भारतीय कलाएँ (वितान भाग 1): लोक से शास्त्र तक कलाओं की यात्रा
Updated 17 October 2026 · Fact-checked
पाठ बताता है कि कलाओं की अपनी भाषा है और भारत की कलाएँ उत्सवों, विवाह, पूजा और खेती से जुड़ी हैं। आरंभ में कलाएँ लोक और समूह से जुड़ी थीं; व्यवसाय, राज-संरक्षण और गुप्त काल में वे शास्त्रीय नियमों में बँधीं और भरत मुनि के नाट्यशास्त्र ने उन्हें शास्त्रीय रूप दिया। फिर भी आज की कलाओं की जड़ें लोक में ही हैं।
Understand भारतीय कलाएँ: लोक से शास्त्र तक कलाओं की यात्रा
कला की भाषा। जैसे हम भाषा से भाव व्यक्त करते हैं, वैसे ही चित्रकार रंगों से, गायक स्वरों से और नर्तक मुद्राओं से अपने परिवेश और भावों को व्यक्त करता है। भारत उत्सवधर्मी देश है; यहाँ की कलाएँ जन्मोत्सव, विवाह, पूजा और खेती से जुड़ी हैं। यही जुड़ाव उन्हें केवल मनोरंजन या सजावट बनने से बचाता है और अतीत को वर्तमान से जोड़े रखता है।
लोक से शास्त्र तक। आरंभ में सभी कलाएँ लोक और समूह से जुड़ी थीं। जनजातीय और लोक कलाओं की व्यवस्था ही आगे चलकर शास्त्रीय कलाओं का आधार बनी। व्यवसाय से जुड़ने पर कलाएँ व्यक्ति-केंद्रित होने लगीं; मध्यकाल तक वे राजाओं के संरक्षण में शास्त्रीय नियमों में बँधीं। गुप्त साम्राज्य में कलाएँ शिखर पर पहुँचीं और भरत मुनि के नाट्यशास्त्र ने उन्हें शास्त्रीय रूप दिया।
चित्रकला के उदाहरण। भाषा से पहले भी चित्र थे। भीमबेटका के शैलचित्रों में शिकार, नृत्य, जानवर और युद्ध दिखते हैं। अजंता की गुफाएँ गुप्त काल में बनीं। एलोरा में कैलाश मंदिर और एलीफैंटा में त्रिमूर्ति हैं। स्थायी लघुचित्रों में कलमकारी, फुलकारी, वरली, किवाड़ चित्रकारी, पटचित्र और मधुबनी प्रसिद्ध हैं; ऐपण, अल्पना, रंगोली जैसी अस्थायी कलाएँ मांगलिक अवसरों से जुड़ी हैं।
संगीत और नृत्य। संगीत में मार्गी (शास्त्रीय नियमों में बँधा) और देसी (लोक-रुचि का) दो धाराएँ मानी गई हैं। नाट्यशास्त्र में संगीत का भी विस्तृत वर्णन मिलता है। राग का गायन-वादन के समय से संबंध माना जाता है, जबकि कजरी और सोहर जैसे लोकगीत ऋतु और संस्कार से जुड़े हैं। नृत्य का आधार अभिनय है; नाट्यशास्त्र में नृत्त और नृत्य का वर्णन मिलता है। शास्त्रीय नृत्य लोकनृत्यों से ही विकसित हुए।
संदेश। कलाएँ एक-दूसरे से जुड़ी हैं, विविधता भारत की पहचान है और राज्य की सीमाएँ कला को नहीं बाँधतीं।
Key quotations
Short lines worth knowing by heart: who says them, when, and why they matter.
हमारा देश भारत उत्सवधर्मी है। विविधता हमारी पहचान है।
लेखक: कलाओं के परिचय में।
कलाओं और उत्सवों के संबंध का आधार।
आज की कलाओं की जड़ें लोक में ही हैं, चाहे चित्रकला हो, संगीतकला हो या फिर नृत्य कला।
लेखक: लोक से शास्त्र की चर्चा में।
पाठ का केंद्रीय विचार।
सभी कलाएँ एक दूसरे से जुड़ी हुई हैं।
लेखक: पाठ के निष्कर्ष में।
कलाओं की आपसी निर्भरता।
भारतीय कलाएँ: लोक से शास्त्र तक कलाओं की यात्रा: key facts
- यात्रा का क्रम
- लोक
- समूह
- व्यवसाय
- राज-संरक्षण
- गुप्त काल
- नाट्यशास्त्र
- लोक से शास्त्र तक।
- चित्रकला
- शैलचित्र
- अजंता-एलोरा
- लघुचित्र
- अस्थायी कलाएँ
- चार वर्ग।
- अस्थायी कलाएँ
- ऐपण
- अल्पना
- रंगोली
- मांगलिक अवसरों की कलाएँ।
भारतीय कलाएँ: लोक से शास्त्र तक कलाओं की यात्रा in real life
The idea, met in an everyday situation. Answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.
त्योहार की रंगोली
मान लीजिए किसी मोहल्ले की सभी महिलाएँ और बच्चे दीवाली से पहले मिलकर आँगनों में रंगोली बनाते हैं, जो कुछ दिनों में मिट जाती है, पर हर साल फिर बनती है।
यह उदाहरण पाठ के किस विचार से मिलता है?
Try it first, then show the solutionSolution
- कला समूह से जुड़ी है।
- कला त्योहार से जुड़ी है।
- अस्थायी होने पर भी परंपरा बनी रहती है।
Answer: यह अस्थायी कलाओं (रंगोली, अल्पना) और लोक में कला की जड़ों के विचार से मिलता है, जो मांगलिक अवसरों से जुड़ी रहती हैं।
Memory hook: मिट जाए रंग, बनी रहे परंपरा।
Tricks to remember भारतीय कलाएँ: लोक से शास्त्र तक कलाओं की यात्रा
Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.
लो-स-व-रा-ग-ना
लोक, समूह, व्यवसाय, राज, गुप्त, नाट्यशास्त्र।
Use it when: कला-यात्रा का क्रम।
भी-अ-ए-ए
भीमबेटका, अजंता, एलोरा, एलीफैंटा।
Use it when: चित्रकला के स्थान।
भारतीय कलाएँ: लोक से शास्त्र तक कलाओं की यात्रा: solved examples
Ordered from board level to HOTS. Try each one before you open the solution.
Example 1: पाठ की पुस्तक · 1 mark · MCQBoard level
भारतीय कलाएँ किस पुस्तक का पाठ है?
(क) आरोह भाग 1 (ख) वितान भाग 1 (ग) अभिव्यक्ति और माध्यम (घ) अंतरा
Try it first, then show the solutionSolution
- यह वितान भाग 1 का पाठ है (1 अंक)।
Answer: (ख)
Example 2: उत्सवधर्मी · 2 marks · Short answerBoard level
पाठ में भारत को उत्सवधर्मी क्यों कहा गया है? (लगभग 40 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- कलाएँ जन्म, विवाह, पूजा और खेती से जुड़ी हैं (1)।
- इससे वे मनोरंजन मात्र नहीं रहतीं (1)।
Answer: भारत में जन्मोत्सव, विवाह, पूजा और खेती जैसे अवसरों पर कलाओं का प्रयोग होता है, इसलिए उसे उत्सवधर्मी कहा गया है। इस जुड़ाव से कलाएँ केवल मनोरंजन या सजावट नहीं रहतीं और अतीत को वर्तमान से जोड़े रखती हैं।
Example 3: लोक और शास्त्र · 5 marks · Long answerHarder board level
लोक कला और शास्त्रीय कला का संबंध पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए। (5 अंक)
Try it first, then show the solutionSolution
- आरंभ में कलाएँ लोक से जुड़ी (1)।
- लोक कलाओं की व्यवस्था शास्त्रीय कला का आधार (1.5)।
- व्यवसाय, राज-संरक्षण, गुप्त काल, नाट्यशास्त्र (1.5)।
- आज भी जड़ें लोक में (1)।
Answer: पाठ के अनुसार आरंभ में सभी कलाएँ लोक और समूह से जुड़ी थीं। जनजातीय और लोक कलाओं की व्यवस्था ही आगे चलकर शास्त्रीय कलाओं का आधार बनी। व्यवसाय से जुड़ने पर कलाएँ व्यक्ति-केंद्रित होने लगीं, मध्यकाल तक राजाओं के संरक्षण में नियमों में बँधीं, गुप्त काल में शिखर पर पहुँचीं और भरत मुनि के नाट्यशास्त्र ने उन्हें शास्त्रीय रूप दिया। फिर भी आज की कलाओं की जड़ें लोक में ही हैं। इस तरह लोक और शास्त्र एक-दूसरे के विरोधी नहीं, पूरक हैं।
Example 4: चित्रकला · 5 marks · Long answerHarder board level
पाठ में चित्रकला की किन-किन परंपराओं का उल्लेख है? उदाहरण सहित बताइए। (5 अंक)
Try it first, then show the solutionSolution
- शैलचित्र: भीमबेटका (1)।
- गुफा-चित्र/मंदिर: अजंता, एलोरा, एलीफैंटा (1.5)।
- स्थायी लघुचित्र और अस्थायी कलाएँ (1.5)।
- क्रम और भाषा (1)।
Answer: पाठ में चित्रकला की कई परंपराएँ हैं। भीमबेटका की गुफाओं के शैलचित्रों में शिकार, नृत्य, जानवर और युद्ध दिखते हैं। अजंता की गुफाओं के चित्र गुप्त काल के हैं, एलोरा में कैलाश मंदिर और एलीफैंटा में त्रिमूर्ति है। स्थायी लघुचित्रों में कलमकारी, फुलकारी, वरली, किवाड़ चित्रकारी, पटचित्र और मधुबनी हैं। ऐपण, अल्पना और रंगोली जैसी अस्थायी कलाएँ मांगलिक अवसरों से जुड़ी हैं।
Example 5: कला की सीमाएँ · 3 marks · Short answerHOTS / competency
"राज्य की सीमाएँ भला कला को कैसे बाँध सकती हैं!" इस कथन को पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए। (3 अंक)
Try it first, then show the solutionSolution
- कलाएँ विविध पर जुड़ी हैं (1)।
- एक ही कला अलग नामों से अनेक राज्यों में (1)।
- निष्कर्ष (1)।
Answer: पाठ में अस्थायी कलाएँ जैसे अल्पना और रंगोली अलग राज्यों में अलग नामों से जानी जाती हैं, पर उनका भाव एक है। भारतीय कला देश के बाहर एशिया के कई देशों तक भी फैली। अतः कला किसी राज्य की सीमा में बँधी नहीं रहती।
Where students lose marks in भारतीय कलाएँ: लोक से शास्त्र तक कलाओं की यात्रा
The slips examiners see most often, and what to write instead.
Mistake: कलाओं को केवल राजदरबार की चीज़ लिखना
पाठ में जड़ें लोक में बताई गई हैं।
Wrong working
कलाएँ राजाओं ने शुरू कीं।
Right working
कलाएँ लोक से शुरू हुईं और बाद में राज-संरक्षण मिला।
Do this: क्रम लिखें।
Usually costs: 2 अंक
Mistake: उदाहरणों में स्थान गलत जोड़ना
स्थानों की जानकारी पाठ से है।
Wrong working
अजंता में कैलाश मंदिर है।
Right working
कैलाश मंदिर एलोरा में है।
Do this: स्थान-उदाहरण जोड़ी याद रखें।
Usually costs: 1 अंक
Mistake: संगीत-नृत्य के बिना एकतरफ़ा उत्तर
प्रश्न "कलाएँ" पर हो तो तीनों का उल्लेख करें।
Wrong working
केवल चित्रकला लिखना।
Right working
चित्र, संगीत और नृत्य का संक्षिप्त उल्लेख करना।
Do this: प्रश्न की माँग देखें।
Usually costs: 1-2 अंक
Exam tips
- लोक से शास्त्र का क्रम बिंदुओं में लिखें।
- चित्रकला के उदाहरण स्थान-परंपरा की जोड़ी में याद रखें।
- केंद्रीय विचार: आज की कलाओं की जड़ें लोक में हैं।
- 5 अंक के उत्तर में 4-5 बिंदु और निष्कर्ष लिखें।
- पुस्तक का नाम वितान भाग 1 लिखें।
Practice questions on भारतीय कलाएँ: लोक से शास्त्र तक कलाओं की यात्रा
Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.
Q1 · 1 mark · MCQBoard level
भीमबेटका किस राज्य में है?
(क) राजस्थान (ख) मध्य प्रदेश (ग) बिहार (घ) गुजरातHint
पाठ में गुफाओं का राज्य बताया गया है।
Answer
(ख)
Q2 · 3 marks · Short answerHarder board level
अजंता और एलोरा का उल्लेख पाठ में किस रूप में आया है? (लगभग 60 शब्द)
Hint
कालखंड और विशेषता।
Answer
पाठ के अनुसार अजंता की गुफाएँ गुप्त काल में बनीं और माना जाता है कि उनके चित्र बौद्ध भिक्षुओं ने बनाए। एलोरा (सातवीं-आठवीं सदी) में कैलाश मंदिर है। दोनों स्थान भारतीय चित्र और स्थापत्य परंपरा के प्रमुख उदाहरण हैं।
Q3 · 3 marks · Short answerHarder board level
पाठ के आधार पर बताइए कि कलाएँ केवल मनोरंजन नहीं हैं। (लगभग 60 शब्द)
Hint
उत्सव, पूजा और खेती से संबंध।
Answer
पाठ में कलाएँ जन्म, विवाह, पूजा और खेती से जुड़ी बताई गई हैं। इस जुड़ाव से वे जीवन का हिस्सा हैं और समाज की परंपरा तथा विश्वास को व्यक्त करती हैं। इसलिए वे केवल मनोरंजन या सजावट नहीं, बल्कि जीवन और संस्कृति की अभिव्यक्ति हैं।
Q4 · 1 mark · Assertion-reasonHarder board level
कथन (A): लोक कलाओं की व्यवस्था शास्त्रीय कला का आधार बनी। कारण (R): आरंभ में सभी कलाएँ लोक और समूह से जुड़ी थीं।
(क) A और R सही, R व्याख्या है (ख) A सही, R गलत (ग) A गलत, R सही (घ) दोनों गलतHint
लोक की भूमिका पर ध्यान दें।
Answer
(क)
Q5 · 5 marks · Long answerHOTS / competency
क्या आधुनिक समय में लोक कलाओं को बचाना ज़रूरी है? पाठ के आधार पर अपना मत दीजिए। (5 अंक)
Hint
जड़ें, पहचान और विविधता को जोड़ें।
Answer
पाठ के अनुसार आज की सभी कलाओं की जड़ें लोक में हैं, और शास्त्रीय कलाओं का आधार भी लोक कलाओं की व्यवस्था है। यदि लोक कलाएँ खो जाएँ, तो शास्त्रीय कलाओं की जड़ें भी कमज़ोर होंगी। विविधता भारत की पहचान है और अस्थायी कलाएँ मांगलिक अवसरों के माध्यम से परंपरा बचाए रखती हैं। इसलिए लोक कलाओं को बचाना आवश्यक है, ताकि हमारी सांस्कृतिक पहचान और जीवन से जुड़ाव बना रहे।
Test your recall
Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.
1.भारतीय कलाएँ किस पुस्तक में है?Show answer
वितान भाग 1।
2.भारत को पाठ में कैसा देश कहा गया है?Show answer
उत्सवधर्मी।
3.किसने कलाओं को शास्त्रीय रूप दिया?Show answer
भरत मुनि के नाट्यशास्त्र ने।
4.शैलचित्र किस स्थान के हैं?Show answer
भीमबेटका के।
5.कलाओं की जड़ें कहाँ हैं?Show answer
लोक में।
भारतीय कलाएँ: लोक से शास्त्र तक कलाओं की यात्रा: frequently asked questions
पाठ का केंद्रीय विचार क्या है?
कलाएँ जीवन से जुड़ी हैं और उनकी जड़ें लोक में हैं।
अस्थायी कलाएँ कौन-सी हैं?
ऐपण, अल्पना और रंगोली जैसी कलाएँ।
गुप्त काल का क्या महत्त्व है?
पाठ में कलाएँ उस काल में शिखर पर पहुँचीं बताई गई हैं।