सिल्वर वैडिंग (मनोहर श्याम जोशी): यशोधर बाबू का चरित्र और 'समहाउ इंप्रापर' (कक्षा 12)
Updated 17 October 2026 · Fact-checked
यशोधर पंत परंपरावादी, सादगी-पसंद और सिद्धांतवादी हैं, जो अपने आदर्श किशनदा की आदतों और विचारों का अनुकरण करते हैं। उनका तकिया-कलाम 'समहाउ इंप्रापर' नई चीज़ों के प्रति उनकी असहमति और असमंजस का प्रतीक है। वे नए का विरोध करते हैं, पर उससे मिली प्रतिष्ठा पर कहीं संतोष भी महसूस करते हैं, इसलिए द्वंद्वग्रस्त हैं। कहानी का केंद्र पीढ़ी का अंतराल और हाशिए पर जाते मानवीय मूल्य हैं।
देखिए: पुराने आदर्श और नई चीज़ें यशोधर बाबू को दोनों ओर खींचती हैं, इसलिए वे हर बदलाव पर 'समहाउ इंप्रापर' कहते हैं।
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Understand यशोधर बाबू का चरित्र और 'समहाउ इंप्रापर'
कहानी एक ही दिन में चलती है: यशोधर बाबू की शादी की पच्चीसवीं वर्षगाँठ। उसी में किशनदा की स्मृतियों के सहारे पूरा जीवन समाया है।
चरित्र की मुख्य विशेषताएँ। (1) परंपरावादी: वे किशनदा की परंपराएँ निभाते हैं, जैसे होली गवाना, जनेऊ बदलवाना और रामलीला के लिए कमरा देना। (2) सादगी-पसंद: पुरानी घड़ी, साइकिल या पैदल आना-जाना, और स्कूटर को 'बेहूदा सवारी' मानना। (3) अनुकरण करने वाले: वे किशनदा की हर आदत, फ़िकरे और हँसी की नकल करते हैं; 'मूरख लोग मकान बनाते हैं, सयाने उनमें रहते हैं' दोहराकर डी.डी.ए. फ़्लैट नहीं लेते, जबकि किशनदा का बेघर बुढ़ापा सामने है। (4) रिश्तों के प्रति संवेदनशील: वे रिश्तेदारों के यहाँ जाते हैं और बीमार जीजा से मिलना चाहते हैं। (5) द्वंद्वग्रस्त: केक काटते हुए 'समहाउ आई डोंट लाइक आल दिस' कहते हैं, पर काट भी देते हैं।
किशनदा की भूमिका। अल्मोड़ा से मैट्रिक कर दिल्ली आए अनाथ-से यशोधर को कुँआरे किशनदा ने अपने क्वार्टर में शरण दी, मैस का रसोइया बनाया, पचास रुपये उधार दिए और नौकरी लगवाई। यशोधर उन्हें 'मर्यादा पुरुष' मानते हैं। पर रिटायर होने के बाद किशनदा का बुढ़ापा दुखी रहा और मृत्यु पर कारण पूछने पर उत्तर मिला 'जो हुआ होगा'। यह वाक्य जीवन की अनिश्चितता और अकेलेपन का संकेत है।
'समहाउ इंप्रापर'। यह उनका तकिया-कलाम है, जो हर नई, बदली हुई बात पर आता है: सिल्वर वैडिंग की पार्टी, केक, स्त्री-पुरुष की बराबरी, बेटी की शादी से इनकार, पत्नी का मॉड होना। इससे उनके व्यक्तित्व की असहमति, असमंजस और आधी-अधूरी आधुनिकता, तीनों झलकती हैं। यह अंग्रेज़ी वाक्यांश है, जिसे यशोधर हिंदी-भाषी, पहाड़ी परिवेश में तकिया-कलाम बनाकर बार-बार बोलते हैं; इससे उनकी आधी-अधूरी आधुनिकता झलकती है।
अंत में बेटे भूषण का भेंट किया ऊनी ड्रेसिंग गाउन पहनकर यशोधर की आँखें नम हो जाती हैं। एक अर्थ यह है कि बेटे ने दूध खुद लाने की बात नहीं कही; दूसरा यह कि गाउन पहनकर वे स्वयं वही अकेले किशनदा बन गए हैं।
यशोधर बाबू का चरित्र और 'समहाउ इंप्रापर': key facts
- यशोधर के चरित्र के पाँच पक्ष
- परंपरावादी
- सादगी-पसंद
- किशनदा के अनुकरणकर्ता
- रिश्तों के प्रति संवेदनशील
- द्वंद्वग्रस्त
- हर पक्ष के साथ एक घटना लिखें।
- 'समहाउ इंप्रापर' के तीन अर्थ
- नई चीज़ों से असहमति
- असमंजस और अनिश्चय
- आधी-अधूरी आधुनिकता का हास्य
- किसने, कब कहा, यह भी लिखें।
- कहानी की मूल संवेदना
- पीढ़ी का अंतराल
- हाशिए पर जाते मानवीय मूल्य
- परंपरा बनाम आधुनिकता
- खुशहाली बनाम अपनापन
- कथन: 'वह खुशहाली भी कैसी जो अपनों में परायापन पैदा करे'।
यशोधर बाबू का चरित्र और 'समहाउ इंप्रापर' in real life
The idea, met in an everyday situation. Answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.
पीढ़ी का अंतर
मान लीजिए एक दादाजी हर सुबह पुराने रेडियो पर समाचार सुनते हैं, जबकि उनके पोते-पोतियाँ फ़ोन पर वीडियो देखते हैं। दादाजी बार-बार कहते हैं, 'यह सब ठीक नहीं है', पर जब पोती उन्हें नया फ़ोन भेंट करती है तो उनकी आँखें नम हो जाती हैं।
इस स्थिति का कहानी के किस प्रसंग से मेल है?
Try it first, then show the solutionSolution
- 'ठीक नहीं है' = 'समहाउ इंप्रापर' की असहमति।
- भेंट पर आँखें नम होना = ड्रेसिंग गाउन पर यशोधर की नम आँखें।
- असहमति के भीतर स्नेह की स्वीकृति।
Answer: ड्रेसिंग गाउन का प्रसंग; असहमति के बाद भी भीतर स्नेह और अकेलेपन का भाव।
Memory hook: ऊपर असहमति, भीतर अपनापन।
आदर्श की अंधी नकल
मान लीजिए एक शिष्य अपने गुरु की हर बात, यहाँ तक कि घर न लेने की सलाह, बिना सोचे दोहराता है, जबकि गुरु का बुढ़ापा इसी कारण कठिन रहा।
यह यशोधर के किस व्यवहार से मेल खाता है?
Try it first, then show the solutionSolution
- गुरु की सलाह दोहराना = किशनदा का वाक्य दोहराना।
- परिणाम पर विचार न करना = डी.डी.ए. फ़्लैट न लेना।
Answer: 'मूरख लोग मकान बनाते हैं, सयाने उनमें रहते हैं' दोहराकर फ़्लैट न लेने से।
Memory hook: आदर्श मानो, पर आँख बंद करके नहीं।
Tricks to remember यशोधर बाबू का चरित्र और 'समहाउ इंप्रापर'
Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.
प-सा-अ-रि-द्वं
परंपरावादी, सादगी, अनुकरण, रिश्ते, द्वंद्व: यशोधर के पाँच पक्ष।
Use it when: चरित्र-चित्रण के उत्तर में।
तकिया-कलाम = मन की छुपी बात
जहाँ 'समहाउ इंप्रापर' आए, वहाँ यशोधर नई चीज़ से परेशान हैं पर पूरी तरह इनकार भी नहीं करते।
Use it when: प्रतीक वाले प्रश्न में।
यशोधर बाबू का चरित्र और 'समहाउ इंप्रापर': solved examples
Ordered from board level to HOTS. Try each one before you open the solution.
Example 1: तकिया-कलाम की पहचान · 1 mark · MCQBoard level
यशोधर बाबू का तकिया-कलाम क्या है?
(क) जो हुआ होगा
(ख) समहाउ इंप्रापर
(ग) अरली टू बैड
(घ) आई डू नाट माइंड
Try it first, then show the solutionSolution
- यशोधर नई, बदली बातों पर यह कहते हैं।
- 'जो हुआ होगा' किशनदा की मृत्यु के संदर्भ में आता है।
Answer: (ख) समहाउ इंप्रापर।
Example 2: जो हुआ होगा · 2 marks · Short answerHarder board level
'जो हुआ होगा' वाक्य किस प्रसंग में आता है और इसका क्या आशय है? (लगभग 40 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- प्रसंग: किशनदा की मृत्यु।
- आशय: मृत्यु का कारण अज्ञात, अनिश्चित।
Answer: यह वाक्य किशनदा की मृत्यु के संदर्भ में आता है। रिटायर होकर गाँव लौटे किशनदा बिना किसी बीमारी के साल भर में चल बसे; कारण पूछने पर यही उत्तर मिला। इसका आशय है कि मृत्यु का सही कारण अज्ञात है और वृद्ध जीवन के अकेलेपन की ओर संकेत है।
Example 3: समहाउ इंप्रापर का महत्त्व · 5 marks · Long answerHarder board level
'समहाउ इंप्रापर' का यशोधर बाबू के व्यक्तित्व से क्या संबंध है? कहानी के तीन प्रसंगों के साथ लिखिए (लगभग 100 शब्द)।
Try it first, then show the solutionSolution
- अर्थ: नई बातों से असहमति और असमंजस।
- प्रसंग: सिल्वर वैडिंग, केक, बेटी की शादी से इनकार या पत्नी का मॉड होना।
- निष्कर्ष: द्वंद्वग्रस्त व्यक्तित्व।
Answer: 'समहाउ इंप्रापर' यशोधर का तकिया-कलाम है, जो नई, बदली हुई बातों के प्रति उनकी असहमति और असमंजस दिखाता है। सिल्वर वैडिंग की पार्टी, केक काटना और बेटी का शादी से इनकार करना उन्हें अनुचित लगता है, और पत्नी का बच्चों के साथ आधुनिक होना भी। पर वे केक काटते भी हैं। इससे पता चलता है कि वे परंपरा से बँधे हैं, पर नए को पूरी तरह नकार नहीं पाते; यही उनका द्वंद्व है।
Example 4: किशनदा का प्रभाव · 5 marks · Long answerHarder board level
किशनदा की यशोधर के जीवन में क्या भूमिका थी? यशोधर के आचरण में उनका प्रभाव कहाँ-कहाँ दिखता है? (लगभग 100 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- भूमिका: शरण, रसोइया, उधार, नौकरी।
- प्रभाव: परंपराएँ, फिकरे, मकान न लेना।
- परिणाम और प्रश्न: किशनदा का अकेला बुढ़ापा।
Answer: किशनदा ने अनाथ-से यशोधर को दिल्ली में शरण दी, मैस का रसोइया बनाया, पचास रुपये उधार दिए और नौकरी लगवाई। यशोधर उन्हें 'मर्यादा पुरुष' मानते हैं और उनकी आदतों, फ़िकरों और हँसी की नकल करते हैं। होली गवाना, जनेऊ बदलवाना और 'मूरख लोग मकान बनाते हैं' के आधार पर डी.डी.ए. फ़्लैट न लेना उसी प्रभाव का परिणाम है। पर किशनदा का अकेला बुढ़ापा यह प्रश्न भी उठाता है कि क्या अंधी नकल उचित है।
Example 5: क्या यशोधर बाबू सहानुभूति के पात्र हैं? · 5 marks · Long answerHOTS / competency
यशोधर बाबू सहानुभूति के पात्र हैं या नहीं? कहानी के प्रसंगों के साथ अपना मत तर्क सहित लिखिए (लगभग 100 शब्द)।
Try it first, then show the solutionSolution
- पक्ष: अकेले पड़ते हैं, बच्चे सलाह नहीं लेते, मूल्य हाशिए पर।
- विपक्ष: अपनी ही सोच थोपते हैं, बदलाव की समझ नहीं।
- निष्कर्ष: संतुलित मत।
Answer: यशोधर बाबू काफ़ी हद तक सहानुभूति के पात्र हैं। रिश्तों, सादगी और सामूहिकता जैसे मूल्यों में विश्वास रखने के कारण वे बच्चों के बीच अकेले पड़ गए हैं; बच्चे उनसे सलाह तक नहीं लेते। पर वे भी अपनी सोच परिवार पर थोपते हैं और बदलाव को समझने की कोशिश कम करते हैं। इसलिए वे पूरी तरह दोषी नहीं, पूरी तरह निर्दोष भी नहीं; कहानी इसी दुविधा को दिखाती है।
Where students lose marks in यशोधर बाबू का चरित्र और 'समहाउ इंप्रापर'
The slips examiners see most often, and what to write instead.
Mistake: चरित्र की विशेषताएँ गिनाना, घटनाएँ न देना
5 अंक के उत्तर में हर विशेषता के साथ पाठ का प्रसंग चाहिए।
Wrong working
यशोधर परंपरावादी और सादगी-पसंद थे।
Right working
यशोधर परंपरावादी थे; वे होली गवाते और जनेऊ बदलवाते थे, और स्कूटर को बेहूदा सवारी मानते थे।
Do this: 'जैसे...' से घटना जोड़ें।
Usually costs: 2 अंक
Mistake: किशनदा को केवल आदर्श पात्र बताना
पाठ किशनदा के दुखी बुढ़ापे के सहारे अंधी नकल पर प्रश्न भी उठाता है।
Do this: भूमिका के साथ उनका अकेला अंत भी लिखें।
Usually costs: 1 अंक
Mistake: यशोधर को केवल अड़ियल बताना
वे द्वंद्वग्रस्त हैं और भीतर से संवेदनशील भी।
Do this: केक काटने और नम आँखों वाले प्रसंग जोड़ें।
Usually costs: 1 अंक
Mistake: तथ्य-त्रुटि: विवाह या वर्षगाँठ का वर्ष
पाठ में शादी की तारीख 6 फ़रवरी 1947 बताई गई है।
Do this: तारीख याद न हो तो 'पच्चीसवीं वर्षगाँठ' लिखें।
Usually costs: 1 अंक
Exam tips
- चरित्र-चित्रण में भूमिका, चार विशेषताएँ (प्रसंग सहित) और निष्कर्ष, यह ढाँचा रखें।
- 'समहाउ इंप्रापर' और 'जो हुआ होगा', दोनों के प्रसंग और अर्थ तैयार रखें।
- किशनदा का उत्तर उनकी भूमिका, प्रभाव और अकेले अंत, तीनों के साथ लिखें।
- लगभग 100 शब्द की सीमा का ध्यान रखें और बिंदुओं को एक अनुच्छेद में जोड़ें।
- पीढ़ी के अंतराल पर लिखते समय दोनों पक्षों को निष्पक्ष रखें।
Practice questions on यशोधर बाबू का चरित्र और 'समहाउ इंप्रापर'
Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.
Q1 · 1 mark · MCQBoard level
यशोधर बाबू की शादी की किस वर्षगाँठ की चर्चा कहानी में है?
(क) दसवीं
(ख) पंद्रहवीं
(ग) पच्चीसवीं
(घ) पचासवींHint
शीर्षक के 'सिल्वर' से जोड़ें।
Answer
(ग) पच्चीसवीं; शीर्षक के अनुसार यह सिल्वर वैडिंग है।
Q2 · 2 marks · Short answerBoard level
यशोधर बाबू घर देर से क्यों लौटते थे? दो कारण लिखिए (लगभग 40 शब्द)।
Hint
घर में मतभेद और अपनी दिनचर्या।
Answer
यशोधर घर में हर बात पर मतभेद होने के कारण देर से लौटते थे। दफ़्तर के बाद वे बिड़ला मंदिर जाते और पहाड़गंज से सब्ज़ी लेकर आठ बजे के बाद घर पहुँचते थे, जिससे वे बच्चों से आमना-सामना टालते थे।
Q3 · 5 marks · Long answerHarder board level
यशोधर बाबू और उनके बच्चों के दृष्टिकोण में अंतर के चार बिंदु पाठ के आधार पर लिखिए (लगभग 100 शब्द)।
Hint
परंपरा, पैसा, रिश्ते, निर्णय।
Answer
यशोधर परंपराओं में विश्वास रखते हैं; वे होली गवाते, जनेऊ बदलवाते हैं और पार्टी जैसी चीज़ों को 'समहाउ इंप्रापर' मानते हैं, जबकि बच्चे आधुनिकता अपनाते हैं। यशोधर सादगी चाहते हैं और स्कूटर को बेहूदा सवारी कहते हैं, बच्चे करियर और पैसे को महत्त्व देते हैं। यशोधर रिश्तेदारों के यहाँ जाते हैं, बच्चे इसे बेकार मानते हैं। यशोधर चाहते हैं कि बच्चे सलाह लें, पर बच्चे अपने निर्णय खुद लेते हैं।
Q4 · 5 marks · Long answerHarder board level
ड्रेसिंग गाउन पहनकर यशोधर की आँखें नम क्यों हो जाती हैं? दो संभावित कारण पाठ के आधार पर बताइए और अपना मत लिखिए (लगभग 100 शब्द)।
Hint
बेटे का स्नेह या किशनदा जैसा अकेलापन।
Answer
पहला संभावित कारण यह है कि बेटे ने गाउन देकर पिता का ध्यान रखा, ताकि वे सुबह फटा पुलोवर पहनकर दूध लेने न जाएँ; पर बेटे ने दूध खुद लाने की बात नहीं कही, इसलिए उन्हें दुख हुआ। दूसरा कारण यह है कि गाउन पहनकर यशोधर को लगता है कि वे भी किशनदा की तरह अकेले हो गए हैं। मेरे विचार से दोनों कारण मिलकर आँखें नम करते हैं: स्नेह की स्वीकृति और अकेलेपन का बोध।
Q5 · 5 marks · Long answerHOTS / competency
यदि यशोधर बाबू किशनदा की हर बात की नकल करने के बजाय अपनी सोच और परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लेते, तो कहानी के कौन-से प्रसंग बदल जाते? दो प्रसंग लिखकर अपना मत दीजिए (लगभग 100 शब्द)।
Hint
डी.डी.ए. फ़्लैट और बच्चों से संबंध।
Answer
तब वे डी.डी.ए. फ़्लैट लेने पर विचार करते, क्योंकि किशनदा का बेघर बुढ़ापा सामने था; इससे उनका अपना बुढ़ापा सुरक्षित रहता। बच्चों के साथ भी उनका संबंध सहज होता, क्योंकि वे हर बात को 'समहाउ इंप्रापर' कहने के बजाय संवाद करते। तब कहानी में पीढ़ी के टकराव की कटुता कम होती, पर कहानी का केंद्र, यानी आदर्श की अंधी नकल से उपजा द्वंद्व, कमज़ोर पड़ जाता।
Test your recall
Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.
1.यशोधर पंत किस पद पर हैं?Show answer
होम मिनिस्ट्री में सेक्शन ऑफ़िसर।
2.यशोधर के आदर्श कौन हैं?Show answer
किशनदा (कृष्णानंद पांडे)।
3.यशोधर का तकिया-कलाम क्या है?Show answer
'समहाउ इंप्रापर'।
4.भूषण ने पिता को पार्टी में क्या भेंट दिया?Show answer
ऊनी ड्रेसिंग गाउन।
5.यशोधर की शादी कब हुई थी, जैसा मेनन हिसाब लगाता है?Show answer
छह फ़रवरी 1947।
यशोधर बाबू का चरित्र और 'समहाउ इंप्रापर': frequently asked questions
'सिल्वर वैडिंग' के लेखक कौन हैं?
मनोहर श्याम जोशी, जो 'हम लोग' और 'बुनियाद' जैसे धारावाहिकों के लिए भी जाने जाते हैं।
कहानी का मूल विषय क्या है?
पीढ़ी का अंतराल और हाशिए पर जाते मानवीय मूल्य।
'जेनरेशनों में गैप तो होता ही है' कथन किसका है?
यशोधर बाबू का, जो स्वयं को दिलासा देने के लिए यह कहते हैं।
इस पाठ से बोर्ड में क्या पूछा जाता है?
वितान भाग 2 से 5 अंक के लगभग 100 शब्दों के प्रश्न: चरित्र-चित्रण, 'समहाउ इंप्रापर', किशनदा की भूमिका और मूल संवेदना।