभग सात सौ कुएँ थे। महाकुंड लगभग 40 फुट लंबा, 25 फुट चौड़ा और 7 फुट गहरा था, जिसमें पानी न रिसे इसके लिए पक्की ईंटों, गारे और डामर का प्रयोग था। हर घर में स्नानघर था और नालियाँ ढकी थीं। ये सब प्रमाण बताते हैं कि वहाँ के लोग पानी और स्वच्छता के प्रति बहुत सजग थे, इसलिए जल-संस्कृति कहना सार्थक है।

Example 5: मुअनजो-दड़ो और आज के शहर · 5 marks · Long answerHOTS / competency

मुअनजो-दड़ो के नगर-नियोजन और आज के किसी शहर की नगर-व्यवस्था की तुलना कीजिए। आपके विचार से कौन-सी बातें आज भी सीखने योग्य हैं? पाठ के प्रमाणों के साथ लिखिए (लगभग 100 शब्द)।

Try it first, then show the solutionSolution
  1. समानता: सड़कों की योजना, जल-निकासी।
  2. अंतर: आज बढ़ती आबादी, अनियोजित विस्तार; पाठ में ढकी नालियाँ, एकरूप ईंटें।
  3. सीख: जल-प्रबंधन, क्षेत्रों का विभाजन, स्वच्छता।

Answer: आज के कई शहरों में बिना योजना के बस्तियाँ फैल जाती हैं और नालियाँ खुली रह जाती हैं, जबकि मुअनजो-दड़ो में सड़कें ग्रिड प्लान में थीं, नालियाँ ढकी थीं, हर घर में स्नानघर था और बस्तियाँ क्षेत्रों में बँटी थीं। लेखक चंडीगढ़ से भी तुलना करते हैं। आज भी हम उससे जल-प्रबंधन, स्वच्छता, ढकी निकासी और क्षेत्रों का योजनाबद्ध बँटवारा सीख सकते हैं। यह दिखाता है कि अच्छी योजना बड़े संसाधनों से अधिक सामूहिक समझ पर निर्भर है।

Where students lose marks in मुअनजो-दड़ो: नगर-नियोजन और जल-संस्कृति

The slips examiners see most often, and what to write instead.

  • Mistake: संख्याएँ गलत लिखना (कुएँ, आबादी, महाकुंड का माप)

    पाठ में दिए गए आँकड़े 'लगभग' के साथ हैं; गलत संख्या से अंक कटते हैं।

    Wrong working

    शहर में एक हज़ार कुएँ थे।

    Right working

    शहर में लगभग सात सौ कुएँ थे।

    Do this: संख्या याद न हो तो गुण-वाचक वर्णन लिखें (बहुत अधिक कुएँ)।

    Usually costs: 1 अंक

  • Mistake: 5 अंक के उत्तर में केवल एक प्रमाण देना

    लगभग 100 शब्द के उत्तर में तीन-चार प्रमाण और निष्कर्ष अपेक्षित हैं।

    Do this: चार बिंदु और एक निष्कर्ष-वाक्य।

    Usually costs: 2 अंक

  • Mistake: मुअनजो-दड़ो और हड़प्पा को एक मान लेना

    पाठ में दोनों अलग नगर हैं, और हड़प्पा के साक्ष्य रेललाइन बिछाने में नष्ट हो गए।

    Do this: प्रश्न जिस नगर का हो, उसी के तथ्य लिखें।

    Usually costs: 1 अंक

  • Mistake: यह लिखना कि सभ्यता का अंत किसी युद्ध से हुआ

    पाठ में युद्ध का प्रमाण नहीं मिलता और हथियार भी नहीं मिले।

    Do this: केवल पाठ में दिए तथ्यों पर आधारित निष्कर्ष लिखें।

    Usually costs: 1 अंक

Exam tips

  • वितान भाग 2 के 5 अंक वाले उत्तर में कथन की व्याख्या, तीन-चार प्रमाण और निष्कर्ष, तीनों रखें।
  • संख्याएँ 'लगभग' के साथ और पाठ के अनुसार ही लिखें।
  • नगर-नियोजन और जल-संस्कृति के प्रमाण अलग-अलग याद रखें; कुछ प्रमाण दोनों में आते हैं (नालियाँ, स्नानघर)।
  • 'आडंबरहीन' वाले उत्तर में हथियार, महल-मंदिर और छोटे मुकुट के प्रमाण दें।
  • लेखक की अनुभूतियों (अधूरी सीढ़ियाँ, 'आँख का झपकना') को भी स्थान दें।

Practice questions on मुअनजो-दड़ो: नगर-नियोजन और जल-संस्कृति

Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.

  1. Q1 · 1 mark · MCQBoard level

    मुअनजो-दड़ो का शाब्दिक अर्थ है—
    (क) जल का नगर
    (ख) मुर्दों का टीला
    (ग) बैलगाड़ियों का मार्ग
    (घ) सोने की नगरी

    Hint

    अनुवाद पाठ की भूमिका में दिया है।

    Answer

    (ख) मुर्दों का टीला।

  2. Q2 · 2 marks · Short answerBoard level

    पाठ के अनुसार मुअनजो-दड़ो की मुख्य सड़क की क्या विशेषता थी? (लगभग 40 शब्द)

    Hint

    चौड़ाई, दरवाज़े, बैलगाड़ियाँ।

    Answer

    डीके हलके की मुख्य सड़क लगभग 33 फुट चौड़ी थी, जिस पर दो बैलगाड़ियाँ साथ-साथ निकल सकती थीं। उस पर कोई घर नहीं खुलता था; घरों के दरवाज़े भीतर की गलियों में थे।

  3. Q3 · 5 marks · Long answerHarder board level

    अजायबघर में हथियारों का न मिलना और भव्य महल-मंदिरों का अभाव किस निष्कर्ष की ओर संकेत करता है? पाठ के आधार पर विस्तार से लिखिए (लगभग 100 शब्द)।

    Hint

    ताकत बनाम समझ; लो-प्रोफ़ाइल।

    Answer

    अजायबघर में औज़ार, बर्तन, मुहरें, खिलौने और गहने मिले, पर कोई हथियार नहीं। इसी तरह न भव्य महल दिखे, न मंदिर या राजाओं की समाधियाँ; नरेश का मुकुट भी छोटा है। इससे संकेत मिलता है कि वहाँ सैन्य ताकत की जगह सामूहिक समझ से अनुशासन बना था और सभ्यता साधन-संपन्न होकर भी आडंबरहीन थी। नगर-योजना, ईंटों, मुहरों और सफ़ाई में एकरूपता इसी समझ से बने अनुशासन का प्रमाण है।

  4. Q4 · 5 marks · Long answerHarder board level

    'अधूरी सीढ़ियों' पर खड़े होकर लेखक को क्या अनुभव हुआ? इस कथन का आशय पाठ के संदर्भ में स्पष्ट कीजिए (लगभग 100 शब्द)।

    Hint

    'इतिहास को नहीं, उसके पार झाँक रहे हैं।'

    Answer

    लेखक एक घर के आँगन की अधूरी सीढ़ियों पर खड़े होते हैं तो अनुभव करते हैं कि वे इतिहास को नहीं, उसके पार झाँक रहे हैं। अधूरी सीढ़ियाँ उन्हें इसलिए खास लगती हैं कि वहाँ जीवन अचानक थमा दिखाई देता है। खंडहर केवल पुरातात्त्विक अवशेष नहीं रह जाते, बल्कि धड़कती ज़िंदगियों के दस्तावेज़ बन जाते हैं। यह कथन बताता है कि प्रत्यक्ष अनुभव से अतीत को महसूस करना किताबों के पढ़ने से अधिक गहरा होता है।

  5. Q5 · 5 marks · Long answerHOTS / competency

    यदि मुअनजो-दड़ो में सभी घरों के दरवाज़े मुख्य सड़क पर खुलते, तो नगर-नियोजन की कौन-सी विशेषता कमज़ोर पड़ जाती? इसके फ़ायदे-नुकसान तर्क सहित लिखिए (लगभग 100 शब्द)।

    Hint

    भीड़, शोर, सुरक्षा, सड़क का उपयोग।

    Answer

    तब नियोजन की यह विशेषता कमज़ोर पड़ती कि मुख्य सड़क पर कोई घर नहीं खुलता, जिससे सड़क का उपयोग आवागमन के लिए सुगम रहता था। मुख्य सड़क पर दरवाज़े होने से शायद दुकानों जैसी सुविधा होती, पर भीड़, शोर और बैलगाड़ियों की बाधा बढ़ जाती और घरों की निजता घटती। भीतर की गलियों में दरवाज़े रखने का निर्णय सड़क को खुली और निर्बाध रखता था। लेखक इस योजना की तुलना चंडीगढ़ से करके इसकी दूरदर्शिता को रेखांकित करते हैं।

Test your recall

Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.

  1. 1.मुअनजो-दड़ो किस प्रांत में है?Show answer

    पाकिस्तान के सिंध प्रांत में।

  2. 2.मुख्य सड़क कितनी चौड़ी थी?Show answer

    लगभग 33 फुट।

  3. 3.शहर में लगभग कितने कुएँ थे?Show answer

    लगभग सात सौ।

  4. 4.किसने 1922 में स्तूप की खोज करते हुए मुअनजो-दड़ो तक पहुँचाया?Show answer

    राखालदास बनर्जी।

  5. 5.अजायबघर में कौन-सी चीज़ नहीं मिली?Show answer

    हथियार।

मुअनजो-दड़ो: नगर-नियोजन और जल-संस्कृति: frequently asked questions

'अतीत में दबे पाँव' किस प्रकार की रचना है?

यात्रा-वृत्तांत (रिपोर्ताज का पुट लिए)।

लेखक ओम थानवी कौन हैं?

पत्रकार और लेखक, जिन्होंने मुअनजो-दड़ो की यात्रा का यह वृत्तांत लिखा।

शीर्षक का क्या अर्थ है?

लेखक दबे पाँव अतीत में प्रवेश करते हैं, और अतीत स्वयं धरती के नीचे दबा है।

इस पाठ से बोर्ड में क्या पूछा जाता है?

वितान भाग 2 से 5 अंक के लगभग 100 शब्दों के प्रश्न: कथन की पुष्टि, आशय, जल-संस्कृति और नगर-नियोजन।