चंपा काले काले अच्छर नहीं चीन्हती (त्रिलोचन): चंपा का विद्रोह और पलायन की पीड़ा
Updated 17 October 2026 · Fact-checked
कविता में कवि अनपढ़ ग्वाले की बेटी चंपा को पढ़ने के लिए समझाता है और कहता है कि ब्याह के बाद पति कलकत्ते जाएगा तो पत्र कैसे पढ़ेगी। चंपा पढ़ने से इनकार करती है और कहती है कि वह पति को कलकत्ते जाने ही नहीं देगी, अंत में कहती है कलकत्ते पर बजर गिरे। इस श्राप में रोज़ी-रोटी के लिए बिछड़ने वाले घरों की पीड़ा है।
Follow the arrows: Champa's curse on Calcutta is not mere anger but the pain of families separated by the need to earn a living.
Illustration drawn for QuestionBuddy.
Understand चंपा काले काले अच्छर नहीं चीन्हती: चंपा का विद्रोह और पलायन की पीड़ा
चंपा का स्वभाव। चंपा सुंदर ग्वाले की बेटी है, पशु चराती है, अच्छी, चंचल और नटखट है। कवि जब पढ़ता है, तो वह चुपचाप खड़ी सुनती है और हैरान होती है कि इन काले निशानों से इतनी आवाज़ें कैसे निकलती हैं। वह कवि की कलम चुरा लेती है और कहती है कि तुम दिन भर कागज़ ही गोदते रहते हो।
कवि का आग्रह। कवि कहता है कि पढ़ना कठिन समय में काम आएगा और गांधी बाबा की भी इच्छा है कि सब पढ़ना-लिखना सीखें। चंपा तर्क देती है कि गांधी बाबा तो अच्छे हैं, वे पढ़ने की बात कैसे कहेंगे। फिर कवि ब्याह और कलकत्ते का उदाहरण देता है।
पलायन की पीड़ा। चंपा कहती है कि तुम पढ़-लिखकर भी इतने झूठे हो। वह ब्याह नहीं करेगी, और हो गया तो पति को कलकत्ते नहीं जाने देगी। कलकत्ते पर बजर गिरे में उसका गुस्सा नहीं, उन घरों का दर्द है जिन्हें रोज़ी-रोटी की मजबूरी में बिछड़ना पड़ता है।
भाषा और विशेषण। "काले काले" विशेषण (एक व्याख्या के रूप में) इस ओर संकेत करता है कि अक्षर चंपा के लिए अजनबी और अनजाने हैं। त्रिलोचन की भाषा गाँव की बोलचाल की ठेठ और चुटीली है। कविता संग्रह धरती से ली गई है।
Key quotations
Short lines worth knowing by heart: who says them, when, and why they matter.
इन काले चीन्हों से कैसे ये सब स्वर निकला करते हैं
कवि (वर्णन): चंपा के आश्चर्य का वर्णन।
चंपा की सहज जिज्ञासा और अक्षर-ज्ञान से दूरी।
हाय राम, तुम पढ़-लिख कर इतने झूठे हो
चंपा: कलकत्ते वाली बात पर।
चंपा का तीखा व्यंग्य और सहज तर्क।
कलकत्ते पर बजर गिरे।
चंपा: कविता के अंत में।
पलायन से बिछड़ने की पीड़ा का स्वर।
चंपा काले काले अच्छर नहीं चीन्हती: चंपा का विद्रोह और पलायन की पीड़ा: key facts
- चंपा के गुण
- चंचल
- नटखट
- जिज्ञासु
- स्वाभिमानी
- हर गुण के साथ प्रसंग लिखें।
- तर्क
- पढ़ाई
- ब्याह
- कलकत्ता
- पत्र
- कवि का तर्क क्रम से।
- केंद्रीय भाव
- पलायन
- बिछोह
- शिक्षा का अंतर्विरोध
- कविता के तीन पक्ष।
चंपा काले काले अच्छर नहीं चीन्हती: चंपा का विद्रोह और पलायन की पीड़ा in real life
The idea, met in an everyday situation. Answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.
पत्र बनाम साथ
मान लीजिए गाँव की एक बच्ची से कहा जाए कि पढ़ना सीख लो, तो शहर गया पिता तुम्हें चिट्ठी लिखेगा। बच्ची कहती है, "तो पिता को शहर जाने ही क्यों दें?"
यह कथन कविता के किस पक्ष से मिलता है?
Try it first, then show the solutionSolution
- बच्ची का सहज तर्क।
- बिछोह का दर्द।
- शिक्षा से पहले परिवार की चिंता।
Answer: यह चंपा के उस तर्क से मिलता है कि वह पति को कलकत्ते जाने ही नहीं देगी। इसमें पलायन की पीड़ा और बिछड़ने का भय झलकता है।
Memory hook: पत्र से पहले साथ चाहिए।
Tricks to remember चंपा काले काले अच्छर नहीं चीन्हती: चंपा का विद्रोह और पलायन की पीड़ा
Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.
प-ब-क-प
पढ़ाई, ब्याह, कलकत्ता, पत्र।
Use it when: कवि का तर्क-क्रम।
बजर = वज्र
बजर गिरे = वज्र गिरे।
Use it when: शब्द का अर्थ।
चंपा काले काले अच्छर नहीं चीन्हती: चंपा का विद्रोह और पलायन की पीड़ा: solved examples
Ordered from board level to HOTS. Try each one before you open the solution.
Example 1: कविता की कविता-संग्रह · 1 mark · MCQBoard level
यह कविता किस संग्रह में संकलित है?
(क) साये में धूप (ख) धरती (ग) कविता के नए प्रतिमान (घ) अंधा युग
Try it first, then show the solutionSolution
- यह त्रिलोचन के संग्रह धरती में है (1 अंक)।
Answer: (ख)
Example 2: चंपा की जिज्ञासा · 2 marks · Short answerBoard level
चंपा को कवि का पढ़ना सुनकर क्यों आश्चर्य होता है? (लगभग 40 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- काले निशानों से आवाज़ें निकलना (1)।
- चंपा अक्षर नहीं पहचानती (1)।
Answer: चंपा अनपढ़ है और अक्षर नहीं पहचानती। जब कवि पढ़ता है तो उसे हैरानी होती है कि इन काले चिह्नों से इतने स्वर कैसे निकलते हैं। यह उसकी सहज जिज्ञासा और शिक्षा से दूरी को दिखाता है।
Example 3: पढ़ने से इनकार · 3 marks · Short answerHarder board level
चंपा पढ़ने से इनकार क्यों करती है? उसके तर्क कविता के आधार पर लिखिए। (लगभग 60 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- गांधी बाबा के नाम पर तर्क (1)।
- ब्याह और कलकत्ते का भय (1)।
- निष्कर्ष: इनकार में भय और अपनत्व (1)।
Answer: चंपा पढ़ना नहीं चाहती, क्योंकि उसे पढ़ाई ज़रूरी नहीं लगती। वह कहती है कि गांधी बाबा अच्छे हैं, पढ़ने की बात नहीं कहेंगे। कवि कलकत्ते का उदाहरण देता है, तो वह पति को कलकत्ते जाने ही नहीं देना चाहती। उसका इनकार भय और अपनत्व से भी जुड़ा है।
Example 4: काव्यांश · 5 marks · Source-basedHarder board level
कविता के भाव पर आधारित अंश (अपने शब्दों में): कवि ने चंपा से कहा कि तुम्हारा ब्याह होगा, तुम गौने जाओगी, और कुछ दिन बाद तुम्हारा पति कलकत्ते चला जाएगा। कलकत्ता बहुत दूर है। तब तुम उसे संदेश कैसे भेजोगी और उसके पत्र कैसे पढ़ोगी? चंपा ने कहा कि वह ब्याह ही नहीं करेगी।
(i) कवि ने किस भविष्य की बात कही
(क) चंपा का स्कूल जाना (ख) ब्याह और पति का कलकत्ते जाना (ग) नौकरी पाना (घ) गाँव छोड़ना
(ii) कवि के अनुसार पढ़ाई से क्या सुविधा होगी
(क) खेती (ख) पत्र लिखना-पढ़ना (ग) नृत्य (घ) खेल
(iii) चंपा का उत्तर दर्शाता है
(क) भय और अपनत्व (ख) घमंड (ग) आलस्य (घ) लालच
(iv) कलकत्ता क्या सूचित करता है
(क) पलायन का शहर (ख) मेला (ग) तीर्थ (घ) खेल का मैदान
(v) अंश का मूल भाव है
(क) बिछोह की पीड़ा (ख) मनोरंजन (ग) क्रोध (घ) वीरता
Try it first, then show the solutionSolution
- प्रत्येक उप-प्रश्न 1 अंक का है।
Answer: (i) (ख); (ii) (ख); (iii) (क); (iv) (क); (v) (क)।
Example 5: श्राप का आशय · 3 marks · Short answerHOTS / competency
"कलकत्ते पर बजर गिरे" को केवल क्रोध कहना कविता के साथ कितना न्याय है? अपना मत दीजिए। (लगभग 60 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- ऊपरी अर्थ: गुस्सा (1)।
- गहरा अर्थ: पलायन की पीड़ा (1)।
- निष्कर्ष (1)।
Answer: इसे केवल क्रोध कहना अधूरा है। ऊपर से यह चंपा का गुस्सा दिखता है, पर भीतर पलायन से बिछड़ने वाले परिवारों की पीड़ा है। यह श्राप कलकत्ते से अधिक उस मजबूरी पर है जो लोगों को घर छोड़ने को विवश करती है।
Where students lose marks in चंपा काले काले अच्छर नहीं चीन्हती: चंपा का विद्रोह और पलायन की पीड़ा
The slips examiners see most often, and what to write instead.
Mistake: चंपा को केवल अनपढ़ और ज़िद्दी लिखना
उसके तर्क में सहजता और भय है।
Wrong working
चंपा ज़िद्दी और मूर्ख है।
Right working
चंपा चंचल, जिज्ञासु और स्वाभिमानी है।
Do this: गुण के साथ प्रसंग लिखें।
Usually costs: 1-2 अंक
Mistake: श्राप को केवल क्रोध बताना
उसमें पलायन की पीड़ा है।
Wrong working
चंपा कलकत्ते से नफ़रत करती है।
Right working
वह बिछड़ने की पीड़ा से कहती है।
Do this: पीड़ा शब्द लिखें।
Usually costs: 2 अंक
Mistake: संग्रह का नाम गलत लिखना
संग्रह का नाम धरती है।
Wrong working
साये में धूप।
Right working
धरती।
Do this: कवि-संग्रह की जोड़ी याद करें।
Usually costs: 1 अंक
Exam tips
- चंपा के गुण: चंचलता, जिज्ञासा, स्वाभिमान, हर गुण के साथ प्रसंग लिखें।
- कलकत्ते पर बजर गिरे में पीड़ा का भाव लिखें।
- पलायन शब्द का प्रयोग अवश्य करें।
- कवि त्रिलोचन और संग्रह धरती याद रखें।
- 40 और 60 शब्दों की सीमा रखें।
Practice questions on चंपा काले काले अच्छर नहीं चीन्हती: चंपा का विद्रोह और पलायन की पीड़ा
Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.
Q1 · 1 mark · MCQBoard level
चंपा किसकी बेटी है?
(क) किसान की (ख) ग्वाले की (ग) शिक्षक की (घ) व्यापारी कीHint
वह पशु चराती है।
Answer
(ख)
Q2 · 3 marks · Short answerHarder board level
चंपा कवि की कलम क्यों चुरा लेती है, और इससे उसके स्वभाव का क्या पता चलता है? (लगभग 60 शब्द)
Hint
चंचलता, जिज्ञासा और शरारत।
Answer
चंपा चंचल और नटखट है, इसलिए वह कलम चुरा लेती है। कवि दिन भर कागज़ पर लिखता है, इस पर वह जिज्ञासा और व्यंग्य से पूछती है कि क्या यह बहुत अच्छा काम है। इससे उसकी शरारत, जिज्ञासा और सहज बुद्धि का पता चलता है।
Q3 · 3 marks · Short answerHarder board level
कवि चंपा को पढ़ने के लिए कौन-कौन-से तर्क देता है? (लगभग 60 शब्द)
Hint
कठिन समय, गांधी बाबा, ब्याह और कलकत्ते का पत्र।
Answer
कवि चंपा को समझाता है कि पढ़ना कठिन समय में काम आएगा। वह कहता है कि गांधी बाबा की भी इच्छा है कि सब पढ़ना-लिखना सीखें। फिर वह ब्याह का उदाहरण देता है कि पति कलकत्ते जाएगा, तो चंपा पत्र कैसे पढ़ेगी और संदेश कैसे भेजेगी। इस तरह वह पढ़ाई को पत्र पढ़ने की ज़रूरत से जोड़ता है।
Q4 · 1 mark · Assertion-reasonHarder board level
कथन (A): चंपा ब्याह के बाद पति को कलकत्ते नहीं जाने देगी। कारण (R): वह बिछड़ने की पीड़ा समझती है।
(क) A और R सही, R व्याख्या है (ख) A सही, R गलत (ग) A गलत, R सही (घ) दोनों गलतHint
चंपा के तर्क का आधार क्या है?
Answer
(क)
Q5 · 3 marks · Short answerHOTS / competency
क्या चंपा का न पढ़ना उसकी हार है? कविता के आधार पर अपना मत दीजिए। (लगभग 60 शब्द)
Hint
पलायन, तर्क और स्वाभिमान को देखें।
Answer
चंपा का न पढ़ना हार नहीं, उसका अपने ढंग से सोचना है। वह पढ़ाई को पलायन से जोड़कर देखती है और अपने घर-परिवार को बचाना चाहती है। उसका जीवट और तर्क उसे कमज़ोर नहीं, आत्मविश्वासी दिखाते हैं। फिर भी पढ़ाई का महत्त्व बना रहता है।
Test your recall
Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.
1.कविता के कवि कौन हैं?Show answer
त्रिलोचन।
2.चंपा किसकी बेटी है?Show answer
सुंदर ग्वाले की।
3.कविता किस संग्रह में है?Show answer
धरती।
4.चंपा का पति कहाँ जाएगा, ऐसा कवि कहता है?Show answer
कलकत्ते।
5.कविता में किस पीड़ा का चित्रण है?Show answer
पलायन की पीड़ा।
चंपा काले काले अच्छर नहीं चीन्हती: चंपा का विद्रोह और पलायन की पीड़ा: frequently asked questions
कविता का केंद्रीय भाव क्या है?
पलायन से बिछड़ने की पीड़ा और ग्रामीण बालिका की सहजता।
त्रिलोचन किस काव्य-धारा के कवि हैं?
प्रगतिशील काव्य-धारा के।
"बजर" का अर्थ क्या है?
वज्र।