आषाढ़ का एक दिन (अंक 2): मल्लिका का निःस्वार्थ प्रेम और राज्याश्रय (ISC कक्षा 12)
Updated 18 October 2026 · Fact-checked
अंक 2 में कालिदास राजकवि बन चुका है और प्रियंगुमंजरी से उसका विवाह हो चुका है। निक्षेप को उत्तर देते हुए मल्लिका स्वयं को साधारण और कालिदास को असाधारण कहती है। कालिदास के गाँव आकर भी न मिलने पर उसके मन में विषाद नहीं, क्योंकि उसका प्रेम निःस्वार्थ और त्यागमय है। राज्याश्रय में प्रकृति की प्रेरणा से कटकर कालिदास का सृजन मुरझाने लगता है।
Mallika is the speaker and Nikshep the listener; her selfless love leaves no sorrow even when Kalidas visits the village and does not meet her.
Illustration drawn for QuestionBuddy.
Understand आषाढ़ का एक दिन (अंक 2): मल्लिका का निःस्वार्थ प्रेम, निक्षेप-संवाद और राज्याश्रय
पृष्ठभूमि। ISC कक्षा 12 के लिए अंक 2 और अंक 3 निर्धारित हैं; अंक 1 कक्षा 11 का भाग है। नाटक कॉपीराइट में है; यह पृष्ठ चैप्टर पृष्ठ पर आधारित है जो CISCE के 2024-25 के प्रश्न-पत्रों के संवादों और अंक-योजनाओं तक सीमित है। दृश्य-वार विवरण पाठ्यपुस्तक से पढ़ें।
1. कालिदास का बदला संसार। अंक 2 तक कालिदास उज्जयिनी का राजकवि बन चुका है और गुप्त राजकुमारी प्रियंगुमंजरी से उसका विवाह हो चुका है। अंक-योजना के अनुसार राज्याश्रय में उसे राजकुमारी से विवाह करना पड़ा और कश्मीर भेजा गया; प्रकृति की प्रेरणा से कटकर उसका सृजन मुरझाने लगा। मातुल भी राजकीय दबाव को पसंद नहीं करता।
2. मल्लिका और निक्षेप का संवाद। ग्राम-प्रांतर में निक्षेप मल्लिका को बताता है कि कालिदास ने गुप्त राजकुमारी से विवाह कर लिया है। मल्लिका का उत्तर है: 'उनके प्रसंग में मेरी बात कहीं नहीं आती। मैं अनेकानेक साधारण व्यक्तियों में से हूँ। वे असाधारण हैं।' वह यह भी कहती है कि उन्हें जीवन में असाधारण का ही साथ चाहिए था और 'सुना है राज-दुहिता बहुत विदुषी है।' अंक-योजना के अनुसार वह कालिदास को उज्जयिनी के राजकवि के रूप में असाधारण मानती है और स्वयं को साधारण; वह निःस्वार्थ है और उसकी प्रगति में बाधा नहीं बनना चाहती।
3. वक्ता-श्रोता। इस संवाद में वक्ता मल्लिका है और श्रोता निक्षेप। परीक्षकों ने 2024 में श्रोता के स्थान पर कालिदास या मातुल लिखने पर अंक काटे।
4. विषाद क्यों नहीं। कालिदास अपने ग्राम-प्रांतर में आता है पर मल्लिका से नहीं मिलता। फिर भी मल्लिका के हृदय में उसके लिए विषाद नहीं। कारण: उसका प्रेम निःस्वार्थ और त्यागमय है; वह कालिदास की सफलता को अपने सुख से ऊपर रखती है और उसकी परिस्थितियों को समझती है। 2025 के परीक्षकों ने कहा कि कारण तो लिखे गए, पर नाटक के आधार पर सच्चे प्रेम की परिभाषा वाला दूसरा भाग अधिकतर उत्तरों में नहीं था।
5. सच्चे प्रेम की परिभाषा (नाटक के आधार पर)। ऐसा प्रेम जो प्रिय की प्रगति को अपने अधिकार से बड़ा माने, बदले में कुछ न माँगे और दूरी तथा उपेक्षा के बाद भी कटु न हो।
6. राज्याश्रय और सृजन। 2024 के प्रश्न में कथन था कि राज्याश्रय में रहकर साहित्यकार का लेखन कुंठित हो जाता है। अंक-योजना: दरबार में कालिदास प्रकृति की प्रेरणा से कट जाता है, उसका सृजन मुरझाता है; राज्याश्रय का मौलिकता से संबंध नहीं। उत्तर में उसके अपने जीवन का उदाहरण दें।
7. एक गणना (काल्पनिक)। मान लीजिए कालिदास ने गाँव में रहते हुए एक वर्ष में 6 रचनाएँ लिखीं और दरबार के पहले वर्ष में 2। रचनाओं में कमी 6 − 2 = 4 है, यानी 4 ÷ 6 × 100 = 66.7%। यह कल्पित उदाहरण केवल सृजन के ह्रास को गिनती से समझाने के लिए है; नाटक में कोई संख्या नहीं दी गई।
8. उत्तर लिखने की रीति। संवाद के प्रश्न में पहले वक्ता, श्रोता और प्रसंग लिखें, फिर कथन का आशय, फिर चरित्र-चित्रण और अंत में निष्कर्ष।
Key quotations
Short lines worth knowing by heart: who says them, when, and why they matter.
उनके प्रसंग में मेरी बात कहीं नहीं आती। मैं अनेकानेक साधारण व्यक्तियों में से हूँ। वे असाधारण हैं।
मल्लिका: निक्षेप के कालिदास के विवाह की सूचना देने पर।
मल्लिका की विनम्रता, निःस्वार्थता और कालिदास के प्रति आदर।
उन्हें जीवन में असाधारण का ही साथ चाहिए था।
मल्लिका: उसी संवाद में।
वह कालिदास की सफलता को अपने सुख से ऊपर रखती है।
आषाढ़ का एक दिन (अंक 2): मल्लिका का निःस्वार्थ प्रेम, निक्षेप-संवाद और राज्याश्रय: key facts
- संवाद-विश्लेषण
- वक्ता
- श्रोता
- प्रसंग
- आशय
- चरित्र-बोध
- पाँचों बिंदु लिखें।
- मल्लिका के मन में विषाद न होने के कारण
- निःस्वार्थ प्रेम
- त्याग
- कालिदास की सफलता को वरीयता
- परिस्थितियों की समझ
- फिर सच्चे प्रेम की परिभाषा जोड़ें।
- राज्याश्रय का प्रभाव
- प्रकृति की प्रेरणा से कटाव
- सृजन का मुरझाना
- राजकीय दबाव
- कालिदास का उदाहरण दें।
How to answer आषाढ़ का एक दिन (अंक 2): मल्लिका का निःस्वार्थ प्रेम, निक्षेप-संवाद और राज्याश्रय questions
अंक 2 के संवाद या दीर्घ प्रश्न को इस क्रम से हल करें।
- 1वक्ता, श्रोता और प्रसंग स्पष्ट लिखें।
- 2संवाद का आशय अपने शब्दों में समझाएँ।
- 3मल्लिका की विशेषताएँ संवाद से जोड़कर लिखें।
- 4कथन वाले प्रश्न में पक्ष-विपक्ष के तर्क और कालिदास का उदाहरण दें।
- 5अंत में निष्कर्ष लिखें।
आषाढ़ का एक दिन (अंक 2): मल्लिका का निःस्वार्थ प्रेम, निक्षेप-संवाद और राज्याश्रय in real life
The idea, met in an everyday situation. Answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.
दूसरे की सफलता में प्रसन्नता
मान लीजिए एक छात्रा की सहेली को राष्ट्रीय स्तर की छात्रवृत्ति मिलती है और वह दूर चली जाती है। छात्रा दुखी होने के बजाय कहती है, 'उसे यही अवसर चाहिए था।'
यह मनोभाव मल्लिका से कैसे मेल खाता है?
Try it first, then show the solutionSolution
- दोनों दूसरे की सफलता को अपने सुख से ऊपर रखती हैं।
- दोनों में कटुता नहीं है।
Answer: मल्लिका की तरह वह छात्रा भी प्रिय की प्रगति को अपने सुख से बड़ा मानती है, यही निःस्वार्थ प्रेम का रूप है।
Memory hook: प्रेम पाने का नाम नहीं, प्रगति देखने का नाम है।
Tricks to remember आषाढ़ का एक दिन (अंक 2): मल्लिका का निःस्वार्थ प्रेम, निक्षेप-संवाद और राज्याश्रय
Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.
वक्ता मल्लिका, श्रोता निक्षेप
'मैं साधारण, वे असाधारण' मल्लिका ने निक्षेप से कहा।
Use it when: संवाद-आधारित प्रश्न।
विषाद-शून्य क्यों
निःस्वार्थ, त्यागमय, समझदार, सफलता को वरीयता।
Use it when: 2025 के प्रश्न का पहला भाग।
आषाढ़ का एक दिन (अंक 2): मल्लिका का निःस्वार्थ प्रेम, निक्षेप-संवाद और राज्याश्रय: solved examples
Ordered from board level to HOTS. Try each one before you open the solution.
Example 1: श्रोता कौन · 1 mark · MCQBoard level
'उनके प्रसंग में मेरी बात कहीं नहीं आती' संवाद में मल्लिका किससे बात कर रही है?
(क) कालिदास
(ख) मातुल
(ग) निक्षेप
(घ) प्रियंगुमंजरी
Try it first, then show the solutionSolution
- चैप्टर पृष्ठ के अनुसार 2024 के इस संवाद में मल्लिका निक्षेप से बात करती है।
Answer: (ग) निक्षेप।
Example 2: मल्लिका स्वयं को साधारण क्यों कहती है · 2 marks · Short answerBoard level
मल्लिका स्वयं को साधारण और कालिदास को असाधारण क्यों कहती है? (लगभग 40 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- कालिदास उज्जयिनी का राजकवि बन चुका है, इसलिए वह उसे असाधारण मानती है।
- स्वयं ग्राम की साधारण कन्या है और उसकी प्रगति में बाधा नहीं बनना चाहती।
Answer: कालिदास अब उज्जयिनी का राजकवि है, इसलिए मल्लिका उसे असाधारण मानती है, जबकि स्वयं को ग्राम की अनेक साधारण स्त्रियों में एक। वह निःस्वार्थ है और उसकी प्रगति में बाधक नहीं बनना चाहती।
Example 3: सृजन में कमी की गणना · 3 marks · Short answerHarder board level
कल्पना कीजिए कि कालिदास ने गाँव में एक वर्ष में 6 रचनाएँ लिखीं और दरबार के पहले वर्ष में 2। कमी और उसका प्रतिशत ज्ञात कीजिए तथा बताइए कि यह नाटक के किस विचार को दर्शाता है।
Try it first, then show the solutionSolution
- कमी = 6 − 2 = 4 रचनाएँ।
- प्रतिशत = 4 ÷ 6 × 100 = 66.7%।
- विचार: प्रकृति की प्रेरणा से कटने पर सृजन का मुरझाना।
Answer: कमी 4 रचनाओं की है, यानी लगभग 66.7%। यह इस विचार को दर्शाता है कि राज्याश्रय में कालिदास प्रकृति की प्रेरणा से कट जाता है और उसका सृजन मुरझाता है। (संख्याएँ कल्पित हैं।)
Example 4: मल्लिका के मन में विषाद क्यों नहीं (5 अंक) · 5 marks · Long answerHarder board level
कालिदास के ग्राम-प्रांतर में आकर भी मल्लिका से न मिलने के बाद भी उसके मन में विषाद क्यों नहीं है? नाटक के आधार पर सच्चे प्रेम की परिभाषा भी लिखिए। (लगभग 100 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- मल्लिका का प्रेम निःस्वार्थ और त्यागमय है (1.5)।
- वह कालिदास की सफलता को अपने सुख से ऊपर रखती और उसकी परिस्थितियाँ समझती है (1.5)।
- सच्चे प्रेम की परिभाषा (2)।
Answer: कालिदास के गाँव आकर भी न मिलने पर मल्लिका के मन में विषाद नहीं आता क्योंकि उसका प्रेम निःस्वार्थ और त्यागमय है। वह कालिदास की सफलता को अपने सुख से ऊपर रखती है और उसकी परिस्थितियों को समझती है; इसीलिए वह स्वयं को साधारण और उसे असाधारण कहती है। नाटक के आधार पर सच्चा प्रेम वह है जो प्रिय की प्रगति को अपने अधिकार से बड़ा माने, बदले में कुछ न माँगे और दूरी या उपेक्षा के बाद भी कटु न हो।
Example 5: राज्याश्रय और साहित्यकार (10 अंक) · 10 marks · Long answerHOTS / competency
'राज्याश्रय में रहकर साहित्यकार का लेखन कुंठित हो जाता है।' इस कथन की समीक्षा कालिदास के उदाहरण से कीजिए। (लगभग 200 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- कथन का आशय (2)।
- कालिदास के पक्ष में तर्क: प्रकृति से कटाव, राजकीय दबाव, सृजन का मुरझाना (4)।
- विपक्ष: राज्याश्रय का मौलिकता से संबंध नहीं; सृजन भीतर की प्रेरणा से होता है (2)।
- निष्कर्ष (1) और भाषा (1)।
Answer: कथन का आशय है कि दरबार की सुविधाएँ और बंधन साहित्यकार की मौलिकता को दबा देते हैं। कालिदास के उदाहरण में यह काफ़ी हद तक सही दिखता है: उज्जयिनी का राजकवि बनने और राजकुमारी से विवाह करने के बाद वह प्रकृति की प्रेरणा से कट जाता है, उसे कश्मीर भेजा जाता है और राजकीय दबाव के बीच उसका सृजन मुरझाने लगता है। मातुल भी इस दबाव को पसंद नहीं करता। पर यह पूरी तरह सार्वभौमिक नहीं है, क्योंकि राज्याश्रय का मौलिकता से कोई अनिवार्य संबंध नहीं; सृजन की प्रेरणा मनुष्य के भीतर और उसके परिवेश से आती है। कालिदास की समस्या राज्याश्रय से अधिक अपनी जड़ों और मल्लिका जैसी प्रेरणा से कटना है। अतः कथन आंशिक रूप से ही सही है: सत्ता के दबाव और प्रकृति से दूरी मिलकर सृजन को कुंठित करते हैं।
Where students lose marks in आषाढ़ का एक दिन (अंक 2): मल्लिका का निःस्वार्थ प्रेम, निक्षेप-संवाद और राज्याश्रय
The slips examiners see most often, and what to write instead.
Mistake: श्रोता गलत लिखना
2024 में परीक्षकों ने कालिदास या मातुल को श्रोता लिखने की भूल बताई।
Wrong working
श्रोता: कालिदास।
Right working
श्रोता: निक्षेप।
Do this: संवाद का प्रसंग पढ़ें।
Usually costs: 1-2 अंक और पूरा संदर्भ।
Mistake: सच्चे प्रेम की परिभाषा छोड़ देना
2025 के परीक्षकों ने दूसरा भाग अधिकतर उत्तरों में न होने की बात कही।
Wrong working
केवल विषाद न होने के कारण।
Right working
कारणों के साथ सच्चे प्रेम की परिभाषा भी।
Do this: प्रश्न के दोनों भाग रेखांकित करें।
Usually costs: 2-3 अंक।
Mistake: संवाद के बिना चरित्र-चित्रण
चरित्र संवाद से जुड़ना चाहिए।
Wrong working
मल्लिका अच्छी है।
Right working
'मैं साधारण, वे असाधारण' कहकर मल्लिका अपनी निःस्वार्थता दिखाती है।
Do this: उद्धरण के साथ गुण लिखें।
Usually costs: 1-2 अंक।
Exam tips
- अंक 2 और अंक 3 कक्षा 12 में पढ़े जाते हैं।
- संवाद के प्रश्न में वक्ता, श्रोता और प्रसंग पहले लिखें।
- 'विषाद क्यों नहीं' में कारण के साथ सच्चे प्रेम की परिभाषा जोड़ें।
- उद्धरण केवल वही लिखें जो पाठ्यपुस्तक में मिलाए हों।
Practice questions on आषाढ़ का एक दिन (अंक 2): मल्लिका का निःस्वार्थ प्रेम, निक्षेप-संवाद और राज्याश्रय
Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.
Q1 · 1 mark · Very short answerBoard level
'आषाढ़ का एक दिन' के लेखक कौन हैं?
Hint
आधुनिक नाटककार।
Answer
मोहन राकेश।
Q2 · 1 mark · Very short answerBoard level
अंक 2 में कालिदास किसका राजकवि बन चुका है और उसका विवाह किससे हो चुका है?
Hint
उज्जयिनी।
Answer
वह उज्जयिनी का राजकवि है और गुप्त राजकुमारी प्रियंगुमंजरी से उसका विवाह हो चुका है।
Q3 · 2 marks · Short answerHarder board level
मल्लिका के कथन 'उन्हें जीवन में असाधारण का ही साथ चाहिए था' से उसके चरित्र का कौन-सा गुण प्रकट होता है?
Hint
निःस्वार्थता।
Answer
इससे उसकी निःस्वार्थता और त्याग का गुण प्रकट होता है; वह कालिदास की सफलता को अपने सुख से ऊपर रखती है और उसे दोष नहीं देती।
Q4 · 5 marks · Long answerHarder board level
मल्लिका के चरित्र की विशेषताएँ अंक 2 के आधार पर लिखिए। (लगभग 100 शब्द)
Hint
संवाद से जोड़ें।
Answer
अंक 2 में मल्लिका विनम्र और निःस्वार्थ दिखाई देती है: निक्षेप से वह कहती है कि वह साधारण है और कालिदास असाधारण। वह उसकी प्रगति में बाधा नहीं बनना चाहती और राजकुमारी की विदुषी होने की बात बिना कटुता के दोहराती है। कालिदास के न मिलने पर भी उसके मन में विषाद नहीं है, जो उसके त्यागमय प्रेम और परिपक्व समझ का प्रमाण है।
Q5 · 5 marks · Long answerHOTS / competency
एक छात्र ने लिखा कि मल्लिका कालिदास से नाराज़ और दुखी है। इस कथन की समीक्षा कीजिए। (लगभग 100 शब्द)
Hint
अंक-योजना के अनुसार विषाद नहीं।
Answer
कथन अंक 2 के आधार पर ठीक नहीं बैठता। मल्लिका स्वयं को साधारण और कालिदास को असाधारण कहती है, उसकी सफलता को अपने सुख से ऊपर रखती है और कालिदास के गाँव आकर भी न मिलने पर उसके मन में विषाद नहीं आता। उसका प्रेम निःस्वार्थ और त्यागमय है, इसलिए नाराज़गी या कटुता उसके स्वभाव में नहीं झलकती। हाँ, उसके जीवन का अभाव नाटक के अन्य अंशों में दिखता है, पर अंक 2 का प्रसंग उसकी उदारता को ही उभारता है।
Test your recall
Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.
1.निक्षेप ने मल्लिका को क्या बताया?Show answer
कि कालिदास ने गुप्त राजकुमारी से विवाह कर लिया है।
2.मल्लिका ने स्वयं को क्या कहा?Show answer
साधारण व्यक्तियों में से एक।
3.राज्याश्रय का सृजन पर क्या प्रभाव दिखा?Show answer
कालिदास का सृजन मुरझाने लगा।
4.कालिदास गाँव आकर भी किससे नहीं मिलता?Show answer
मल्लिका से।
आषाढ़ का एक दिन (अंक 2): मल्लिका का निःस्वार्थ प्रेम, निक्षेप-संवाद और राज्याश्रय: frequently asked questions
क्या अंक 1 भी कक्षा 12 में आता है?
नहीं, अंक 1 कक्षा 11 का भाग है।
प्रियंगुमंजरी कौन है?
गुप्त राजकुमारी, जिससे कालिदास का विवाह होता है।
अंक 3 कहाँ पढ़ें?
अंक 3 का अलग विषय-पृष्ठ है।