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HindiCBSE Class 11 · मन्नू भंडारी – रजनी

रजनी (मन्नू भंडारी): रजनी का संघर्ष, ट्यूशन के धंधे के विरुद्ध एक पटकथा

Updated 17 October 2026 · Fact-checked

रजनी एक टी.वी. धारावाहिक की कड़ी की पटकथा है। मेधावी अमित को ट्यूशन न लेने के कारण गणित में पूरा पेपर सही होने पर भी 72 अंक मिलते हैं। रजनी हैडमास्टर, शिक्षा निदेशक, अखबार और अभिभावकों तक संघर्ष ले जाती है और अंत में बोर्ड नियम बनाता है कि कोई शिक्षक अपने स्कूल के छात्रों को ट्यूशन नहीं पढ़ाएगा। पटकथा बताती है कि अन्याय के विरुद्ध संगठित प्रयास रंग लाता है।

Understand रजनी का संघर्ष: ट्यूशन के धंधे के विरुद्ध एक पटकथा

समस्या। सातवीं कक्षा का अमित गणित में पूरा पेपर सही करके भी 72 अंक पाता है। शिक्षक मिस्टर पाठक बार-बार ट्यूशन लेने को कहते थे और उनके ट्यूशन वाले छात्र 8 से बढ़कर 22 हो गए थे। परिवार ने पैसों की तंगी में केवल अंग्रेज़ी की ट्यूशन लगवाई थी। यहाँ शिक्षा का व्यवसायीकरण दिखता है।

रजनी का चरित्र। रजनी जुझारू, इंसाफ़-पसंद और निडर है। वह कहती है कि अन्याय देखकर चुप बैठने वाला सबसे बड़ा गुनहगार है। पति रवि पूछता है कि जब उसका बेटा स्कूल जाता ही नहीं, तो उसे क्या परेशानी; रजनी का उत्तर उसके सामाजिक दायित्व को दिखाता है।

व्यवस्था की उदासीनता। हैडमास्टर नियम का हवाला देकर कॉपी दिखाने से मना करते हैं और ट्यूशन को आपसी मामला बताते हैं। शिक्षा निदेशक के दफ़्तर में चपरासी पाँच रुपये लेकर लोगों को अंदर भेजता है; निदेशक ट्यूशन को धंधा नहीं मानता और कहता है कि आज तक कोई शिकायत नहीं आई।

संगठित संघर्ष। रजनी शिकायतों का ढेर लगवाने का संकल्प लेती है, अभिभावकों से पत्र इकट्ठे करती है, अखबार के संपादक का साथ पाती है और 25 तारीख की सभा होती है। अंत में बोर्ड का नियम बनता है। पटकथा के सात दृश्य और विधा के नियम अध्याय-पृष्ठ पर हैं।

Key quotations

Short lines worth knowing by heart: who says them, when, and why they matter.

  • ट्यूशन तो कमज़ोर बच्चे लेते हैं।

    पात्र: ट्यूशन के बारे में।

    ट्यूशन को केवल कमज़ोरों से जोड़ने का तर्क।

  • तुम जैसे लोगों के कारण ही तो इस देश में कुछ नहीं होता, हो भी नहीं सकता!

    पात्र: रजनी के विरुद्ध टिप्पणी में।

    अन्याय के विरुद्ध खड़े होने वालों को निरुत्साहित करने वाला स्वर।

  • अगर डटकर मुकाबला किया जाए तो कौन-सा ऐसा अन्याय है, जिसकी धज्जियाँ न बिखेरी जा सकती हैं।

    रजनी: संघर्ष के संदेश में।

    पटकथा का केंद्रीय संदेश।

रजनी का संघर्ष: ट्यूशन के धंधे के विरुद्ध एक पटकथा: key facts

संघर्ष के चरण
  • हैडमास्टर
  • निदेशक
  • अभिभावक
  • अखबार
  • सभा
  • बोर्ड का नियम
रजनी का क्रम।
रजनी के गुण
  • जुझारू
  • इंसाफ़-पसंद
  • निडर
  • संगठनकर्ता
हर गुण के साथ दृश्य लिखें।
पटकथा
  • दृश्य
  • संवाद
  • कैमरे के निर्देश
विधा की पहचान।

रजनी का संघर्ष: ट्यूशन के धंधे के विरुद्ध एक पटकथा in real life

The idea, met in an everyday situation. Answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.

मोहल्ले में पानी की शिकायत

मान लीजिए किसी मोहल्ले में पानी रोज़ गंदा आता है और एक महिला अकेले जाकर शिकायत करती है तो कोई नहीं सुनता। फिर वह सबके हस्ताक्षर इकट्ठे कर समाचार-पत्र में खबर देती है और अधिकारी तुरंत कार्रवाई करते हैं।

यह प्रसंग पटकथा के किस संदेश से मिलता है?

Try it first, then show the solutionSolution
  1. अकेली आवाज़ दब जाती है।
  2. संगठित प्रयास असर करता है।
  3. मीडिया और जनता का साथ ज़रूरी है।

Answer: यह रजनी के संघर्ष से मिलता है, जहाँ अभिभावकों के पत्र, अखबार और सभा के संगठित प्रयास से अंततः बोर्ड नियम बनाता है।

Memory hook: अकेले नहीं, मिलकर।

Tricks to remember रजनी का संघर्ष: ट्यूशन के धंधे के विरुद्ध एक पटकथा

Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.

  • ह-नि-अ-अ-स-बो

    हैडमास्टर, निदेशक, अभिभावक, अखबार, सभा, बोर्ड।

    Use it when: संघर्ष का क्रम।

  • 72

    पूरा पेपर सही, फिर भी 72।

    Use it when: समस्या की पहचान।

रजनी का संघर्ष: ट्यूशन के धंधे के विरुद्ध एक पटकथा: solved examples

Ordered from board level to HOTS. Try each one before you open the solution.

Example 1: विधा · 1 mark · MCQBoard level

रजनी किस विधा की रचना है?
(क) एकांकी (ख) पटकथा (ग) संस्मरण (घ) रेखाचित्र

Try it first, then show the solutionSolution
  1. यह टी.वी. धारावाहिक की एक कड़ी की पटकथा है (1 अंक)।

Answer: (ख)

Example 2: अमित की समस्या · 2 marks · Short answerBoard level

अमित को गणित में 72 अंक क्यों मिले? (लगभग 40 शब्द)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. पूरा पेपर सही होने पर भी कम अंक (1)।
  2. ट्यूशन न लेने से शिक्षक का दबाव (1)।

Answer: अमित ने गणित का पूरा पेपर सही किया था, फिर भी उसे केवल 72 अंक मिले। उसके शिक्षक मिस्टर पाठक बार-बार ट्यूशन लेने को कहते थे, पर घरवालों ने पैसों की तंगी में गणित की ट्यूशन नहीं लगवाई थी।

Example 3: रजनी का चरित्र · 3 marks · Short answerHarder board level

रजनी के चरित्र की तीन विशेषताएँ पटकथा के आधार पर लिखिए। (लगभग 60 शब्द)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. जुझारूपन (1)।
  2. इंसाफ़-पसंद और निडर होना (1)।
  3. भाषा और शब्द-सीमा (1)।

Answer: रजनी जुझारू है, इसलिए हैडमास्टर, शिक्षा निदेशक और अखबार तक संघर्ष ले जाती है। वह इंसाफ़-पसंद है और कहती है कि अन्याय देखकर चुप रहना सबसे बड़ा गुनाह है। वह निडर और संगठनकर्ता भी है, जो अभिभावकों के पत्र इकट्ठे कर सभा करवाती है।

Example 4: दृश्य-अंश · 5 marks · Source-basedHarder board level

पटकथा के भाव पर आधारित अंश (अपने शब्दों में): शिक्षा निदेशक के दफ़्तर में रजनी देखती है कि चपरासी पाँच रुपये लेकर किसी को अंदर भेज देता है। भीतर निदेशक कहता है कि बोर्ड मान्यता-प्राप्त निजी स्कूलों को अनुदान देता है, पर वह ट्यूशन को धंधा नहीं मानता और आज तक कोई शिकायत नहीं आई। रजनी शिकायतों का ढेर लगवाने का संकल्प लेती है।
(i) चपरासी ने क्या किया
(क) रिश्वत लेकर अंदर भेजा (ख) रजनी को रोका (ग) पानी पिलाया (घ) फ़ाइल दी
(ii) निदेशक की उदासीनता दिखती है
(क) शिकायत न आने के तर्क से (ख) तुरंत कार्रवाई से (ग) संकल्प से (घ) क्रोध से
(iii) रजनी ने क्या संकल्प लिया
(क) चुप रहने का (ख) शिकायतों का ढेर लगवाने का (ग) शिक्षक बनने का (घ) नौकरी छोड़ने का
(iv) यह अंश किस पर व्यंग्य करता है
(क) नौकरशाही की उदासीनता पर (ख) अभिभावकों पर (ग) अख़बारों पर (घ) बच्चों पर
(v) अंश का मूल भाव है
(क) व्यवस्था की चुप्पी के विरुद्ध संघर्ष (ख) हास्य (ग) शांति (घ) भय

Try it first, then show the solutionSolution
  1. प्रत्येक उप-प्रश्न 1 अंक का है।

Answer: (i) (क); (ii) (क); (iii) (ख); (iv) (क); (v) (क)।

Example 5: चुप्पी का अपराध · 3 marks · Short answerHOTS / competency

"अन्याय देखकर चुप बैठने वाला सबसे बड़ा गुनहगार है।" इस विचार को रजनी के आचरण से स्पष्ट कीजिए और आज की स्थितियों से जोड़िए। (लगभग 60 शब्द)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. रजनी का आचरण (1)।
  2. चुप्पी का नुकसान (1)।
  3. आज का संदर्भ (1)।

Answer: रजनी अमित के लिए ही नहीं, सबके हित के लिए लड़ती है, जबकि उसका अपना बेटा अभी स्कूल नहीं जाता। चुप रहने से ट्यूशन का धंधा चलता रहता। आज भी भ्रष्टाचार या अन्याय देखकर चुप रहना उसे बढ़ावा देना है, इसलिए यह विचार प्रासंगिक है।

Where students lose marks in रजनी का संघर्ष: ट्यूशन के धंधे के विरुद्ध एक पटकथा

The slips examiners see most often, and what to write instead.

  • Mistake: रजनी को पटकथा की लेखिका लिखना

    लेखिका मन्नू भंडारी हैं।

    Wrong working

    रजनी ने पटकथा लिखी।

    Right working

    मन्नू भंडारी ने पटकथा लिखी; रजनी उसकी नायिका है।

    Do this: लेखक-पात्र में अंतर करें।

    Usually costs: 1 अंक

  • Mistake: विधा गलत लिखना

    यह पटकथा है, एकांकी नहीं।

    Wrong working

    यह एकांकी है।

    Right working

    यह टी.वी. धारावाहिक की कड़ी की पटकथा है।

    Do this: विधा का नाम याद रखें।

    Usually costs: 1 अंक

  • Mistake: अंत का उल्लेख न करना

    संघर्ष की सफलता अंत में है।

    Wrong working

    रजनी हार गई।

    Right working

    अंत में बोर्ड नियम बनाता है।

    Do this: अंतिम परिणाम लिखें।

    Usually costs: 2 अंक

Exam tips

  • रजनी के संघर्ष के चरण क्रम से लिखें।
  • अमित के अंकों और ट्यूशन वालों की संख्या का उल्लेख करें।
  • विधा पटकथा है, यह स्पष्ट लिखें।
  • अंत में बोर्ड के नियम का उल्लेख करें।
  • 40 और 60 शब्दों की सीमा रखें।

Practice questions on रजनी का संघर्ष: ट्यूशन के धंधे के विरुद्ध एक पटकथा

Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.

  1. Q1 · 1 mark · MCQBoard level

    अमित किस कक्षा में पढ़ता है?
    (क) पाँचवीं (ख) छठी (ग) सातवीं (घ) आठवीं

    Hint

    पहले दृश्य में बताया गया है।

    Answer

    (ग)

  2. Q2 · 3 marks · Short answerHarder board level

    हैडमास्टर ने कॉपी दिखाने से मना क्यों किया? इससे उनके चरित्र का क्या पता चलता है? (लगभग 60 शब्द)

    Hint

    नियम का हवाला और ट्यूशन का बचाव।

    Answer

    हैडमास्टर ने कहा कि वार्षिक परीक्षा की कॉपी दिखाने का नियम नहीं है और ट्यूशन शिक्षकों-छात्रों का आपसी मामला है। इससे पता चलता है कि वे नियम की आड़ में अन्याय को बचा रहे हैं और छात्र के हित से अधिक अपने स्कूल की चिंता कर रहे हैं।

  3. Q3 · 3 marks · Short answerHarder board level

    रजनी ने अभिभावकों और अखबार का सहयोग कैसे लिया? (लगभग 60 शब्द)

    Hint

    पत्र, संपादक और 25 तारीख की सभा।

    Answer

    रजनी अभिभावकों से मिलती है और उनसे शिकायती पत्र इकट्ठे करवाती है। अखबार के संपादक से साथ माँगती है, तो संपादक पी.टी.आई. से खबर फैलाने और 25 तारीख की सभा की सूचना देने का वादा करता है। इस सहयोग से संघर्ष संगठित और प्रभावशाली बनता है।

  4. Q4 · 1 mark · Assertion-reasonHarder board level

    कथन (A): रजनी के प्रयास से बोर्ड ने नियम बनाया। कारण (R): उसने संगठित रूप से शिकायतें और जनमत जुटाया।
    (क) A और R सही, R व्याख्या है (ख) A सही, R गलत (ग) A गलत, R सही (घ) दोनों गलत

    Hint

    संघर्ष की पूरी शृंखला देखें।

    Answer

    (क)

  5. Q5 · 3 marks · Short answerHOTS / competency

    क्या पटकथा का अंत आपको यथार्थवादी लगता है? अपना मत कारण सहित लिखिए। (लगभग 60 शब्द)

    Hint

    आदर्श और यथार्थ का संतुलन देखें।

    Answer

    पटकथा का अंत कुछ आदर्शवादी लगता है, क्योंकि अधिकारी जल्दी नियम बनाते हैं। पर संगठित जनमत, मीडिया और अभिभावकों के दबाव से ऐसा परिवर्तन असंभव नहीं है। इसलिए अंत प्रेरक है, चाहे वास्तविकता में यह प्रक्रिया लंबी हो।

Test your recall

Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.

  1. 1.रजनी की लेखिका कौन हैं?Show answer

    मन्नू भंडारी।

  2. 2.अमित को गणित में कितने अंक मिले?Show answer

    72।

  3. 3.रजनी के पति का नाम क्या है?Show answer

    रवि।

  4. 4.धारावाहिक के निर्देशक कौन थे?Show answer

    बासु चटर्जी।

  5. 5.पटकथा की समस्या क्या है?Show answer

    शिक्षा का व्यवसायीकरण और ट्यूशन का धंधा।

रजनी का संघर्ष: ट्यूशन के धंधे के विरुद्ध एक पटकथा: frequently asked questions

रजनी किस विधा की रचना है?

पटकथा।

पटकथा में कितने दृश्य हैं?

सात दृश्य।

रजनी का केंद्रीय संदेश क्या है?

अन्याय के विरुद्ध डटकर और संगठित होकर लड़ने से परिवर्तन आता है।